इतिहास में आज: पहली बोलती फिल्म का फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखने 6 घंटे पहले पहुंच गई थी भीड़, काबू करने के लिए पुलिस को लाठियां भी चलानी पड़ीं


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3 मिनट पहले

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भारतीय सिनेमा के लिए आज का दिन बेहद खास है। आज ही के दिन ठीक 90 साल पहले भारतीय सिनेमा की पहली सवाक यानी बोलती फिल्म रिलीज हुई थी। इस फिल्म का पहला शो मुंबई के मैजेस्टिक सिनेमा में 14 मार्च 1931 को दिखाया गया।

ये फिल्म एक राजकुमार और एक बंजारन लड़की की प्रेम कथा थी। जो जोसफ डेविड के लिखे एक पारसी नाटक पर आधारित थी। अर्देशिर ईरानी के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में मास्टर विट्ठल, जुबैदा, जिल्लो, सुशीला और पृथ्वीराज कपूर ने किरदार अदा किए थे।

इस फिल्म में 7 गाने थे और इसी फिल्म का ‘दे दे खुदा के नाम पे’ भारतीय सिनेमा का पहला सॉन्ग माना जाता है, जिसे वजीर मोहम्मद खान ने गाया था। फिल्म के बाकी गाने ‘बदला दिलवाएगा या रब…, ‘रूठा है आसमान…’, ‘तेरी कातिल निगाहों ने मारा…’, ‘दे दिल को आराम…’, ‘भर भर के जाम पिला जा…’, और ‘दरस बिना मारे है…’ थे।

124 मिनट की इस फिल्म को इम्पीरियल मूवीटोन नाम की प्रोडक्शन कंपनी ने प्रोड्यूस किया था। दुर्भाग्य से अब इस फिल्म का एक भी प्रिंट नहीं बचा है। अगर अब आप इस फिल्म को देखना चाहें तो नहीं देख सकते हैं।

अब इस फिल्म से जुड़ी कुछ रोचक बातें। 14 मार्च को जब ये फिल्म रिलीज हुई तो पहले ही दिन इसके टिकट लोगों ने ब्लैक में 50-50 रुपए में खरीदे थे। जो उस जमाने में काफी बड़ी रकम हुआ करती थी। शो 3 बजे शुरू होना था, पर लोग सवेरे 9 बजे ही मैजेस्टिक सिनेमा के बाहर जमा हो गए थे। भीड़ को बेकाबू होता देख उस पर नियंत्रण करने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी थी। पुलिस ने दर्शकों को कंट्रोल करने के लिए लाठियां भी चलाई थीं।

ये वो दौर था जब महिलाओं का फिल्मों में काम करना अच्छा नहीं माना जाता था। इसलिए एक्ट्रेस जुबैदा को शुरू में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। जुबैदा की दो बहनें सुल्ताना और शहजादी भी एक्ट्रेस थीं। जुबैदा गुजरात के नवाब सिद्दी इब्राहीम की बेटी थीं। जुबैदा ने देवदास (1937) और मेरी जान जैसी पॉपुलर फिल्मों में काम किया।

देश-दुनिया में 14 मार्च को इन घटनाओं के लिए भी याद किया जाता हैः

2018: ब्लैक होल पर काम करने वाले वैज्ञानिक और अ ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम: फ्रॉम दि बिग बैंग टू ब्लैक होल किताब लिखने वाले स्टीफेन हॉकिन्स का निधन। हॉकिन्स कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में सैद्धांतिक भौतिक विज्ञान और गणित के प्रोफेसर थे। शारीरिक विकलांगता के बावजूद उन्होंने ब्रह्मांड विज्ञान के क्षेत्र में कई अहम सिद्धांत दिए।

2013: शी जिनपिंग चीन के राष्ट्रपति बने। जिनपिंग इससे पहले पांच साल चीन के उप-राष्ट्रपति भी रहे थे।

2004: व्लादिमीर पुतिन लगातार दूसरी बार रूस के राष्ट्रपति बने। 1999 में उन्होंने तत्कालीन राष्ट्रपित बोरिस येल्तसिन की जगह ली थी।

1998: सोनिया गांधी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष बनीं। 16 दिसंबर 2017 तक लगातार 19 साल इस पद पर रहीं।

1987: फिजी में रक्तहीन सैनिक क्रान्ति के बाद सरकार का तख्तापलट हुआ।

1965: फिल्म अभिनेता आमिर खान का जन्म हुआ। आमिर पहली बार 1973 में यादों की बारात फिल्म में बाल कलाकार के रूप में नजर आए थे। ग्यारह साल बाद 1984 में आई होली उनकी पहली फिल्म थी। उन्हें कयामत से कयामत तक से इंडस्ट्री में पहचान मिली।

1963: स्वतंत्रता सेनानी, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता जयनारायण व्यास का निधन।

1939: स्लोवाकिया ने आजादी की घोषणा की।

1883: जर्मन दार्शनिक, अर्थशास्त्री, इतिहासकार, राजनीतिक सिद्धांतकार, समाजशास्त्री कार्ल मार्क्स का निधन।

1879: सापेक्षता का सिद्धांत और द्रव्यमान एवं ऊर्जा का संबंध (E= mc2) बताने वाले महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन का जन्म हुआ।

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