जस्टिस चंद्रचूड ने कोरोना से अपने संघर्ष को किया साझा: 18 दिन तक ऑफिस में ही आइसोलेट रहा, पत्नी और मैं अलग-अलग पॉजिटिव आए थे; इसलिए घर नहीं जाना चाहता था


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नई दिल्ली12 मिनट पहलेलेखक: पवन कुमार

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सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान जज व वरिष्ठ वकीलों ने बांटे कोरोना से जुड़े अनुभव (फाइल फोटो)

  • वरिष्ठ वकीलों ने कोरोना से अपनी लड़ाई का भी जिक्र किया

देशभर में कोरोना महामारी की दूसरी लहर अपना प्रकोप बरसा रही है। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट के जजों और वरिष्ठ वकीलों की चिंता और चर्चा मंगलवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान सुनने व देखने को मिली। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड ने कोरोना को हराने के अपने संघर्ष को साझा करते हुए कहा कि वे 18 दिन तक अपने ऑफिस में ही आइसोलेट रहे।

इस दौरान उनके आस-पास तनाव दूर करने के लिए अगर कोई था, तो वह किताबें थीं, जिन्होंने उनका भरपूर साथ दिया। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस डीवाई चंद्रचूड व जस्टिस एमआर शाह की पीठ के समक्ष पश्चिम बंगाल में अवैध कोयला खनन के एक मामले की सुनवाई चल रही थी।

मामले में एक आरोपी की जमानत याचिका पर आरोपी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि वे बीते दिनों कोरोना संक्रमित हो गए थे और हाल ही में कोरोना को लेकर जो रिसर्च सामने आई है उसे देखते हुए वे खुद को अन्य की अपेक्षाकृत सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

इस पर जस्टिस चंद्रचूड ने अपने संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि मैं चाहता था कि परिवार का कोई अन्य सदस्य संक्रमित न हो। मगर बाद में मेरी पत्नी भी कोरोना संक्रमित हो गई। उस समय मैं ठीक हो रहा था। इसलिए मैं अपने घर वापस नहीं जाना चाहता। इस दौरान मेरे मन को शांत करने के लिए मेरे पास एक ही रेडिमिंग फीचर था और वो थी मेरी किताबें, जिनसे मुझे काफी मदद मिली।

इसके बाद वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि पिछले साल जून में मुझे कोरोना संक्रमण हुआ था। उससे ठीक होने के बाद शरीर में एंटीबॉडी बनी और अब मैंने वैक्सीन के दो डोज भी लगवा लिए, जिससे ट्रिपल प्रोटेक्शन हो गया। वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि वे कोरोना संक्रमण से बचने के लिए अपने कार्यालय में अकेले ही रहते हैं। खुद ही लाइट जलाते हैं। एक वकील के लिए अपने कार्यालय में अकेले रहना काफी उबाऊ है। कोई भी अंदर नहीं आता है और न ही बाहर जाता है।

भगवान से प्रार्थना है कि सभी का टीकाकरण जल्द हो- जस्टिस चंद्रचूड

सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील महाबीर सिंह ने कहा कि मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि यह मामला अगली सुनवाई पर फिजिकल कोर्ट में सुना जाए। इस पर अपनी हाजिर जवाबी के लिए मशहूर जस्टिस चंद्रचूड ने कहा कि मेरी भी ईश्वर से प्रार्थना है कि जल्द से जल्द सभी का टीकाकरण हो जाए और उसके बाद ही सुप्रीम कोर्ट में फिजिकल सुनवाई शुरू हो।

दूसरी ओर, अवकाश कालीन पीठ के समक्ष आने वाले गैर जरूरी मामलों पर जस्टिस चंद्रचूड व जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने नाराजगी व्यक्त की है।

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