आंदाेलन किसानाें का: माेर्चे पर नेता, 3 घंटे एनएच-33 जाम, थमीं रहीं 125 बसें; झारखंड में किसानों का कोई भी सक्रिय संगठन नहीं


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जमशेदपुर18 घंटे पहले

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  • केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों काे वापस लेने की मांग पर चक्का जाम
  • टाटा-रांची, चाईबासा, बोकारो, धनबाद, बंगाल जाने वाली बसों का परिचालन प्रभावित

केंद्र सरकार के तीन कृषि कानून काे वापस लेने की मांग काे लेकर शनिवार काे जमशेदपुर सहित झारखंड के कई शहराें में चक्का जाम रहा। यह आंदाेलन ताे किसानाें का था लेकिन माेर्चे पर सिर्फ राजनेता और कार्यकर्ता ही दिख रहे थे। सभी हाथाें में पार्टियाें का झंडा था। एनएच-33 पर तीन घंटे तक जाम में सैकड़ों बसों का परिचालन प्रभावित हुआ। अधिकतर बसें रास्ते में फंसी रहीं, मानगो बस स्टैंड से 125 बसों को विलंब से छोड़ा।

टाटा-रांची, बहरागोड़ा, चाईबासा, झींकपानी, बोकारो, धनबाद, बंगाल जाने वाली बसों का परिचालन प्रभावित रहा। वहीं, शहर से छपरा व सीवान जाने वाली बसें विलंब से गईं। जाम के चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जाम को देख जिला पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किया था। एनएच पर पुलिस को तैनात किया था।

नेताओं ने ढाई से 3 घंटे सड़काें को जाम रखा

सड़क जाम

सड़क जाम

उधर, रांची के बूटी माेड़, दुर्गा साेरेन चाैक, रातू में एनएच 75 और चान्हाे व बुंडू में जाम का खासा असर दिखा। जाम से बूटी माेड़ पर ही दाे किमी लंबा जाम लग गया। महज 400 लाेगाें ने 5000 से अधिक गाड़ियाें का रास्ता राेक दिया। बंद के दाैरान कृषि मंत्री बादल पत्रलेख और झामुमाे नेत्री महुआ माजी अपने समर्थकाें के साथ बूटी माेड़ पहुंचे और सड़क पर बैठ गए। जाम में एंबुलेंस भी फंसी रही, बाद में प्रशासन के समझाने के बाद उन्हें रास्ता दिया गया। अन्य वाहन फंसे रहे।

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