केंद्र सरकार की राज्यों को हिदायत: कहा- हेल्थकेयर वर्कर्स को नुकसान पहुंचाने वालों पर FIR करें, ऐसे लोगों पर सोशल मीडिया के जरिए निगरानी की जाए


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नई दिल्लीएक मिनट पहले

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केंद्र ने मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को चिट्‌ठी लिखी है।

केंद्र सरकार ने कोरोना की पहली और दूसरी लहर में हिंसा का शिकार हुए डॉक्टरों की सुध ली है। शनिवार को केंद्र ने राज्य सराकों को चिट्‌ठी लिखी है। चिट्‌ठी में डॉक्टर्स समेत सभी मेडिकल स्टॉफ को सुरक्षा मुहैया कराने की बात कही गई है। केंद्र ने कहा है कि हेल्थकेयर वर्कर्स को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ केस दर्ज कराएं। उनके खिलाफ एपिडेमिक एक्ट 2020 के तहत कार्रवाई करें।

चिट्‌ठी केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने सभी राज्यों और केंद्र सरकार प्रदेशों को जारी की है। चिट्‌ठी में गृह सचिव ने कहा, ‘हेल्थकेयर वर्कर्स के खिलाफ हिंसा की घटनाओं से उनका मनोबल गिर सकता है। उनमें असुरक्षा की भावना पैदा हो सकती है।

भल्ला ने चिट्‌ठी में आगे लिखा है कि वर्तमान समय में देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है। ऐसे में डॉक्टर्स समेत सभी मेडिकल स्टॉफ के लिए सुरक्षित वातावरण बनाया जाना चाहिए। इसके लिए उनके खिलाफ हिंसा करने वालों पर राज्यों को सख्त कार्रवाई करनी होगी। राज्यों का फर्ज बनता है कि ऐसे लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराएं। ऐसा मामलों का निपटारा भी जल्द से जल्द किया जना चाहिए।

दोषी को नहीं मिलती जमानत
एपिडेमिक एक्ट (महामारी अधिनियम) के तहत यदि किसी व्यक्ति को मेडिकल स्टॉफ से हिंसा करने का दोषी पाया जाता है तो उसे 5 साल की सजा हो सकती है। सजा पाने वाले व्यक्ति पर 2 लाख रुपए का जुर्माना भी लागाया जा सकता है। इसे पीड़ित को पहुंचे नुकसान के हिसाब से बढ़ाया भी जा सकता है। ज्यादा हिंसा होने पर सजा को बढ़ाकर 7 साल किया जा सकता है। इसमें जुर्माने की रकम बढ़कर 5 लाख रुपए हो जाती है। इसे गंभीर अपराध माना जाता है और सजा मिलने पर जमानत की गुंजाइश नहीं होती है।

मनोबल बढ़ाने की कोशिश करें
केंद्रीय गृह सचिव ने पत्र में लिखा है कि सोशल मीडिया में आपत्तिजनक कंटेंट पर कड़ी नजर रखी जानी चाहिए, जिससे हिंसा की स्थिति पैदा होने की संभावना हो। डॉक्टरों के बहुमूल्य योगदान का प्रसार करने के लिए अस्पतालों और सोशल मीडिया में पोस्टर जारी कर मनोबल बढ़ाने की कोशिश की जानी चाहिए।

प्रयागराज के डॉक्टरों ने मंत्री रीता बहुगुणा जोशी को शुक्रवार को प्रधानमंत्री के नाम का ज्ञापन दिया।

प्रयागराज के डॉक्टरों ने मंत्री रीता बहुगुणा जोशी को शुक्रवार को प्रधानमंत्री के नाम का ज्ञापन दिया।

IMA ने एक दिन पहले किया था देशव्यापी प्रदर्शन
एक दिन पहले शुक्रवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएगराज (IMA) ने मेडिकल स्टॉफ पर हिंसा के खिलाफ देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन किया था। इस दौरान हेल्थकेयर वर्कर्स ने सफेद की जगह काले कपड़े, काली पट्‌टी और काले रिबन बांधकर काम किया था। इस दौरान IMA के कई राज्यों के अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा था।

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