अवैध खनन पर वैध का पट्‌टा: बजरी के लिए जो जमीनें लीज पर लीं, वहां नाममात्र खनन लूणी नदी समेत आसपास की 10 गुना ज्यादा जमीनें खोद डालीं


जयपुर28 मिनट पहलेलेखक: आनंद चौधरी

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इन 159 लीज में कुल 319.39 हेक्टेयर जमीन बजरी खनन के लिए स्वीकृत है। मगर हकीकत में इससे करीब 3 गुना ज्यादा यानी 1011.73 हेक्टेयर भूमि पर अवैध बजरी खनन हो रहा है।

  • भास्कर इन्वेस्टिगेशन; 7 जिलों की 159 लीज खंगालीं; यहां बजरी के लिए 319 हेक्टेयर की मंजूरी, पर 1011 हेक्टेयर में अवैध खनन
  • निजी खातेदारी लीज की आड़ में नदी की खुदाई
  • इन जिलों में लीज की पड़ताल;अजमेर, नागौर, जोधपुर, पाली, जालोर, बाड़मेर,सिरोही

राजस्थान में निजी खातेदारी जमीनों की आड़ में मनमाना और बेतहाशा अवैध बजरी खनन किया जा रहा है। भास्कर ने 7 जिलों में बजरी के लिए स्वीकृत 255 खातेदारी लीज में से 159 की पड़ताल की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।

मसलन, इन 159 लीज में कुल 319.39 हेक्टेयर जमीन बजरी खनन के लिए स्वीकृत है। मगर हकीकत में इससे करीब 3 गुना ज्यादा यानी 1011.73 हेक्टेयर भूमि पर अवैध बजरी खनन हो रहा है। इसमें सबसे ज्यादा हिस्सा लूणी नदी का है। जबकि प्रदेश में नदियों में बजरी खनन पर रोक लगी है।

अवैध खनन की बड़ी वजह ये है कि ज्यादातर आवंटित पट्‌टों में बजरी है ही नहीं और खनन विभाग के अधिकारी कभी मौके पर जाकर इसे चेक नहीं करते हैं। इसलिए निजी खातेदारी की लीज में आड़ में पास की नदी में अवैध खनन फलफूल रहा है। उदाहरण के लिए बलखाड़ी, गढ़ेसरा, सिणधरी और बाड़मेर में 10 स्वीकृत लीज हैं, जिनका क्षेत्रफल 17 हेक्टेयर है। मगर नदी में 201 हेक्टेयर में अवैध खनन चल रहा है। भास्कर ने एक्सपर्ट्स के साथ 159 लीज की सेटेलाइट इमेज और मौके की वर्तमान एरियल इमेज के साथ मैपिंग की।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में प्रदेश में नदियों में बजरी खनन पर रोक लगा दी थी। मगर 2019 में प्रदेश सरकार ने 11 जिलों में निजी खातेदारी पर 255 और सिवायचक पर 16 बजरी खनन के पट्‌टे जारी कर दिए। यहीं से अवैध खनन का खेल शुरू हुआ।

पहली बार; सेटेलाइट इमेज और एरियल फोटो के जरिए दिखा रहा है अवैध बजरी खनन की हकीकत, खनन विभाग के लिए ये सारे सबूत जुटाना मुश्किल नहीं है… भास्कर के पास सबूत हैं, हमसे ले जाइए और कार्रवाई कीजिए

खनन विभाग के अफसर इन दोनों तस्वीरों को गौर से देख लें।

खनन विभाग के अफसर इन दोनों तस्वीरों को गौर से देख लें।

खातेदारी की जमीन पर (येलो बार्डर में)... यहीं कर सकते हैं खनन।

खातेदारी की जमीन पर (येलो बार्डर में)… यहीं कर सकते हैं खनन।

जोधपुर-पाली हाइवे पर कांकाणी गांव के पास लूणी नदी आसमान से कंकाल जैसी नजर आती है। इसके पास खातेदारी भूमि पर 3.99 हेक्टेयर की एक लीज है, लेकिन नदी में अवैध खनन 85 हेक्टेयर से भी ज्यादा है। भास्कर ने 159 लीज की सेटेलाइट इमेज और मौके की वर्तमान एरियल इमेज के साथ कॉर्डिनेट मैपिंग की। एक-एक लीज का अध्ययन किया, जिसमें खनन और उसके तय क्षेत्रफल के बाहर का क्षेत्र स्पष्ट हुआ। संभवतया अवैध खनन पर इस तरह का अध्ययन पहली बार किसी मीडिया ने किया है।

भास्कर टीम ने पुष्कर से जसोल होते हुए गुढ़ामलानी तक लूणी नदी में देखे लीज की आड़ में अवैध बजरी खनन के सबूत

आलनियावास, नागौर
कुल स्वीकृत लीज : 4
कुल क्षेत्रफल : 8.48 हेक्टेयर
अवैध खनन : 15.50 हेक्टेयर

बलखाड़ी, गढ़ेसरा, सिणधरी, बाड़मेर
कुल स्वीकृत लीज : 10
कुल क्षेत्रफल : 17 हेक्टेयर
अवैध खनन: 201.03 हेक्टेयर

लुंगिया और आखावास नागौर
कुल स्वीकृत लीज : 4
कुल क्षेत्रफल : 6.48 हैक्टेयर
अवैध खनन : 70 हैक्टेयर

कीरों की ढाणी, झिंटिया,रोहिसा

कुल स्वीकृत लीज : 19 कुल क्षेत्रफल : 35.32 हैक्टेयर अवैध खन : 37.61 हेक्टेयर

किटनोद, बाड़मेर

कुल स्वीकृत लीज : 2 क्षेत्रफल : 4 हैक्टेयर अवैध खनन : 8.27 हैक्टेयर

शोभावास, भीमसेन, बालोतरा
कुल स्वीकृत लीज : 2
कुल क्षेत्रफल : 2.94 हैक्टेयर
अवैध खनन : 16 हैक्टेयर

बिठूजा, बाड़मेर
कुल स्वीकृत लीज : 1
कुल क्षेत्रफल : 2 हैक्टेयर
अवैध खनन : 16.8 हैक्टेयर

कनाणा, बाड़मेर
कुल स्वीकृत लीज : 5
कुल क्षेत्रफल : 9.72 हैक्टेयर
अवैध खनन : 67.5 हैक्टेयर

कोटड़ी, जालोर
कुल स्वीकृत लीज : 4
कुल क्षेत्रफल : 6.21 हैक्टेयर
अवैध खनन : 7.01 हैक्टेयर

रामपुरा, ढींढस, जालोर
कुल स्वीकृत लीज : 13
कुल क्षेत्रफल : 26.15 हैक्टेयर
अवैध खनन : 30.5 हैक्टेयर

शिकारपुरा, जोधपुर
कुल स्वीकृत लीज : 1
कुल क्षेत्रफल : 3.99 हैक्टेयर
अवैध खनन : 60 हैक्टेयर

कृष्णखेड़ा, जोधपुर
कुल स्वीकृत लीज : 10
कुल क्षेत्रफल : 14.29
अवैध खनन : 24.14 हैक्टेयर

जसनगर, नागौर
कुल स्वीकृत लीज : 1
कुल क्षेत्रफल : 3.13 हैक्टेयर
अवैध खनन : 25 हैक्टेयर

सूरियास, नागौर
कुल स्वीकृत लीज : 1
कुल क्षेत्रफल : 1.66
अवैध खनन : 3.73 हैक्टेयर

भास्कर टीम के सहयोगी : माइनिंग और सेटेलाइट इमेजरी एक्सपर्ट प्रदीप सिंह शेखावत और किशोर कुमावत

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