आरोप: लांबा ने कहा -महिलाओं को न्याय दिलवाने को लेकर सीएम की कथनी और करनी में फर्क


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नई दिल्ली7 घंटे पहले

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अलका लांबा

  • दिल्ली सरकार से सहयोग के आभाव में दम तोड़ रही है फास्ट ट्रैक कोर्ट
  • 55 फास्ट ट्रैक कोर्ट में एक वकील लड़ रहा 6500 महिलाओं का केस

दिल्ली कांग्रेस की ओर से सोमवार को पूर्व विधायक अलका लांबा और प्रदेश महिला अध्यक्ष अमृता धवन ने पत्रकार वार्ता कर महिला सुरक्षा को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को निशाने पर लेते हुए कहा कि महिलाओं को न्याय दिलवाने को लेकर केजरीवाल की कथनी और करनी में फर्क है।

अलका लांबा ने कहा कि महिलाओं को दुष्कर्म जैसे मामले में जल्दी न्याय दिलवाने के लिए बनाई गई फास्ट ट्रैक कोर्ट को दिल्ली सरकार का साथ नहीं मिल रहा है। केजरीवाल अपने घोषणा पत्र के वादे के खिलाफ काम कर रहें है। लांबा ने कहा कि दिल्ली की 55 फास्ट ट्रैक कोर्ट में आज की तारीख में 2 लाख 40 हजार महिला उत्पीड़न के मामले न्याय के लिए लम्बित पड़े हैं।

आप ने 47 फास्ट ट्रैक कोर्ट का किया था वादा
अल्का लांबा ने कहा कि दिल्ली प्रोसिक्यूटर वेलफेयर एसोसिएशन की दिल्ली उच्च न्यायालय में फास्ट ट्रैक कोर्ट अपील के बाद मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल द्वारा वकीलों की नियुक्तियों को गैर जरुरी बताकर निरस्त करने की प्रदेश कांग्रेस कमेटी निंदा करती है। उन्होंने कहा कि आप महिला मामलों पर बहाने बनाना बंद करे क्योंकि कोर्ट दिल्ली सरकार के अंतर्गत है इसलिए न्याय दिलाना सरकार का काम है।

दिल्ली प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष अमृता धवन ने कहा कि निर्भया मामले में सहानुभूति प्राप्त करके दिल्ली की सत्ता में आई आम आदमी पार्टी ने राजधानी में महिला उत्पीड़न के प्रतिदिन होने वाली वारदातों पर पूरी तरह असंवेदनशील व्यवहार अपना रखा है।

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने चुनावी घोषणा पत्र में 47 फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करने का वायदा किया था और 6 महीने में पीड़ितों को न्याय दिलाने की बात कही थी, जिसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट को दो शिफ्टों में चलाने का भी वायदा किया था।

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