अब FB ने भी फॉलो की गाइडलाइन: फेसबुक ने अपनी वेबसाइट पर शिकायत अधिकारी का नाम पब्लिश किया, कहा- यूजर्स ई-मेल कर सकते हैं


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नई दिल्ली7 मिनट पहले

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FB ने अपनी वेबसाइट पर ग्रिवांस अधिकारी स्पूर्ति प्रिया का नाम पब्लिश किया है।

केंद्र सरकार ने मार्च में सोशल मीडिया के लिए गाइडलाइंस जारी की थीं। इसमें सबसे अहम नियम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म द्वारा भारत में शिकायत अधिकारी की नियुक्त करना था। फेसबुक ने अब इस गाइडलाइंस को फॉलो करते हुए देश में अपने शिकायत अधिकारी की नियुक्ति का ऐलान किया है। FB ने अपनी वेबसाइट पर ग्रेवांस अधिकारी स्पूर्ति प्रिया का नाम पब्लिश किया है।

FB ने कहा है कि स्पूर्ति से यूजर्स ई-मेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा फेसबुक इंडिया में पोस्ट के जरिए भी यूजर्स अपनी शिकायतें भेज सकते हैं। फेसबुक के अलावा वॉट्सऐप ने ग्रेवांस अफसर के तौर पर परेश बी लाल का नाम अपनी वेबसाइट पर पब्लिश किया था। गूगल ने भी अपनी वेबसाइट को अपडेट किया था ताकि ग्रेवांस अफसर की नियुक्ति के फैसले को रिफ्लेक्ट किया जा सके।

सोशल मीडिया के लिए सरकार की गाइडलाइंस

  • सभी सोशल मीडिया भारत में अपने 3 अधिकारियों, चीफ कॉम्प्लायंस अफसर, नोडल कॉन्टैक्ट पर्सन और रेसिडेंट ग्रेवांस अफसर नियुक्त करें। ये भारत में ही रहते हों। इनके कॉन्टैक्ट नंबर ऐप और वेबसाइट पर पब्लिश किए जाएं।
  • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ये भी बताएं कि शिकायत दर्ज करवाने की व्यवस्था क्या है। अधिकारी शिकायत पर 24 घंटे के भीतर ध्यान दें और 15 दिन के भीतर शिकायत करने वाले को बताएं कि उसकी शिकायत पर एक्शन क्या लिया गया और नहीं लिया गया तो क्यों नहीं लिया गया।
  • ऑटोमेटेड टूल्स और तकनीक के जरिए ऐसा सिस्टम बनाएं, जिसके जरिए रेप, बाल यौन शोषण के कंटेंट की पहचान करें। इसके अलावा इन पर ऐसी इन्फॉर्मेशन की भी पहचान करें, जिसे पहले प्लेटफॉर्म से हटाया गया हो। इन टूल्स के काम करने का रिव्यू करने और इस पर नजर रखने के लिए भी पर्याप्त स्टाफ हो।
  • प्लेटफॉर्म एक मंथली रिपोर्ट पब्लिश करें। इसमें महीने में आई शिकायतों, उन पर लिए गए एक्शन की जानकारी हो। जो लिंक और कंटेंट हटाया गया हो, उसकी जानकारी दी गई हो।
  • अगर प्लेटफॉर्म किसी आपत्तिजनक जानकारी को हटाता है तो उसे पहले इस कंटेंट को बनाने वाले, अपलोड करने वाले या शेयर करने वाले को इसकी जानकारी देनी होगी। इसका कारण भी बताना होगा। यूजर को प्लेटफॉर्म के एक्शन के खिलाफ अपील करने का भी मौका दिया जाए। इन विवादों को निपटाने के मैकेनिज्म पर ग्रेवांस अफसर लगातार नजर रखें।

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