एंटीलिया विस्फोटक केस: मुंबई पुलिस का इंस्पेक्टर सुनील माने बर्खास्त, सचिन वझे का साथ देने के आरोप में NIA ने अरेस्ट किया था


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मुंबई5 मिनट पहले

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मुंबई पुलिस के इंस्पेक्टर सुनील माने को 23 अप्रैल को अरेस्ट किया गया था। -फाइल फोटो।

मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया से 300 मीटर दूर मिली विस्फोटक से भरी स्कॉर्पियो कार के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 23 अप्रैल को मुंबई पुलिस के इंस्पेक्टर सुनील माने को गिरफ्तार किया था। ज्यूडिशियल कस्टडी में चल रहे माने को मंगलवार को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया है। माने पर इस मामले के मुख्य आरोपी बर्खास्त असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर सचिन वझे के गलत कामों में साथ देने का आरोप है।

मुंबई पुलिस के प्रवक्ता ने कहा कि माने की सेवा समाप्त करने का आदेश मुंबई के पुलिस आयुक्त हेमंत नागराले ने जारी किया है। कमिश्नर के आदेश में लिखा गया है कि पुलिस मुंबई पुलिस के अनुच्छेद 311 (2) (बी) के तहत मुंबई में तैनात PI सुनील धर्म माने को तत्काल प्रभाव से पुलिस सेवा से बर्खास्त कर किया जाता है।’

माने पर मनसुख हिरेन की हत्या में शामिल होने का संदेह
गिरफ्तारी से पहले सुनील माने कांदिवली क्राइम ब्रांच में तैनात था। स्कॉर्पियो के मालिक मनसुख हिरेन की पत्नी विमला ने महाराष्ट्र ATS को बताया था कि 4 मार्च की रात 8 बजे मनसुख हिरेन जब घर से बाहर निकले तो उन्होंने बताया था कि उनके पास कांदिवली क्राइम ब्रांच के किसी इंस्पेक्टर तावड़े को आना है। सूत्रों के मुताबिक, विमला ने जिस तावड़े का नाम लिया था, वह सुनील माने ही था।

एंटीलिया केस में गिरफ्तार तीसरा पुलिस अधिकारी है माने
माने तीसरा पुलिस अधिकारी है, जिसे एंटीलिया केस में गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर रियाजुद्दीन काजी को पकड़ा गया था। काजी पर भी विस्फोटक कांड में सचिन वझे का साथ देने का आरोप है। काजी की न्यायिक हिरासत भी आज खत्म हो रही है। सूत्रों के मुताबिक काजी के बयान के आधार पर ही सुनील माने को अरेस्ट किया गया था। इससे पहले महाराष्ट्र ATS ने इससे जुड़े मनसुख हिरेन हत्याकांड में पूर्व कांस्टेबल विनायक शिंदे और क्रिकेट बुकी को अरेस्ट किया था। अदालत के आदेश के बाद इन्हें भी NIA की कस्टडी में भेज दिया गया था।

क्या है पूरा मामला?
25 फरवरी को दक्षिण मुंबई के पैडर रोड स्थित एंटीलिया से 300 मीटर की दूरी पर विस्फोटक से भरी एक स्कॉर्पियो गाड़ी खड़ी मिली थी। कार में 20 जिलेटिन की छड़ें और एक धमकी भरा लेटर बरामद हुआ था। 5 मार्च को इसके मालिक मनसुख हिरेन का शव रेती बंदर की खाड़ी से बरामद हुआ था। जिसके बाद महारष्ट्र ATS ने इसमें हत्या का मामला दर्ज किया और 2 लोगों को अरेस्ट किया था। इसके बाद इस केस में NIA की एंट्री हुई और 13 मार्च को सचिन वझे को अरेस्ट किया गया था।

3 लेवल पर चल रही थी एंटीलिया केस की जांच

एंटीलिया के बाहर से विस्फोटक बरामद होने के मामले में तीन अलग-अलग केस दर्ज हुए हैं। तीनों केस की जांच की मौजूदा स्थिति इस तरह है-

  • पहला केस मनसुख हिरेन की स्कॉर्पियो चोरी होने का है, जिसमें मुंबई की गामदेवी पुलिस जांच कर रही है।
  • दूसरा केस अंबानी के घर के पास बरामद हुई जिलेटिन से भरी स्कॉर्पियो का है। इसकी जांच NIA के हाथ में है। इसी केस में सचिन वझे को अरेस्ट किया गया है।
  • तीसरा केस स्कॉर्पियो के मालिक मनसुख हिरेन की हत्या का है। इस केस में महाराष्ट्र ATS जांच कर रही थी। अब ठाणे कोर्ट के आदेश के बाद इस केस को भी NIA को ट्रांसफर कर दिया गया है, हालांकि ATS ने अभी तक इस केस को बंद करने का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है।

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