एंटीलिया विस्फोटक केस: एंटीलिया विस्फोटक केस: सचिन वझे के घर की हुई तलाशी, NIA ने सीन को किया रिक्रिएट; कुछ अन्य अधिकारियों से जल्द पूछताछ संभव


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मुंबईएक मिनट पहले

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यह तस्वीर तब की है जब सचिन वझे को जांच के लिए NIA ऑफिस से ठाणे ले जाया जा रहा था।

उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया से कुछ दूरी पर बरामद हुई जिलेटिन से भरी स्कॉर्पियो कार के मामले में NIA और कार के मालिक मनसुख हिरेन की मौत मामले में महाराष्ट्र ATS की जांच तेजी से चल रही है। माना जा रहा है कि जल्द ही दोनों केस का खुलासा हो सकता है। इस बीच विस्फोटक बरामदगी मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) देर शाम निलंबित सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वझे को ठाणे लेकर गई और वहां कई जगहों पर सीन रिक्रिएशन किया गया।

ठाणे में ही स्कॉर्पियो में विस्फोटक भर कर अंबानी के घर के बाहर पार्क करने का षड्यंत्र रचा गया था। यहीं से फर्जी नंबर प्लेट भी बनवाए गए थे। देर रात तक NIA की दो टीमें वझे के घर की तलाशी लेती रही। उनकी सोसाइटी के लोगों से भी पूछताछ की गई है। वझे के घर से NIA ने कई दस्तावेज भी बरामद किए हैं।

कुछ और पुलिस अधिकारियों से पूछताछ जल्द

सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में संयुक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम) मिलिंद भारंबे और पुलिस उपायुक्त (क्राइम) प्रकाश जाधव का बयान भी एनआईए की टीम दर्ज करेगी। एनआईए यह जानना चाहती है कि किसके कहने पर सचिन वझे को स्कॉर्पियो मामले की जांच सौंपी गयी थी। एनआईए भारंबे व जाधव के बयान को काफी अहम मान रही है। सूत्रों के मुताबिक मुंबई पुलिस आयुक्त के पद से हटाए गए परमबीर सिंह के निर्देश पर वझे को इस मामले की जांच सौंपी गयी थी। ऐसे में जांच की आंच परमबीर सिंह तक भी पहुंच सकती है। उन्हें इस बात का जवाब देने होगा कि ज्यूरिडिक्शन नहीं होने के बावजूद सचिन वझे को क्यों यह मामला सौंपा गया।

वझे के कहने पर ही उनकी सोसाइटी से जब्त हुआ था CCTV फुटेज
NIA सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सचिन वझे ने ही अपने साथ काम करने वालों को अपनी सोसाइटी के CCTV फुटेज जब्त करने का आदेश दिया था। उनके कहने पर ही API काजी ने सोसाइटी के लोगों को लैटर लिखा था। CCTV नष्ट करने का आदेश भी वझे ने ही दिया था। वह अपना रिकॉर्ड क्लियर करना चाहता था।

साजिश के सूत्रधार की जांच

मुंबई पुलिस की सीआईयू के प्रभारी रहे वझे को इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। वझे ने पूरी साजिश किसके इशारे पर रची ? एनआईए इसकी जांच कर रही है। सहकर्मी सहायक पुलिस निरीक्षक रियाज काजी समेत कई पुलिसकर्मी वझे के साथ साजिश में शामिल थे या नहीं इसकी भी जांच चल रही है। जल्द ही इस मामले में कुछ और लोगों के गिरफ्तार होने की संभावना है।

मनसुख की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भ्रम की स्थिति बनी

मनसुख की फॉरेंसिक डायटॉम रिपोर्ट भी सामने आ चुकी है। रिपोर्ट में मनसुख के फेफड़े में पानी भरने की बात कही जा रही है। ऐसे में मामले में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है। बताया गया है कि इससे पहले कलवा स्थित छत्रपति शिवाजी अस्पताल में हुए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में फेफड़े में पानी भरने का जिक्र नहीं हुआ था। ये दोनों रिपोर्ट एक दूसरे से अलग हैं और कानूनी लड़ाई के दौरान बड़ा पेंच फंसा सकती है।

क्या भेद खुलने के डर से हुई मनसुख की हत्या?

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एंटीलिया केस में सचिन वझे की संलिप्तता मिलने के बाद महाराष्ट्र ATS अब इन एंगल से मामले की जांच कर है।

  • क्या भेद खुलने के डर से मनसुख हिरेन की हत्या की गई थी?
  • क्या वझे ने इस षड्यंत्र में पहले मनसुख को शामिल किया और भेद खुलने के डर से मनसुख की हत्या कर दी गयी?
  • क्या मनसुख पैसों के लालच में पहले इस खेल का हिस्सा बना और फिर डर की वजह से उसने आत्महत्या कर ली?
  • क्या मनसुख सिर्फ एक मोहरा था और उससे दोस्ती के बहाने सचिन वझे ने अपने मकसद के लिए इस्तेमाल किया?

नागराले ने कहा-मुंबई पुलिस नाजुक हाल में
इस बीच इस मामले में बुधवार को महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को उनके पद से हटा दिया। उनकी जगह 1987 बैच के अधिकारी हेमंत नगराले को नया कमिश्नर नियुक्त किया है। पदभार संभाल संभालने के बाद नागराले ने कहा, “मुंबई पुलिस बेहद नाजुक हालात से गुजर कर रही है।”

नागराले ने आगे ने कहा, “वर्तमान में, मुंबई पुलिस कुछ बुरी घटनाओं के कारण अशांति के दौर से गुजर रही है। मैं चल रही जांच पर टिप्पणी नहीं करूंगा। हम मुंबई पुलिस के गौरव और ख्याति को फिर से प्राप्त करेंगे।” उन्होंने कहा, “हम कानून के अनुसार काम करेंगे और मैं सभी अधिकारियों को निर्देश दूंगा कि वे कानून द्वारा अपने कर्तव्यों का पालन करें।”

क्या है पूरा मामला?

25 फरवरी को दक्षिण मुंबई के पैडर रोड स्थित एंटीलिया के बाहर विस्फोटक से भरी एक स्कॉर्पियो गाड़ी खड़ी मिली थी। 24 फरवरी की मध्य रात 1 बजे यह गाड़ी एंटीलिया के बाहर खड़ी की गई थी। दूसरे दिन गुरुवार को इस पर पुलिस की नजरें गईं और कार से 20 जिलेटिन की रॉड बरामद की गई थीं। इसी मामले में बाद में CIU के हेड रहे सचिन वझे को अरेस्ट किया गया था।

5 मार्च को इस स्कॉर्पियो के मालिक मनसुख हिरेन का शव बरामद हुआ था। कुछ दिन पहले ही मनसुख ने इस गाड़ी के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसके बाद महाराष्ट्र ATS ने मनसुख की हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू जारी है।

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