अपनों की तलाश: उत्तराखंड त्रासदी में राज्य के 15 लोग लापता, पावर प्रोजेक्ट में करते थे काम; परिजन बोले- सरकार मदद करे


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रांची14 घंटे पहले

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  • श्रम विभाग ने प्रभावितों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए
  • हेल्पलाइन नंबर- 0651- 2490055, 2490083, 2490037, 2490058, 2490052, 2490125
  • वाट्सएप नंबर- 9470132591, 9431336427, 9431336398, 9431336472, 9431336432

उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने से मची तबाही में झारखंड के 15 मजदूर लापता हैं। इनमें लाेहरदगा में बेटहट के 9 और रामगढ़ जिले में मगनपुर के 6 युवक शामिल हैं। हादसे के दाे दिन गुजरने के बाद भी उनका कुछ पता नहीं चल सका है। सभी 23 जनवरी को एनटीपीसी के पावर प्रोजेक्ट में काम करने उत्तराखंड गए थे। चमौली तपोवन में आए जल प्रलय के बाद से घरवालाें का उनसे संपर्क नहीं हाे रहा है। फोन स्विच ऑफ आ रहा है। अनहाेनी की आशंका जताते हुए से परिजनाें ने साेमवार काे जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार से मदद की गुहार लगाई है।

बेटहट के मनोज बाखला, संतोष बाखला, करमदास भगत ने बताया कि बेटे की कोई खबर नहीं मिल रही। समझ में नहीं आ रहा, क्या करें। अच्छी कमाई की बात कहते हुए लाेहरदगा के 9 युवकाें काे विक्की भगत उत्तराखंड ले गया था। झारखंड के श्रम विभाग ने उत्तराखंड आपदा में प्रभावितों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। इनमें वाट्सएप नंबर भी हैं।

परिजनों ने कहा – घर की दशा सुधारने गए थे, हालत बिगड़ गई

रामगढ़ में चोकाद गांव के निवासी बिरसाई महतो की शादी 7 वर्ष पूर्व हुई थी। बिरसाई के परिवार में पत्नी और पिता हैं। मिथिलेश महतो के घर पर पत्नी, एक बेटी और माता-पिता हैं। कुलदीप महतो की पत्नी, दो बच्चे और पिता हैं। युवकाें के परिजनाें ने कहा कि घर की हालत खराब है। परिवार के सदस्य मजदूरी कर भरण पोषण करते हैं। आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए बेटे उत्तराखंड गए थे।

सीएम बोले- परिजन घबराएं नहीं, राज्य सरकार हर संभव मदद करेगी

उत्तराखंड त्रासदी में लापता हुए झारखंड के लोगों के प्रति चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि झारखंड के जो भी श्रमिक वहां फंसे हैं तो उनके परिजन घबराएं नहीं। राज्य सरकार की ओर से हर संभव मदद की जाएगी। श्रम विभाग की ओर से जो हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं, परिजन उन नंबरों पर कॉल करें या वाट्सएप करें।

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