एंटीलिया केस में CCTV से खुलासा: सचिन वझे और मनसुख 17 फरवरी को CST स्टेशन के बाहर मिले थे; जांच एजेंसियों को शक- मनसुख ने तभी स्कॉर्पियो की चाबी वझे को सौंपी


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मुंबई5 मिनट पहले

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CCTV फुटेज से कैप्चर की गई इस इमेज में मनसुख हिरेन (रेड सर्कल में) सचिन वझे की ऑडी में बैठते दिख रहे हैं।

  • मनसुख हिरेन की स्कॉर्पियो में विस्फोटक रखकर उसे मुकेश अंबानी के घर के बाहर पार्क किया गया था
  • 5 मार्च को मनसुख का शव खाड़ी में मिला था, जांच एजेंसियों को शक- मुंबई पुलिस के निलंबित API सचिन वझे ने हत्या करवाई

एंटीलिया केस और मनसुख हिरेन की मौत के मामले की कड़ियां जोड़ने वाला एक CCTV फुटेज सामने आया है। इसमें दिख रहा है कि 17 फरवरी को सचिन वझे और मनसुख की मुलाकात हुई थी। CCTV फुटेज CST रेलवे स्टेशन के बाहर का है। अब जांच एजेंसियों का मानना है कि इस मुलाकात के दौरान ही मनसुख ने स्कॉर्पियो की चाबी वझे को सौंप दी थी।

बता दें कि 17 फरवरी को ही मनसुख ने स्कॉर्पियो चोरी होने की शिकायत की थी। यह वही स्कॉर्पियो थी, जिसमें विस्फोटक रखकर मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के सामने पार्क की गई थी।

अभी जो CCTV फुटेज सामने आए हैं उनमें दिख रहा है कि एक सफेद रंग की कार CST रेलवे स्टेशन के बाहर रुकती है। कार से मनसुख हिरेन उतरते हैं। वहीं दूसरे फुटेज में सचिन वझे की नीले रंग की ऑडी दिख रही है जो ट्रैफिक सिग्नल पर रुकती है जिसमें मनसुख हिरेन बैठ जाते हैं।

वझे के साजिश का सूत्रधार होने के पुख्ता सबूत मिले
NIA के सूत्रों के मुताबिक इस बात के पुख्ता सबूत मिले हैं कि अंबानी के घर के बाहर विस्फोटक से भरी स्कॉर्पियो रखने की साजिश सचिन वझे ने ही रची थी। यह गाड़ी 25 फरवरी की रात मुकेश अंबानी के घर के बाहर पार्क की गई थी। इसमें जिलेटेन की 20 रॉड पाई गई थीं। इस स्कॉर्पियो के पीछे जो इनोवा कार CCTV में दिखी थी वह क्राइम इन्वेस्टिगेशन यूनिट (CIU) की ही थी और उसे CIU का पुलिसकर्मी ही चला रहा था। NIA की जांच में यह साफ हो गया है कि वझे ही स्कॉर्पियो चला कर ले गए और उसे पार्क करने के बाद निकल कर इनोवा में बैठ कर फरार हुए।

वझे ने कहा था- जब मनसुख लापता हुए तब वे डोंगरी में थे
सचिन वझे ने अपनी जमानत अर्जी में कहा था कि उन्हें फंसाने के लिए FIR दर्ज की गई। मनसुख हिरेन जब लापता हुए और उनकी कथित रूप से हत्या कर दी गई, उस समय वे (वझे) दक्षिण मुंबई के डोंगरी में थे। सचिन वझे ने गिरफ्तारी से एक दिन पहले यानी 12 मार्च को ठाणे सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी लगाई थी। इसमें वझे ने कहा कि महाराष्ट्र ATS द्वारा दर्ज की गई FIR आधारहीन और उद्देश्यहीन है। FIR में किसी व्यक्ति का नाम नहीं है। हालांकि, तब अदालत ने उनकी अर्जी पर फैसला नहीं दिया था।

सबूत मिटाने के लिए मनसुख को रास्ते से हटाया
ATS से जुड़े सूत्रों के मुताबिक अंबानी के घर के बाहर विस्फोटक से भरी स्कॉर्पियो पार्क करने की साजिश वझे ने रची थी। उसकी इस साजिश का मुख्य गवाह मनसुख था। मनसुख ने वझे को इस पूरी साजिश में मदद भी की थी। इस मामले की जांच NIA को सौंप दी गई तो वझे ने राज खुलने के डर से एक और साजिश रची। उसने मनसुख की हत्या की योजना बनाई और 4 मार्च की रात 8.30 बजे सस्पेंड सिपाही विनायक शिंदे के जरिए मनसुख को बुलाया गया।

हाथ-मुंह बांधकर जिंदा ही खाड़ी में फेंक दिया था
5 मार्च को मुंब्रा के रेती बंदर स्थित खाड़ी (समुद्र) में मनसुख की लाश मिली थी। सूत्रों के मुताबिक मनसुख का मुंह और हाथ बांधकर उसे जिंदा ही खाड़ी में फेंक दिया गया। ATS से पहले ही NIA को मनसुख की हत्या के अहम सबूत मिल गए थे। केंद्रीय गृह मंत्रालय के मनसुख मामले की जांच NIA को सौंपने के कुछ ही घंटों में ATS ने दो लोगों को गिरफ्तार कर मामले को सुलझा लेने का दावा किया था।

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