उत्तराखंड त्रासदी: ग्लेशियर झारखंड के 15 परिवारों पर पहाड़ बनकर टूटा, किसी का पति तो किसी का एकलौता बेटा लापता


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रामगढ़/लोहरदगा2 मिनट पहले

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  • NTPC के पावर प्रोजेक्ट में काम करने उत्तराखंड गए युवकों के घरों में मातम पसरा हुआ है

उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने से मची तबाही में झारखंड के 15 मजदूर लापता हैं। हादसे के 3 दिन बाद भी उनका कुछ पता नहीं चल पाया है। इनमें लाेहरदगा में बेटहट के 9 और रामगढ़ जिले के मगनपुर के 6 युवक शामिल हैं। हादसे के दाे दिन गुजरने के बाद भी उनका कुछ पता नहीं चल सका है। बेटहट से NTPC के पावर प्रोजेक्ट में काम करने उत्तराखंड गए युवकों के घरों में मातम पसरा हुआ है। किसी का बेटा तो किसी का पति लापता होने से परिजन खुद को अब बेसहारा मान रो रहे हैं।

बेटहट से NTPC के पावर प्रोजेक्ट में काम करने गए लोगों में रविंद्र उरांव (23), ज्योतिष बाखला (29), नेमहस बाखला (20), सुनिल बाखला (27), उर्वानुस बाखला (49), दीपक कुजूर (22), विक्की उरांव (30), प्रेम उरांव (29) शामिल हैं। परिजनों ने अनहाेनी की आशंका जताते हुए परिजनाें ने साेमवार काे जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार से मदद की गुहार लगाई है।

करीब 6 हजार अबादी वाले बेटहट गांव में ज्यादातर परिवार खेती पर ही निर्भर है। खेती कर सालभर के खाने का इंतजाम करते हैं। वहीं, कुछ घरों की आर्थिक स्थिति ज्यादा खराब होने पर लोग दूसरे प्रदेशों में काम करने जाते हैं। इनमें से ही उत्तराखंड में लापता इन 9 लोगों का भी परिवार है।

उर्वानुस बाखला की पत्नी प्रमिला बाखला।

उर्वानुस बाखला की पत्नी प्रमिला बाखला।

त्रासदी में लापता उर्वानुस बाखला की पत्नी प्रमिला बाखला ने बताया कि उनके पति के भरोसे ही घर चल रहा है। उनके लापता हो जाने से बड़ी समस्या सामने आ गई है। दो बेटियाें की शादी करनी है। ये जिंदगी पहाड़ से लगने लगी है।

ज्योतिष बाखला की मां दवलेन बाखला।

ज्योतिष बाखला की मां दवलेन बाखला।

वहीं, ज्योतिष बाखला की मां दवलेन बाखला का रो-रोकर बुरा हाल है। वो कहतीं हैं कि उनका एकमात्र बेटा ज्योतिष ही है। उसके लापता होने के बाद से मन बहुत घबरा रहा है। वही तो मेरा एक सहारा है।

रविंद्र उरांव के बड़े भाई शशि उरांव।

रविंद्र उरांव के बड़े भाई शशि उरांव।

इधर, रविंद्र उरांव के बड़े भाई शशि उरांव का कहना है कि बहन की शादी करनी है। ऐसे में रविंद्र कमाने के लिए उत्तराखंड गया था। हादसे की सूचना टीवी पर मिली तो मैंने मां-पिताजी को बताया। वो टीवी देख रोने लगे। अब तक रविंद्र का कुछ पता नहीं चल पाया। हम उत्तराखंड में लगातार ठेकेदार से बात कर रहे हैं।

कुलदीप महतो की पत्नी हेमंती देवी अपनी दोनों बच्चियों के साथ।

कुलदीप महतो की पत्नी हेमंती देवी अपनी दोनों बच्चियों के साथ।

रामगढ़ में चोकाद गांव के निवासी कुलदीप महतो भी इस त्रासदी में लापता हो गए हैं। उसकी पत्नी हेमंती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। इनकी दो बेटियां हैं। हेमंती देवी ने बताया कि हादसे के एक दिन पहले मेरे भाई की उनसे फोन पर बात हुई थी। जब मैंने बात करने के लिए फोन लिया तो उन्होंने यह कहते हुए कॉल काट दिया कि ड्यूटी पर आ गया हूं। बाद में बात करूंगा।

चोकाद गांव के निवासी बिरसाई महतो की शादी 7 वर्ष पूर्व हुई थी। बिरसाई के परिवार में पत्नी और पिता हैं। मिथिलेश महतो के घर पर पत्नी, एक बेटी और माता-पिता हैं। युवकाें के परिजनाें ने कहा कि घर की हालत खराब है। परिवार के सदस्य मजदूरी कर भरण पोषण करते हैं। आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए बेटे उत्तराखंड गए थे।

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