अयोध्या में बनने वाली मस्जिद को दिया दान टैक्स फ्री: आयकर विभाग ने 9 महीने बाद 80-G के तहत छूट दी, लेकिन नक्शे की फाइल अटकी; मंदिर ट्रस्ट को पहले से राहत


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अयोध्या6 मिनट पहले

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अब तक दान स्वरूप 20 लाख रुपए आए। दानदाताओं में हिन्दू भी शामिल।

उत्तर प्रदेश के अयोध्या के धन्नीपुर मस्जिद प्रोजेक्ट के लिए दिया जाने वाला दान 80G के तहत टैक्स फ्री होगा। आयकर विभाग ने इसके लिए मस्जिद प्रोजेक्ट को रजिस्टर्ड कर लिया है। इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन (IICF) के सचिव अतहर हुसैन के मुताबिक शुक्रवार को मस्जिद ट्रस्ट को यह आदेश मिल चुका है। अब मस्जिद के लिए ट्रस्ट दान स्वीकार किए जाएंगे।

IICF ने इसके लिए पहला आवेदन 9 माह पहले किया था। उसके बाद ही यह फैसला किया गया है। इतने विलंब को लेकर मस्जिद ट्रस्ट ने विरोध भी जताया था।

हालांकि राम जन्मभूमि ट्रस्ट के कार्यालय प्रभारी प्रकाश गुप्ता के मुताबिक तीन महीने के भीतर ही आयकर विभाग ने 80G के तहत छूट प्रदान कर दी थी। इसका कारण यह था कि ट्रस्ट के कागजात समय पर तैयार कर लिए गए थे।

वहीं फाउंडेशन के अध्यक्ष जफर फारूकी ने कहा कि उन्होंने पिछले साल एक सितंबर को आयकर कानून की धारा 80जी के तहत कर में छूट के लिए आवेदन किया था। यह आवेदन 21 जनवरी को खारिज कर दिया गया था। उन्होंने 3 फरवरी को फिर से आवेदन किया और 10 मार्च तक सवालों के जवाब दिए।

राम मंदिर निर्माण के लिए भी दी गई थी इसी तरह की छूट
पिछले साल अयोध्या में राम मंदिर के लिए भी इसी तरह की छूट दी गई थी। अतहर हुसैन ने कहा कि उन्हें शुक्रवार को इसे मंजूरी देने वाला प्रमाण पत्र मिला है। हुसैन के मुताबिक, अब तक 20 लाख रुपए मिल चुके हैं। हमने दान के लिए कोई अभियान शुरू नहीं किया है। सभी शुभचिंतकों ने स्वेच्छा से दान दिया है। जिसमें हिंदू समुदाय के कई लोग शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि अब लोगों से दान की अपील की जाएगी। नक्शा पास कराने के लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण में जमा कर दिया गया है।

राम मंदिर के लिए 3 महीने के भीतर ही आयकर विभाग ने 80G के तहत छूट प्रदान कर दी थी। इसका कारण यह था कि ट्रस्ट के कागजात समय पर तैयार कर लिए गए थे।

राम मंदिर के लिए 3 महीने के भीतर ही आयकर विभाग ने 80G के तहत छूट प्रदान कर दी थी। इसका कारण यह था कि ट्रस्ट के कागजात समय पर तैयार कर लिए गए थे।

ऑनलाइन-ऑफलाइन मोड में अटका मस्जिद का नक्शा
इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ट्रस्ट ने अयोध्या के धन्नीपुर में मस्जिद परियोजना के नक्शे की ड्राइंग अयोध्या विकास प्राधिकरण को सौंप दिया है। लेकिन इसे पास करने में नया पेंच आ गया है।विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह ने बताया कि ऑनलाइन नक्शा नहीं जमा होने के कारण ऑफलाइन नक्शा पास करने के लिए निवेदन किया गया है। शासन के बिना अनुमति के ऑफलाइन नक्शा पास नहीं हो सकता।

अयोध्या विकास प्राधिकरण से ऑफलाइन नक्शा पास किये जाने के लिए प्रदेश सरकार को फाइल भेजी जा रही है। शासन से अनुमति मिलने के बाद नक्शे की कितनी फीस होगी का आकलन होगा।उन्होंने बताया जैसे राम मंदिर के नक्शे में कार्रवाई हुई वैसी ही मस्जिद के नक्शे में की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत धन्नीपुर में सरकार द्वारा आबंटित 5 एकड़ भूमि पर एक मस्जिद और अन्य सुविधाएं विकसित की जानी हैं।

मस्जिद के भीतर बन रहा 300 बेड का अस्पताल​
आईआईसीएफ के ट्रस्टी कैप्टन अफजाल अहमद खान ने अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की और अयोध्या मस्जिद ट्रस्ट की प्रस्तावित परियोजना के बारे में जानकारी दी।

जिसमें 300 बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, एक हजार लोगों को खाना तैयार करने वाली सामुदायिक रसोई व एक अनुसंधान केंद्र जो स्वतंत्रता सेनानी शहीद मौलवी अहमदुल्ला शाह के नाम अनुसंधान केंद्र व मस्जिद शामिल हैं। मस्जिद में एक बार में दो हजार नमाजियों को समायोजित करने की क्षमता रहेगी।

उन्होंने बताया कि ग्यारह सेटों में नक्शे अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह को सौंपे गए हैं। ट्रस्ट ने मानचित्र की स्वीकृति के लिए प्रोसेसिंग फीस के रूप में 89 हजार रुपये भी जमा करा दिए गए हैं।

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