अजमेर में 809 वां उर्स: दरगाह में बढ़ने लगी जायरीन की आवक, दरगाह कमेटी सहित पुलिस व प्रशासन इंतजाम में जुटे


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अजमेर19 मिनट पहले

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अजमेर ख्वाजा साहब की दरगाह के बाहर लगी जायरीनों की भीड़

  • चांद दिखाई देने पर 12 या 13 फरवरी से होगी उर्स की शुरूआत

अजमेर में ख्वाजा गरीब नवाज के 809 वें उर्स की शुरूआत चांद दिखाई देने पर 12 या 13 फरवरी से होगी। लेकिन सोमवार शाम बुलंद दरवाजे पर झंडा चढ़ने के साथ ही जायरीन की आवक बढ़ने लगी है। उर्स की विधिवत शुरूआत के बाद जायरीन की संख्या में और बढोतरी होगी। इसके लिए दरगाह कमेटी, पुलिस व प्रशासन की ओर से इंतजाम किए जा रहे है।

विश्राम स्थली पर की जा रही तैयारी

विश्राम स्थली पर की जा रही तैयारी

जरूरत के मुताबिक विश्राम स्थली पर तैयारी

उर्स में आने वाले जायरीन की संख्या पर इस बार कायड विश्राम स्थली में इंतजाम निर्भर करेंगे। प्रशासन ने यह तय किया है कि जितने जायरीन यहां पहुंचे , उसी हिसाब से शामियाने लगाए जाएं। विश्राम स्थली में स्थित बहू मंजिला डोर मेट्री की साफ सफाई के अलावा अन्य पक्के निर्माणों की भी साफ-सफाई कराई जा रही है। बरामदों में भी जायरीन को ठहराया जाएगा। जायरीन के लिए उर्स के दौरान नमाज अदा करने के लिए विश्राम स्थली में अलग से अस्थाई मस्जिद तैयार कराई जा रही है। बुजु खाना भी अलग रहेगा। यहां ठहरने वाले जायरीन यहीं पर नमाज अदा कर सकेंगे। विश्राम स्थली में सफाई और झाड़ियां हटाकर समतलीकरण का कार्य शुरू करवा दिया गया है। जेसीबी से यहां पर यह कार्य कराया जा रहा है। बिजली व पानी के लिए भी व्यवस्थाएं की जा रही है।

गरीब नवाज की दरगाह

गरीब नवाज की दरगाह

पास जारी होने पर ही कर सकेंगे जियारत

अजमेर ख्वाजा साहब के सालाना उर्स में आने वाले जायरीन को इस बार अपनी यात्रा की प्लानिंग और पहचान पत्र सहित अन्य जानकारी डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (DOITC) की वेबसाइट पर देनी होगी। उसके लिए खासतौर से वेबसाइट Ursfair2021.doitcajmer.in तैयार की है, जिस पर रजिस्ट्रेशन के बाद जारी होने वाले पास ही जायरीन दरगाह में प्रवेश कर सकेंगे। साथ ही कोरोना गाइड लाइन व धारा 144 की पालना भी करनी होगी।

दरगाह में जायरीन

दरगाह में जायरीन

चांद दिखाई देने पर होगी 12 से शुरूआत

अजमेर दरगाह के 809 वें उर्स की शुरूआत चांद दिखाई देने पर 12 या 13 फरवरी 2021 से हो जाएगी। चांद रात को को तड़के 4 बजे जन्नती दरवाजा खुल जाएगा। यदि शाम को रजब महीने का चांद नजर आ गया तो रात से ही उर्स की रस्मों का आगाज शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही प्रतिदिन मजार शरीफ को गुस्ल देने और महफिल की रस्मों का आगाज हो जाएगा। 19 फरवरी को गरीब नवाज की छठी होगी और इसी दिन कुल की रस्म के साथ उर्स का समापन होगा। जन्नती दरवाजा बंद कर दिया जाएगा।छठी के दिन ही इस बार जुमा भी आ रहा है। ऐसे में आशिकान-ए-ख्वाजा जुमे की नमाज भी छठी के दिन ही अदा करेंगे। बड़े कुल की रस्म 22 फरवरी को अदा की जाएगी। खुद्दाम-ए-ख्वाजा की ओर से बड़े कुल की फातिहा होगी और उर्स का विधिवत समापन हो जाएगा।

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