केस दर्ज: खुद छपवाकर लॉटरी की नकली टिकट बेचता था 9 लोगों का गिरोह, 2 को पुलिस ने पकड़ा


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मोरिंडा12 घंटे पहले

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पकड़े गए आरोपियों के साथ जानकारी देती पुलिस पार्टी।

  • डेढ़ साल से कर रहे थे काम, एक आरोपी लुधियाना और बाकी सभी मोरिंडा के ही रहने वाले

मोरिंडा और आसपास के इलाके में लॉटरी की नकली टिकट बेचने के आरोप में 9 सदस्यीय गिरोह पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों योगेश कुमार निवासी नया कुंडपुरी लुधियाना और सुमन कुमार निवासी संत नगर मोरिंडा को गिरफ्तार किया है। जबकि अन्य आरोपियों की पहचान वरिंदर कुमार, दरोगा, संतोष, कुशाल, राजन, ओमप्रकाश, शशिकांत के रूप में हुई है। सभी मोरिंडा के रहने वाले हैं।

आरोपियों की तलाश जारी है। गिरोह के सदस्य डेढ़ साल से नकली लॉटरी बेचने का काम कर रहे हैं। ये अरुणाचल प्रदेश, भूटान, बसंत पंचमी, दुर्गा लक्ष्मी, शुभ लक्ष्मी, नवरत्न आदि लॉटरी की खुद प्रिंट की गई नकली टिकटें मोरिंडा और आसपास के इलाके में चोरी-छिपे बेचते थे। इनके पास 100 रुपए से लेकर 500 अौर एक हजार रुपए तक की लॉटरी मिली हैं।

100 रुपए से लेकर एक हजार रुपए तक वाली नकली टिकट बेचते थे

आरोपियों का 2 दिन का मिला पुलिस रिमांड- इस संबंध में सिटी एसएचओ विजय कुमार ने बताया कि एएसआई कुलविंदर सिंह सहित पुलिस पार्टी काईनोर चौक में मौजूद थी। नाकाबंदी के दौरान गुप्त सूचना मिली कि योगेश कुमार व सुमन कुमार अपने अन्य साथियों समेत लॉटरी कि खुद प्रिंट की गई नकली टिकटें मोरिंडा और आसपास के इलाके में चोरी-छिपे से बेचते है और लोगों से ठगी करते हैं। पुलिस ने मौके पर

गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार करके लॉटरी की नकली टिकटें बरामद की हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 465, 467, 468 और 471 आईपीसी के तहत मोरिंडा में केस दर्ज किया है। आरोपियों को अदालत में पेश किया है, जहां से दो दिन का पुलिस रिमांड मिला है। इस दौरान आरोपियों से पूछताछ की जाएगी और गिरोह के बाकी सदस्यों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

बारकोड से जान सकते हैं असली-नकली का फर्क –इस संबंध में जब शहर के मशहूर लॉटरी विक्रेता किशन लाल मेहता से बात की तो उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। क्योंकि कोई भी लॉटरी की टिकट बेचने वाला पक्का दुकानदार नकली लॉटरी नहीं बेच सकता। घूम फिर कर लॉटरी बेचने वाले लोग ही नकली लाटरी बेच सकते हैं। असली नकली लॉटरी में फर्क जानने के लिए लॉटरी पर लगे हुए बार कोड को स्कैन करके देख लेना चाहिए। स्कैन करने पर आपको असली नकली लाटरी का फर्क पता चल जाएगा।

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