आजादी का अमृत महोत्सव आज से: नमक सत्याग्रह के 91 साल पूरे होने पर साबरमती आश्रम से PM मोदी करेंगे शुभारंभ; दांडी मार्च निकलेगा, 81 लोग 386 किमी की यात्रा करेंगे


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अहमदाबाद/ नई दिल्ली6 मिनट पहले

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केंद्र सरकार ने 12 मार्च 2021 से 15 अगस्त 2022 तक ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ मनाने की घोषणा की है। कार्यक्रम के तहत 15 अगस्त 2022 तक देश के 75 स्थानों पर कई तरह के आयोजन होंगे।

केंद्र सरकार ने 12 मार्च 2021 से 15 अगस्त 2022 तक ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ मनाने की घोषणा की है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नमक सत्याग्रह के 91 वर्ष पूरे होने पर 12 मार्च से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के साबरमती आश्रम से अमृत महोत्सव की शुरुआत करेंगे। इस दिन प्रधानमंत्री दांडी मार्च यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे। मार्च में शामिल 81 लोग 386 किलोमीटर की पदयात्रा कर 5 अप्रैल को दांडी पहुंचेंगे।

केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने बताया कि 12 मार्च को अहमदाबाद के साबरमती आश्रम से नवसारी के दांडी तक 81 लोग पैदल यात्रा करेंगे। इसमें प्रधानमंत्री, गृह मंत्री समेत कई गणमान्य लोग शामिल होंगे।

अमृत महोत्सव का उद्देश्य क्या है?
दरअसल, अगले साल देश की आजादी के 75 साल पूरे हो जाएंगे। इसी क्रम में 75 हफ्ते पहले शुक्रवार से अमृत महोत्सव शुरू हो रहा है। कार्यक्रम में 15 अगस्त 2022 तक देश के 75 स्थानों पर कई तरह के आयोजन होंगे। इसमें युवा पीढ़ी को 1857 से 1947 के बीच चले स्वतंत्रता संग्राम की जानकारी देने, आजादी के 75 वर्ष में देश के विकास और आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक विश्वगुरु भारत की तस्वीर दिखाई जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार ने गजट नोटिफिकेशन भी जारी किया है। इसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को शामिल किया गया है।

क्या है दांडी मार्च या नमक सत्याग्रह?
नमक सत्याग्रह या दांडी मार्च भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इस आंदोलन ने अंग्रेजी हुकूमत को हिलाकर रख दिया था। महात्मा गांधी ने 12 मार्च 1930 को 78 सत्याग्रहियों के साथ अहमदाबाद के साबरमती आश्रम से नवसारी जिले के दांडी गांव के लिए पैदल कूच किया था। रास्ते में दो सत्याग्रही और शामिल हो गए थे।

महात्मा गांधी ने 12 मार्च 1930 को 81 सत्याग्रहियों के साथ अहमदाबाद के साबरमती आश्रम से नवसारी जिले के दांडी गांव के लिए पैदल कूच किया था।

महात्मा गांधी ने 12 मार्च 1930 को 81 सत्याग्रहियों के साथ अहमदाबाद के साबरमती आश्रम से नवसारी जिले के दांडी गांव के लिए पैदल कूच किया था।

अंग्रेजों के नमक कानून के विरोध में गांधीजी ने दांडी मार्च कर 6 अप्रैल 1930 को सांकेतिक रूप से नमक बनाकर अंग्रेजी कानून को तोड़ा था, जिसके बाद उन्हें सत्याग्रहियों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया था। इस आंदोलन ने अंग्रेजों की नींद उड़ा दी थी।

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