आईवीएफ से दो बेटियों को दिया था जन्म: आंध्रप्रदेश की येरामत्ती 73 की उम्र में दुनिया की सबसे उम्रदराज मां बनी थीं, लेकिन आज बच्चों को अकेले पाल रहीं


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12 मिनट पहले

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येरामत्ती की दोनों बेटियां रमा तुलसी और उमा तुलसी का जन्म 5 सितंबर 2019 को हुआ था। वे बताती हैं, ‘पहली बार दोनों को गोद में लेने का अहसास बेहद खूबसूरत था। अब मुझे चिंता है कि मेरे बाद इनका क्या होगा, कौन देखभाल करेगा।

  • पति की 84 साल की उम्र में पिछले साल हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है

येरामत्ती मंगायाम्मा 2019 में दुनिया की सबसे उम्रदराज मां बनी थीं, जब उन्होंने 73 साल की उम्र में आईवीएफ के जरिए जुड़वा बेटियों को जन्म दिया था। लेकिन अब वे दोनों बच्चियों को अकेले पाल रही हैं। उनके पति राजा (84) की हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है। येरामत्ती कहती हैं, ‘वे (पति) सिर्फ 12 महीने तक ही बेटियों के साथ रह पाए, लेकिन उन्होंने पिता होने का पूरा सुख लिया। हम दोनों शादी के बाद से ही बच्चे चाहते थे, हमने डॉक्टर से बात भी की लेकिन जब मैं 40 साल की थी, तभी साफ हो गया कि मैं मां नहीं बन सकती।

ये काफी तकलीफदेह था।’ राजा और येरामत्ती की शादी 1962 में हुई थी। येरामत्ती अब 75 साल की हो गई हैं। उस वक्त को याद करते हुए वह बताती हैं कि तब लगा जैसे मेरे लिए सारे दरवाजे बंद हो गए। हमने बच्चा गोद भी लेना चाहा लेकिन ये हो न सका। 2018 में उन्हें पता चला कि आईपीएफ तकनीक के जरिए 30 साल की एक महिला ने बच्चे को जन्म दिया है। वे कहती हैं, ‘मैंने पहले कभी इसके बारे में नहीं सुना था लेकिन सब जानना चाहती थी।

मैं डॉक्टर के पास गई। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया थोड़ी जटिल है लेकिन मैं अपनाना चाहती थी।’ 2019 में इस दंपती को डॉक्टर ने कन्फर्म किया कि येरामत्ती मां बन सकती हैं। इसी साल येरामत्ती ने दो जुड़वा बेटियों को जन्म दिया। अक्टूबर 2020 में पति राजा की मौत हो गई। तभी से येरामत्ती दोनों बच्चियों की अकेले परवरिश कर रही हैं।

येरामत्ती को अब चिंता है-उनके बाद बेटियों का क्या होगा

येरामत्ती की दोनों बेटियां रमा तुलसी और उमा तुलसी का जन्म 5 सितंबर 2019 को हुआ। वे बताती हैं, ‘पहली बार दोनों को गोद में लेने का अहसास बेहद खूबसूरत था। हम कुछ हफ्तों तक अस्पताल में ही रहे। डॉक्टर ने स्तनपान कराने से मना किया था। इससे मेरे शरीर में दिक्कतें बढ़ सकती थीं इसलिए मैंने मिल्क बैंक का उपयोग किया। आज दोनों बेटियों को बड़ा होते देखना सबसे सुखद है। लेकिन मुझे चिंता है कि मेरे बाद इनका क्या होगा, कौन देखभाल करेगा।’

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