केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन: कोरोना संक्रमित बच्चों पर सीटी स्कैन का समझदारी से इस्तेमाल करें, रेमडेसिविर देने पर रोक; 6 मिनट के वॉक टेस्ट की सलाह


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नई दिल्ली17 मिनट पहले

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12 साल से बड़े बच्चों को उनके पैरेंट्स की देखरेख में 6 मिनट का वॉक टेस्ट करने की सलाह दी गई है।

केंद्र सरकार ने कोरोना से संक्रमित बच्चों के लिए इलाज के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। नए नियमों में संक्रमित बच्चों पर सीटी स्कैन का इस्तेमाल समझदारी से करने और रेमडेसिविर इंजेक्शन के उपयोग पर रोक लगाई गई है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विस (DGHS) की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में एसिम्पटोमेटिक केस और हल्के मामलों में स्टेरॉयड के इस्तेमाल को घातक बताया है। गाइडलाइन में यह बताया गया कि 18 साल से कम उम्र के बच्चों में रेमडेसिविर के इस्तेमाल को लेकर पर्याप्त सुरक्षा और प्रभावी आंकड़ों का अभाव है। इसलिए इसके उपयोग से बचना चाहिए।

गाइडलाइंस में बच्चों के लिए 6 मिनट के वॉक टेस्ट का सुझाव दिया गया है। 12 साल से बड़े बच्चों को उनके पैरेंट्स की देखरेख में 6 मिनट का वॉक टेस्ट करने की सलाह दी गई है। वॉक टेस्ट में बच्चे की उंगली में पल्स ऑक्सिमीटर लगाकर उसे लगातार 6 मिनट तक टहलने के लिए कहा जाए। इसके बाद उसके ऑक्सिजन सैचुरेशन लेवल और पल्स रेट को मापा जाए। इससे हाइपोक्सिया का पता चल सकेगा।

कड़ी निगरानी में करें स्टेरॉयड का इस्तेमाल
DGHS ने केवल अस्पताल में भर्ती गंभीर और अत्यंत गंभीर मामलों के मरीजों के इलाज में ही कड़ी निगरानी के तहत स्टेरॉयड दवाओं के इस्तेमाल का सुझाव दिया है। DGHS के मुताबिक, ‘स्टेरॉयड का इस्तेमाल सही समय पर ही किया जाना चाहिए और इसकी सही डोज दी जानी चाहिए। मरीज को खुद से स्टेरॉयड के इस्तेमाल से बचना चाहिए।’

DGHS के कुछ अन्य प्रमुख सुझाव

  • बच्चों हमेशा मास्क पहने, हाथ धोएं और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।
  • बच्चों को हमेशा पौष्टिक भोजन दें, ताकि उनकी इम्यूनिटी मजबूत हो।
  • हल्के लक्षण होने पर डॉक्टर की सलाह से पैरासिटामोल (10-15 MG) दिया जा सकता है।
  • गले में खराश और खांसी होने पर गर्म पानी के गरारे करें। कफ हो तो बड़े बच्चों को वॉर्म सैलाइन गार्गल की सलाह दी गई है।
  • हल्के लक्षण में तत्काल ऑक्सीजन थेरेपी शुरू करें।

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