आपके काम की 3 बड़ी खबरें: पढ़ाई, नौकरी और शिक्षकों के तबादले को लेकर सीबीएसई व बिहार सरकार का फैसला


  • Hindi News
  • National
  • CBSE And Bihar Government’s Decision Regarding Studies, Jobs And Transfer Of Teachers

नई दिल्ली7 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

16 अगस्त से 15 सितंबर के बीच 10वीं व 12वीं के प्राइवेट छात्रों की परीक्षाएं होंगी।

सीबीएसई ने बुधवार को कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई नीति के अनुसार 16 अगस्त से 15 सितंबर, 2021 के बीच निजी श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए परीक्षाएं आयोजित करेगा। सीबीएसई ने कहा, यूजीसी और सीबीएसई सभी छात्रों के हितों को देख रहे हैं और यूजीसी इन छात्रों के परिणाम के आधार पर विश्वविद्यालयों के प्रवेश कार्यक्रम को चरणबद्ध करेगा जैसा कि यूजीसी द्वारा 2020 में किया गया था। गौरतलब है कि प्राइवेट छात्रों के मुद्दे पर सर्वोच्च न्यायालय में भी चर्चा की गई थी।

नियमित व प्राइवेट छात्रों में अंतर

नियमित छात्र

जो छात्र और छात्राएं सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में पढ़ रहे हैं और पहली बार 10वीं या 12वीं कक्षा की परीक्षा दे रहे हैं। स्कूलों के पास वर्तमान वर्ष के दौरान स्कूलों द्वारा किए गए मूल्यांकन का उनका रिकॉर्ड है।
प्राइवेट छात्र

जो पहले सीबीएसई में नियमित छात्र थे और पहले या दूसरे प्रयास में उत्तीर्ण नहीं हो पाए या सुधार के लिए फिर से बोर्ड की परीक्षा में बैठना चाहते हैं। कुछ वैसे भी उम्मीदवार जिन्हें पत्राचार के तहत पढ़ाई की अनुमति मिली है।

सरकार ने रोक हटाई, कोरोना के कारण बंद नौकरी और प्रवेश परीक्षाएं अब होंगी

राज्य सरकार के आयोगों, पर्षद, बोर्डों एवं अन्य समतुल्य संस्थानों द्वारा नियुक्ति एवं विभिन्न व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश व चयन के लिए प्रतियोगिता परीक्षाओं का आयोजन होगा। प्रतियोगिता परीक्षाओं का आयोजन कोविड अनुकूल व्यवहार एवं एसओपी के साथ ही होगा। इस संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश और एसओपी शिक्षा विभाग जारी करेगा। गृह विभाग ने इस बाबत आदेश जारी कर दिया है। राज्य में फिलहाल अनलॉक 4 लागू है।

गृह विभाग ने जारी किया आदेश

11वीं से ऊपर के संस्थान खुले

अनलॉक 4 के दिशा-निर्देश के अनुसार विश्वविद्यालय, कॉलेज, तकनीकी शिक्षण संस्थान तथा ग्यारहवीं से बारहवीं कक्षा तक के स्कूल खोलने की इजाजत दी गयी है। कुल छात्रों की 50 प्रतिशत उपस्थिति ही मान्य है।
टीकाकरण होगा

सरकार ने सभी सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को भी 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ खोलने की छूट दी है। स्वास्थ्य विभाग संस्थानों में टीकाकरण की भी व्यवस्था करेगा।

रिक्त पदों पर ट्रांसफर नहीं होगा, पटना से जितने जाएंगे उतने ही शिक्षक आएंगे

पंचायत व नगर निकायों के माध्यम से बहाल शिक्षकों के स्थानांतरण की नई नियमावली लागू हो गई है, पर इसका फायदा बहुत कम लोगों मिलेगा। शिक्षकों के खाली पद ट्रांसफर से नहीं भरे जाएंगे। यानी जिन 1.21 लाख पदों पर फिलवक्त नियुक्ति हो रही है, वह सीटें ट्रांसफर लिस्ट शामिल नहीं हैं। महिला व दिव्यांग शिक्षकों की वरीयता निर्धारण में भी भ्रांति है। दिव्यांग शिक्षक भी उसी पद पर स्थानांतरित होंगे, जिस पर उनकी नियुक्ति हुई है। एक शिक्षक तीन स्थानों का ही अधिकतम विकल्प दे पाएंगे।

खबरें और भी हैं…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *