काेराेना के लक्षण: नेपाल में फंसे दुमका के 26 मजदूरों में काेराेना के लक्षण, कमरे में बंदकर चढ़ाया जा रहा स्लाइन


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दुमका5 घंटे पहले

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नेपाल के गैरी गांव स्थित एक घर में मजदूरों को चढ़ाया जा रहा स्लाइन।

दुमका जिले के 26 मजदूर पड़ोसी देश नेपाल में फंसे हुए हैं। इनमें तीन मजदूराें काे टायफाइड है और बाकी सबमें काेराेना के लक्षण हैं। उन्हें सर्दी-खांसी, बुखार, बदन दर्द और गले की शिकायत है। सोशल मीडिया के जरिए मजदूराें ने झारखंड सरकार से मदद की गुहार लगाई है।

कहा है कि दाे दिनाें में नेपाल से निकाला नहीं गया ताे जान चली जाएगी। टावर लगाने के काम के लिए मार्च में ये सभी मजदूर नेपाल के सिंधुपाल गए थे। कोरोना के चलते नेपाल में लॉकडाउन लग गया। दुमका के रामगढ़ प्रखंड के कांग्रेस मंडल, अशोक पंडित, राहुल दवे ने बताया कि वे सिंधुपाल जिला में पहाड़ पर बसे गैरी गांव में एक कमरे में रह रहे हैं, जहां सिर्फ स्लाइन चढ़ाया जा रहा है। ठेकेदार इलाज नहीं करा रहा है।

मजदूराें काे सांस लेने में हाे रही तकलीफ

नेपाल में फंसे दुमका के सिमरा गांव निवासी नारायण दास ने दैनिक भास्कर काे फोन पर बताया कि कमरे में स्लाइन चढ़ाया जा रहा है। सांस लेने में तकलीफ हो रही है और सभी कमजोर हो गए हैं। खाना तक नहीं खा रहे हैं। नेपाल में हमारा इलाज नहीं हो रहा है। नेपाल से निकालने के लिए भारत व झारखंड सरकार मदद करे। दाे दिनों के अंदर हमलोगों को नहीं निकाला गया तो कई लोगों की जानें चली जाएगी।

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