अब पूर्वी मोर्चे पर भी राफेल की तैनाती: अंबाल के बाद अब बंगाल के हाशिमारा बेस पर राफेल की दूसरी स्क्वाड्रन तैनात होगी, पायलटों की फ्रांस में ट्रेनिंग जारी


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नई दिल्ली7 मिनट पहले

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अब तक 11 राफेल विमान भारत आ चुके हैं। भारत को जुलाई के आखिर में 5 राफेल फाइटर जेट्स का पहला बैच मिला। दूसरी खेप में तीन नवंबर को तीन और तीसरी खेप में 27 जनवरी को तीन अन्य राफेल विमान भारत आए।

पंजाब के अंबाला के बाद अब पश्चिम बंगाल के हाशिमारा बेस पर राफेल की दूसरी स्क्वाड्रन तैनात होगी। वायुसेना के अधिकारियों के मुताबिक, इसी साल अप्रैल महीने तक तैनाती का काम पूरा कर लिया जाएगा। वायुसेना ने यह भी बताया कि फ्रांस में लड़ाकू पायलटों का प्रशिक्षण लगभग उसी समय पूरा होगा। यह उत्तर बंगाल में चीन-भूटान ट्राइजंक्शन के करीब है।

अब तक 11 राफेल भारत आए
भारत को जुलाई के आखिर में 5 राफेल फाइटर जेट्स का पहला बैच मिला। दूसरी खेप में तीन नवंबर को तीन और तीसरी खेप में 27 जनवरी को तीन अन्य राफेल विमान भारत आए।अब तक 11 राफेल विमान भारत आ चुके हैं। मार्च तक छह और राफेल भारत को मिल जाएंगे, ऐसे में इसकी कुल संख्या 17 हो जाएगी। यह जानकारी राज्यसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक सवाल के जवाब में दी थी। उन्होंने बताया था कि अप्रैल 2022 तक भारत को पूरे राफेल मिल जाएंगे।

राफेल की डील और भारत में डिलीवरी
भारत ने फ्रांस के साथ 2016 में 59 हजार करोड़ रुपए में 36 राफेल जेट की डील की थी। इनमें 30 फाइटर जेट और 6 ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट होंगे। ट्रेनर जेट्स टू सीटर होंगे और इनमें भी फाइटर जेट जैसे सभी फीचर होंगे। भारत को जुलाई के आखिर में 5 राफेल फाइटर जेट्स का पहला बैच मिला। 27 जुलाई को 7 भारतीय पायलट्स ने राफेल लेकर फ्रांस से उड़ान भरी और 7,000 किमी का सफर तय कर 29 जुलाई को भारत पहुंचे थे। 2019 में दशहरे पर राफेल जब भारत को सौंपे गए थे, तब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फ्रांस में हिंदू रीति रिवाज से शस्त्र पूजा करते हुए राफेल पर ‘ओम’ बनाकर नारियल चढ़ाया और धागा बांधा था। इस पूजा पर विपक्ष ने सवाल खड़े किए थे।

17 गोल्डन एरो स्क्वाड्रन में शामिल हुए राफेल
पिछले साल 10 सितंबर को राफेल फाइटर जेट की अम्बाला स्थित 17 गोल्डन एरो स्क्वॉड्रन में औपचारिक एंट्री हुई थी। यह दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई। 17 साल बाद देश का कोई रक्षा मंत्री अम्बाला एयरफोर्स स्टेशन पर किसी बड़े समारोह में शामिल हुआ है। इससे पहले अगस्त 2003 में एनडीए सरकार में रक्षा मंत्री रहे जॉर्ज फर्नांडिस ने 73 की उम्र में अम्बाला से मिग-21 बाइसन में उड़ान भरी थी।

17 साल पहले जॉर्ज फर्नांडिस ने अम्बाला में मिग-21 उड़ाया था
अगस्त 2003 में एनडीए सरकार में रक्षा मंत्री रहे जॉर्ज फर्नांडिस ने 73 की उम्र में मिग-21 बाइसन में उड़ान भरी थी। उस वक्त मिग-21 हादसों में लगातार पायलटों की मौत की होने की वजह से सरकार पर सवाल उठने लगे थे। इन विमानों को ‘फ्लाइंग कोफिन’ तक कहा जाने लगा था।

अम्बाला में तब मिग-21 की कोबरा स्क्वाड्रन तैनात थी। जॉर्ज फर्नांडिस ने कोबरा स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर विंग कमांडर एन हरीश के साथ उड़ान भरी थी। करीब 25 मिनट की उड़ान के बाद उन्होंने इस विमान की जबरदस्त तारीफ करते हुए इसे रियल फाइटिंग मशीन बताया था।

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