इतिहास में आज: देश की पहली गैर-कांग्रेसी सरकार के सीएम नंबूदरीपाद का निधन, केरल ने चुनी थी दुनिया की दूसरी डेमोक्रेटिक कम्युनिस्ट सरकार


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17 मिनट पहले

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आज ही के दिन 19 मार्च 1998 को वामपंथी नेता EMS नंबूदरीपाद का निधन हुआ। वो केरल और देश के पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री थे। 1957 में जब वो केरल के मुख्यमंत्री बने, तब तक दुनिया में सिर्फ एक जगह रिपब्लिक ऑफ सान मैरिनो ही ऐसी थी, जहां लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई कम्युनिस्ट सरकार थी। इसके अलावा जहां भी कम्युनिस्ट सरकारें थीं, वो सिंगल पार्टी सिस्टम के जरिए सत्ता में आई थीं।

देश के सबसे बड़े कम्युनिस्ट नेताओं में शामिल एलमकुलम मनक्कल शंकरन यानी EMS नंबूदरीपाद का जन्म 13 जून 1909 को केरल के मलप्पुरम जिले में हुआ था। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत जाति-प्रथा के खिलाफ आंदोलन से की थी। उन्होंने ‘नंबूदरी को इंसान बनाओ’ का नारा देकर ब्राह्मणों के लोकतंत्रीकरण की मुहिम चलाई। जबकि वे खुद इसी जाति से थे। EMS उन लोगों में शामिल थे जिन्होंने भाषा के आधार पर राज्यों के पुनर्गठन की मांग की।

1957 में नंबूदरीपाद केरल के मुख्यमंत्री बने। उनकी सरकार देश की पहली गैर-कांग्रेसी सरकार थी। वो देश के पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री थे। उनकी सरकार ने भूमि और शिक्षा क्षेत्र में कई अहम कदम उठाए, लेकिन 1959 में केंद्र की जवाहरलाल नेहरू सरकार ने संविधान की धारा 356 का इस्तेमाल करके उनकी सरकार को बर्खास्त कर दिया। कहते हैं कि नंबूदरीपाद सरकार की बढ़ती लोकप्रियता से नेहरू घबरा गए थे, इसलिए उनकी सरकार ने धारा 356 का दुरुपयोग किया। 1967 में नंबूदरीपाद दूसरी बार केरल के मुख्यमंत्री बने। इस बार भी उनका कार्यकाल दो साल का ही रहा।

नंबूदरीपाद 1962 में पहली बार कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव बने थे। 1964 में पार्टी CPI और CPM नाम से दो धड़ों में टूट गई। इसके बाद वो CPM में रहे। 1977 में वे CPM के महासचिव बने और 15 साल तक इस पद पर रहे। अपने अंतिम दिनों में भी वो पूरी तरह सक्रिय थे। 1998 के लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने जमकर पार्टी का प्रचार किया। 19 मार्च, 1998 को उनका निधन हो गया।

19 मार्च 1972 को भारत-बांग्लादेश के बीच ऐतिहासिक संधि हुई। इसके लिए इंदिरा 17 मार्च को ही बांग्लादेश पहुंच गई थीं। 17 मार्च को शेख मुजीबुर रहमान का जन्मदिन भी था।

19 मार्च 1972 को भारत-बांग्लादेश के बीच ऐतिहासिक संधि हुई। इसके लिए इंदिरा 17 मार्च को ही बांग्लादेश पहुंच गई थीं। 17 मार्च को शेख मुजीबुर रहमान का जन्मदिन भी था।

भारत-बांग्लादेश के बीच दोस्ती के रिश्ते की नई शुरुआत हुई

1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद एक नया देश बांग्लादेश अस्तित्व में आया। इसके अस्तित्व में आने के महज चार महीने के भीतर आज ही के दिन 1972 में उसकी भारत से ऐतिहासिक संधि हुई। इस संधि में शांति, सहयोग, उपनिवेशवाद की निंदा और गुटनिरपेक्षता का जिक्र था। इसके साथ ही दोनों देशों ने एक दूसरे को कला, साहित्य और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग करने का भी वादा किया। इस संधि के बाद दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग का एक नया दौर शुरू हुआ।

देश-दुनिया में 19 मार्च की अन्य महत्वपूर्ण घटनाएं इस प्रकार हैं-

1998: अटल बिहारी वाजपेयी ने दूसरी बार देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।

1984: एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता का जन्म हुआ। 2005 से 2009 के बीच उन्होंने आशिक बनाया आपने, भागमभाग और ढोल जैसी फिल्में की।

1982: भारतीय स्वाधीनता सेनानी जेबी कृपलानी का निधन हुआ।

1982: अर्जेंटीना ने दक्षिणी जॉर्जिया में झंडा फहराया।

1970: पूर्वी और पश्चिमी जर्मनी के नेता 1949 में जर्मनी के विभाजन के बाद पहली बार मिले।

1944: आजाद हिंद फौज ने पूर्वोत्तर भारत में राष्ट्रध्वज फहराया।

1939: हास्य अभिनेता जगदीप का मध्य प्रदेश के दतिया में जन्म हुआ। शोले फिल्म के अपने रोल की वजह से वो सूरमा भोपाली के नाम से भी मशहूर थे।

1915: पहली बार प्लूटो की तस्वीर ली गई। उस समय प्लूटो ग्रह नहीं था। 1930 में इसे सौरमंडल का 9वां ग्रह मान लिया गया। 2006 में इसे ग्रह की जगह ड्वॉर्फ प्लैनेट माना गया।

1877: क्रिकेट इतिहास के पहले टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 45 रन से हराया।

1279: मंगोलों ने चीन के सांग वंश का अंत किया।

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