अब 3 घंटे में मिलेगी कोरोना रिपोर्ट: ICMR ने सलाइन गार्गल RT-PCR टेस्ट को मंजूरी दी, कोरोना मरीज खुद कलेक्ट कर सकेंगे अपना सैंपल


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नई दिल्ली19 मिनट पहले

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कोरोना से जुड़ी रिसर्च के क्षेत्र में भारत को एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। नागपुर की नेशनल इनवायरमेंट इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (NEERI) ने कोरोना टेस्ट का आसान तरीका ढूंढ लिया है। इससे 3 घंटे में ही बेहद आसानी से कोरोना टेस्ट किया जा सकेगा। इसे सलाइन गार्गल RT-PCR टेस्ट नाम दिया गया है। इसका मतलब है नमक के पानी से गरारे के जरिए कोरोना की जांच। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने शनिवार को इसे अप्रूवल दे दिया है।

यह प्रोसेस बिल्कुल आसान, तेज और मरीज के लिए आरामदायक है। ग्रामीण इलाकों के लिए ये काफी फायदेमंद साबित होगी। NEERI के वायरोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. कृष्णा खैरनार ने बताया कि ये प्रोसेस काफी आसान है। आमतौर पर लोगों को RT-PCR टेस्ट के लिए स्वैब के नमूने देने घंटों लाइन में लगना पड़ता है। इसके बाद स्वैब के नमूने को इकट्‌ठा करके लैब तक पहुंचाने में भी समय लगता है। इसके उलट सलाइन गार्गल RT-PCR टेस्ट में तुरंत ही सैंपल दिया जा सकता है और रिजल्ट भी 3 घंटे में ही आ जाता है।

मरीज किस तरह ले सकता है सैंपल?

  • इसके लिए एक सामान्य सैंपल कलेक्शन ट्यूब की जरूरत होती है।
  • मरीज को सलाइन वॉटर से गरारे करने के बाद उसे ट्यूब में डालना होता है।
  • सैंपल को कमरे के तापमान पर NEERI द्वारा तैयार किए गए विशेष घोल में रखा जाता है।
  • घोल को गर्म करने पर एक RNA टेम्प्लेट तैयार होती है।
  • इसे RT-PCR के लिए प्रोसेस किया जाता है।
  • RNA के एक्सट्रेक्शन की दूसरी प्रक्रिया के मुकाबले ये बेहद सस्ती है।
  • इस प्रोसेस के बाद वेस्टेज बेहद कम निकलता है। ये पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है।

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