केरल की पलक्कड़ सीट से मेट्रोमैन हैं मैदान में: श्रीधरन की सीट पर भाजपा की मजबूत रही है स्थिति, पर इस बार पार्टी में गुटबाजी से नुकसान


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20 मिनट पहलेलेखक: गौरव पांडेय, केरल से

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केरल की पलक्कड़ सीट से मेट्रोमैन ई श्रीधरन भाजपा के उम्मीदवार हैं। 50 फीसदी से ज्यादा हिंदू वोटरों  वाली इस सीट पर भाजपा मजबूती से चुनाव लड़ रही है। पिछले विस चुनाव में पार्टी यहां दूसरे नंबर पर रही थी।

केरल की पलक्कड़ सीट से मेट्रोमैन ई श्रीधरन भाजपा उम्मीदवार हैं। 50 फीसदी से ज्यादा हिंदू वोटरों वाली इस सीट पर भाजपा बहुत मजबूती से चुनाव लड़ रही है। दरअसल, पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी यहां दूसरे नंबर पर रही थी। तब भाजपा की शोभा सुरेंद्रन कांग्रेस प्रत्याशी शाफी पारांबिल से 17 हजार वोट से हारी थीं।

जबकि बीते साल हुए स्थानीय निकाय चुनाव में भाजपा ने अपनी स्थिति मजबूत करते हुए 54 फीसदी वार्ड (52 से 28 वार्ड) जीते थे। इसके चलते भाजपा और श्रीधरन जीत के लिए आश्वस्त हैं। हालांकि, कार्यकर्ता पार्टी में बड़े नेताओं के बीच गुटबाजी का मुद्दा उठाते हुए कहते हैं कि इससे चुनाव में नुकसान हो सकता है।

पल्लकड़ के भाजपा दफ्तर में मिले पार्टी के जिलाध्यक्ष कृष्णदास अवस्थी बताते हैं कि हम बहुत अच्छा प्रचार कर रहे हैं और चुनाव भी जीत रहे हैं। वहीं, पार्टी के जोनल प्रभारी तथा संगठन महामंत्री काशीनाथ कहते हैं कि इस सीट में 140 बूथ हैं। हर बूथ में 5 से 7 वार्ड हैं। इन्हें हमने स्क्वॉड में बांटा है और सबके अलग-अलग स्क्वॉड प्रमुख हैं। ये प्रमुख अपनी टीम के साथ घर-घर जा रहे हैं। वहीं, पार्टी कार्यालय में मिले कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने बताया कि श्रीधरन का चुनाव कठिन है।

नेताओं की आपस में बन नहीं रही, दो गुट हो गए हैंं। पार्टी अध्यक्ष सुरेंद्रन पुराने कार्यकर्ताओं को किनारे कर नए और बाहरी लोगों को ले आए हैं। वे बीएल संतोष गुट के हैं। बड़े नेताओं की गुटबाजी से दिक्कत है। वहीं, 88 के श्रीधरन रोज सुबह आठ बजे प्रचार के लिए निकलते हैं और रात आठ बजे तक 5 से 7 छोटी-बड़ी बैठक कर प्रचार कर रहे हैं। शाम करीब छह बजे शहर के ही मनगांव में मीटिंग के लिए पहुंचे श्रीधरन का भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारे से स्वागत हुआ, आतिशबाजी भी हुई।

कुर्सी पर बैठने के साथ ही उनके पैर छूने और सेल्फी लेने वालों का तांता लग गया। श्रीधरन ने करीब पांच मिनट मलयालम में संबोधित किया और यहां से एक चर्च चले गए। शाम साढ़े सात बजे वह डॉक्टरों के कार्यक्रम में पहुंचे। इसमें ज्यादातर डॉक्टर और उनके परिवार के लोग थे।

भरोसा हो, तभी वोट करिए: श्रीधरन
प्रचार के दौरान श्रीधरन ऊर्जा से लबरेज दिखते हैं। कहते हैं मैं वोट मांगने डोर-टू-डोर नहीं जा रहा। छोटे-छोटे समूह से बात कर रहा हूं। मैं उन्हें बताता हूं कि विकास कैसे करूंगा। लोगों से कहता हूं यदि मुझ पर भरोसा है तभी वोट दें। इस सवाल पर कि विपक्षी नेता आपकी उम्र को लेकर सवाल उठा रहे हैं, श्रीधरन कहते हैं मैं लोगों की सेवा के लिए राजनीति में आया हूं।

सेवा में उम्र की लिमिट नहीं होती। आप 100 साल की उम्र में भी सेवा कर सकते हैं। सीएम फेस होने के सवाल पर मेट्रोमैन कहते हैं, भाजपा डेमोक्रेटिक पार्टी है। पार्टी अपने सिद्धांतों के मुताबिक सामान्यता: सीएम के नाम की घोषणा चुनाव से पहले नहीं करती। मुझे लगता है कि पार्टी का इंटेंशन है कि यदि हम सत्ता में आए तो मैं सीएम बनूं। लेकिन यह ज्यादा मायने नहीं रखता।

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