कोविन में डेटा ट्रांसफर मुश्किल: सीजी पोर्टल बंद होने पर 70 हजार को दोबारा करना पड़ सकता है रजिस्ट्रेशन


रायपुर43 मिनट पहले

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छत्तीसगढ़ सरकार ने 18 प्लस यानी युवाओं के रजिस्ट्रेशन के लिए जो सीजी पोर्टल शुरू किया था, टीकाकरण केंद्र के हाथों में जाने की वजह से इसे 20 जून तक बंद कर दिया जाएगा। तब टीकाकरण फिर कोविन पोर्टल से ही होगा। सीजी टीका में राजधानी के साढ़े 4 लाख युवाओं ने पंजीयन करवाया था, जिनमें 1.25 लाख को मंगलवार शाम तक टीके लग गए और सवा 3 लाख बाकी हैं। सीजी टीका बंद होने के कारण यह संशय खड़ा हो गया है कि क्या सभी युवाओं को टीके के लिए कोविन पोर्टल में क्या दोबारा रजिस्ट्रेशन करना होगा?

साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक सीजी टीके का डेटा कोविन पोर्टल में 3 दिन में ट्रांसफर हो सकता है, लेकिन उनके लिए दिक्कत आएगी जिन्होंने सीजी टीके में आधार के अलावा कोई और पहचानपत्र दिया हो। क्योंकि कोविन पोर्टल आधार के अलावा कोई दूसरी आईडी स्वीकार नहीं कर रहा है। ऐसे में राजधानी में ही 70 हजार से ज्यादा युवाओं को कोविन में फिर रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ सकता है और सीनियोरिटी भी नए पंजीयन से ही मानी जाएगी।

राजधानी में ही अभी करीब सवा 3 लाख से अधिक युवाओं के पंजीयन का रिकॉर्ड सीजी टीका पोर्टल में है। रायपुर में टीके की उपलब्धता के आधार पर हर दिन औसतन 2 से 4 हजार के बीच टीके लग रहे हैं। शहर में 18 प्लस में टीकाकरण के लिए 14 हजार टीके मिले हैं। अभी करीब एक दो दिन और टीकाकरण चल सकता है। इस बीच अगर युवाओं के लिए टीका पर्याप्त संख्या में आया तो इसके जरिए 20 जून तक लगभग 40 हजार लोगों को और टीके लग सकते हैं।

अर्थात, तब भी पंजीयन करवा चुके ढाई लाख से ज्यादा युवा सीजी टीका पोर्टल पर बच जाएंगे। यदि इस दौरान और नए पंजीयन हुए तो वह डेटा भी जुड़ेगा। मिली जानकारी के मुताबिक तब तक अगर डाटा ट्रांसफर का सिस्टम बन गया तो ये सभी नाम सीधे कोविन एप में चले जाएंगे। केवल टीका लगवाते वक्त युवाओं को शेड्यूलिंग और स्लॉटिंग करनी होगी।

प्रदेश में 32 लाख पंजीयन, डेटा ट्रांसफर की कोशिश : सिंहदेव
केन्द्र सरकार द्वारा 18 प्लस वालों को फ्री वैक्सीन देने के बाद सीजी टीका पोर्टल बंद होगा, लेकिन प्रदेश में 32 लाख से अधिक लोग रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि अभी यह कोशिश कर रहे हैं कि जितने लोग सीजी टीका पोर्टल में पंजीकृत हैं, उनका डेटा कोविन में ट्रांसफर हो जाए, ताकि किसी को दोबारा रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं पड़े।

भास्कर ने इस मुद्दे पर स्वास्थ्य विभागों के जानकारों से बात की, तो उनका कहना है कि दो-तीन दिन में ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि रजिस्ट्रेशन का पूरा डेटा ट्रांसफर होगा या नहीं। लेकिन यह तय है कि अब से पहले जिनका रजिस्ट्रेशन हो चुका, फिलहाल उन्हीं का टीकाकरण होगा। गौरतलब है, पोर्टल में रजिस्ट्रेशन, स्लाट नहीं मिलने, टीके नहीं मिलने की परेशानी से पहले ही प्रदेश के लोग जूझ रहे हैं, और यह दूसरा संकट आ गया है।

केंद्र मानेगा, तभी चलेगी दूसरी आईडी, अन्यथा विकल्प नहीं
साइबर जानकारों के मुताबिक राजधानी में 75 फीसदी लोगों ने तो सीजी टीका में आधार कार्ड के जरिए रजिस्ट्रेशन करवाया, लेकिन 70 हजार से ज ज्यादा लोग ऐसे हैं, जिन्हें ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी के जरिए पंजीयन करवाया, क्योंकि सीजी टीका पोर्टल में यह छूट थी। जहां तक कोविन पोर्टल का सवाल है, वह आधार कार्ड के अलावा कोई दूसरी आईडी एक्सेप्ट ही नहीं कर रहा है।

जिन्होंने सीजी टीका में आधार लगाकर रजिस्ट्रेशन किया, उनके कोविन में डेटा ट्रांसफर में दिक्कत नहीं आएगी। लेकिन बाकी के लिए राज्य को केंद्र से सहमति लेनी होगी। अगर सहमति नहीं मिली, तो ऐसे युवाओं के पास दोबारा रजिस्ट्रेशन करवाने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा।

डेटा ट्रांसफर के बाद भी आधार पैन कार्ड सेंटर में ले जाना होगा
साइबर जानकारों के मुताबिक ऐसे सभी युवां जिन्होंने सीजी टीका में रजिस्ट्रेशन के वक्त पैन कार्ड या आधार कार्ड नहीं लगाया है उनको डेटा ट्रांसफर होने के बाद भी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। टीके के वक्त उन्हें दो तरह की आईडी भी ले जानी पड़ेगी। एक वो जो उन्होंने सीजी टीका पोर्टल में लगाई है। इसके अलावा पैन या आधार कार्ड भी ले जाना पड़ेगा।

टीकाकरण को लेकर भी सवाल
टीकाकरण की नई रणनीति को लेकर बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की उच्चस्तरीय बैठक होने जा रही है। उसके बाद ही शासन बता पाएगा कि छत्तीसगढ़ सरकार अब टीकाकरण को किस तरह चलाएगी। हालांकि स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने कहा कि अगर हम यहां टीकाकरण जारी रखना चाहते हैं तो क्या हमें टीका खरीदना होगा? ये भी साफ नहीं है कि अब तक जो खरीदा है उसका पैसा रिफंड होगा या नहीं। यह सब केंद्र सरकार को बताना चाहिए।

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