कचरा प्रबंधन: नई कंपनी ने रेट बढ़ाने की रखी शर्त, पेट्रोल पंप मालिक ने पेमेंट न होने पर कल से कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों में तेल न डालने की दी चेतावनी


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लुधियाना5 घंटे पहले

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  • अनुबंध टूटने पर निगम ने रोकी पेमेंट तो एटूजेड ने पेट्रोल पंप और सबलेट कंपनी को नहीं दिया बकाया

कूड़ा प्रबंधन को लेकर निगम और एटूजेड कंपनी के बीच अनुबंध टूटने के बाद कूड़े की लिफ्टिंग और प्रोसेसिंग को लेकर समस्या धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है। एटूजेड 325 रुपए में सेकेंडरी डंप से कूड़ा लिफ्टिंग और प्रोसेसिंग का काम कर रही थी। कंपनी के काम छोड़ने के बाद उसी रेट पर सबलेट कंपनी ने काम करने से मना कर दिया है। इसके अलावा जिस पेट्रोल पंप से एटूजेड ने गाड़ियों में डीजल भरवाया था, उसकी पेमेंट रुकेने से पेट्रोल पंप मालिक ने बुधवार तक पेमेंट न होने पर गाड़ियों में तेल न डालने की चेतावनी दे दी है।

अगर गाड़ियों में तेल नहीं पड़ेगा तो सिटी में कूड़े की लिफ्टिंग पर असर पड़ सकता है। इन्ही सब को लेकर मेयर बलकार संधू ने कैंप ऑफिस में मीटिंग बुलाई। मीटिंग में लीगल राय लेने के लिए एडवोकेट अशोक बजाज को बुलाया गया। मीटिंग में फैसला हुआ कि नए सिरे से टेंडर लगेगा, लेकिन रेट 325 से ज्यादा नहीं दिया जाएगा। इसकी पुष्टि मेयर बलकार सिंह संधू ने की है।

रेट को लेकर फंसा पेंच, सिटी में कूड़ा लिफ्टिंग व्यवस्था बिगड़ने की आशं‌का –मेयर ने भले ही नई कंपनी को लिफ्टिंग जारी रखने के लिए कहा है, जिसके पैसे उसे 5 फरवरी से ही निगम अदा करेगा। वहीं, सिटी में कूड़ा प्रबंधन की बात करें तो अभी से गलियों के नुक्कड़ पर कचरे के ढेर लगने लगे हैं। अगर इसका हल निगम ने नहीं किया तो सिटी के हालात आने वाले दिनों में और ज्यादा बिगड़ने वाले हैं।

अब जिस कंपनी ने काम संभाला है उसने 365 रुपए प्रति मीट्रिक टन पैसे की शर्त रखी है। जबकि निगम ने रेट बढ़ाकर पैसे देने से मना कर दिया है। कंपनी को पैसे बढ़ाकर न देने के पीछे कारण ये सामने आया है कि निगम ने 25 साल का एग्रीमेंट एटूजेड से किया था, जिसका रेट 325 रुपए प्रति मीट्रिक टन था, अब निगम किसी दूसरी कंपनी को पैसे बढ़ाकर देगी तो एटूजेड उसे कानूनी तौर पर फंसाएगा।

ताजपुर रोड डंप पर लगने लगा कूड़े का ढेर- रोजाना सिटी से करीब 1100 मीट्रिक टन कूड़ा ताजपुर रोड डंप पर पहुंच रहा है। ऐसे में पहले से बने पहाड़ जैसे कूड़ा डंप पर और कूड़ा सिटी से ले जाकर स्टोर किया जा रहा है। अगर 5 फरवरी से प्रोसेसिंग बंद होने की बात करें तो चार दिनों में करीब 4400 मीट्रिक टन कूड़ा वहां पर स्टोर हो चुका है।

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