ग्रह दशा: 59 साल बाद षडग्रही योग आज, वृष कन्या व मकर राशि के जातकों के लिए शुभ


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भागलपुर3 मिनट पहले

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  • 1962 में 4 और 5 फरवरी को बना था अष्टग्रही योग, अब फिर संयोग

इस बार 9 फरवरी मंगलवार की रात 8:30 से आकाश मंडल में षडग्रही योग बन रहा है। इस योग का प्रभाव सभी राशियों पर रहेगा। वृष, कन्या और मकर राशि जातकों के लिए शुभ संकेत बनेंगे। इस योग में मकर राशि में 6 ग्रह एक साथ मौजूद रहेगें।ज्योतिषाचार्य मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि इससे पहले 1962 में 4 और 5 फरवरी को अष्टग्रही योग बना था यानि 8 ग्रह एक साथ थे।

राहु अलग था क्योंकि राहु और केतु एक दूसरे से सातवें घर में रहते हैं। इसलिए 4 और 5 फरवरी 1962 को सभी ग्रह एक साथ मकर राशि में थे। इस योग में मौसम पर विपरीत असर पड़ने की संभावना है। उन्होंने बताया कि 3 जनवरी को रात 10.30 बजे बुध ग्रह मकर राशि में प्रवेश कर चुके हैं। जो 11 मार्च तक रहेगी। मकर राशि में पहले से ही गुरु, शुक्र, शनि, सूर्य स्थित हैं।

बुध के पहुंचते ही पंचग्रही योग शुरू हो गया। 9 फरवरी को रात 8.29 बजे से 11 फरवरी सुबह 2.10 बजे तक चंद्र के मकर राशि में आ जाने से षडग्रही योग की उत्पत्ति होगी। सूर्य ग्रह का कुंभ राशि में प्रवेश 12 फरवरी सुबह 9.11 बजे होते ही पंचग्रही योग की समाप्ति हो जाएगी और मकर राशि में 4 ग्रह सूर्य, शुक्र, शनि, बुध रह जाएंगे।

माघी गुप्त नवरात्र 12 से
पंडित मिश्रा के अनुसार माघ शुक्ल पक्ष प्रतिपदा शुक्रवार, 12 फरवरी से माघी गुप्त नवरात्रि का प्रारंभ हो जाएगा। इस वर्ष यह नवरात्रि 10 दिन की होंगी, क्योंकि छठवीं तिथि की वृद्धि हुई है, यह तिथि 17 और 18 फरवरी को रहेगी। जिसके कारण 20 फरवरी शनिवार के दिन भीष्माष्टमी एवं 21 फरवरी रविवार को नवमी का व्रत किया जाएगा।

मां भगवती की गुप्त रूप से आराधना करना जातक के मनवांछित फल की सिद्धि के लिए विशेष शुभ है। इन गुप्त नवरात्रों में बसंत पचंमी, सरस्वती जयंती का मुहूर्त भी 16 फरवरी मंगलवार के दिन है। इस मुहूर्त में विवाह जैसे मांगलिक कार्य करना शास्त्र सम्मत माना गया है। परंतु बंसत पंचमी मंगलवार के दिन होने के कारण नूतन गृह निर्माण करना शुभ नहीं माना जाएगा।

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