जस्टिस फॉर पार्थ: बच्चे के पिता ने कहा- तारीख पर तारीख मिल रही, मगर नहीं मिलता दिख रहा न्याय


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हिसार2 घंटे पहले

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सरकारी हॉस्पिटल में पार्थ की माैत के मामले को लेकर मीटिंग हुई।

  • मेडिकल बोर्ड की जांच से संतुष्ट नहीं, बच्चे की फाइल को बदलने का आरोप
  • दोपहर तीन बजे शुरू हुई मीटिंग शाम करीब 6 बजे तक चली, अब मामले में 17 फरवरी को विसरा जांच रिपोर्ट आने पर बोर्ड अपना निष्कर्ष देगा

मान अस्पताल में आंख के ऑपरेशन के दौरान सात वर्षीय पार्थ की मौत के मामले में सोमवार को सीएमओ-पीएमओ की अध्यक्षता में मेडिकल बोर्ड की मीटिंग हुई। दोपहर तीन बजे शुरू हुई मीटिंग करीब 6 बजे तक चली। तीन घंटों में कई बार बोर्ड सदस्यों और परिजन-समिति के बीच हॉट टॉक हुई।

बच्चे के पिता मोहित वधवा का कहना है कि बोर्ड का रवैया डॉक्टर्स के फेवर में दिख रहा है। तारीख पर तारीख मिल रही है। पर, न्याय मिलता नहीं दिख रहा है। अब 17 फरवरी को विसरा जांच रिपोर्ट आने पर बोर्ड अपना निष्कर्ष देगा। मौजूदा बोर्ड से असंतुष्ट हैं। बच्चे की फाइल को बदला है। आईएमए प्रधान भी डॉक्टर्स को प्रोटेक्ट कर रहे हैं। मैंने अपना बच्चा खोया है। मैं किसी कीमत पर सौदा नहीं करूंगा। मुझे इंसाफ चाहिए जिसके लिए न झुकूंगा और न थकूंगा।

बता दें कि इस मीटिंग में मान अस्पताल के संचालक डॉ. गुरप्रताप सिंह मान व अन्य डॉक्टर्स के अलावा एसआईटी सदस्य भी मौजूद रहे। मीटिंग में बच्चे के पिता मोहित वधवा सहित समिति सदस्य पवन गिरधर, पार्षद अमित ग्रोवर, पार्षद प्रतिनिधि पंकज दिवान, व्यापारी नेता अक्षय मलिक, गुलजार काहलो इत्यादि भी पहुंचे। पार्षद अमित ग्रोवर का कहना है कि मीटिंग में शामिल एक एनेस्थेटिस्ट भी किसी को पूरी बात रखने नहीं दे रही थी। कोई कुछ कहता है तो रोक रही थी। यह गलत है।

संघर्ष समिति के सदस्य पवन गिरधर बोले- मेडिकल बोर्ड आरोपी डॉक्टर्स की फेवर कर रहा

13 प्रश्न किए और 11 का जवाब मिला, संतोषजनक नहीं : गिरधर

संघर्ष समिति के सदस्य सीए पवन गिरधर ने बताया कि मेडिकल बोर्ड आरोपी डॉक्टर्स की फेवर कर रहा है। जांच के नाम पर औपचारिकता हो रही है। हमने 13 प्रश्न पूछे थे, जिनमें से 11 का जवाब मिला लेकिन संतोषजनक नहीं। नकारात्मक रवैया देखते हुए इंसाफ की उम्मीद नहीं कर सकते हैं। आईएमए प्रधान बार-बार बात काट रहे थे। 17 फरवरी को अगली मीटिंग होगी। अगर न्याय नहीं मिला तो 51 सदस्यीय संघर्ष समिति जो फैसला लेगा उसके तहत कदम उठाया जाएगा।

आसान शब्दों में बताई जाए रिपोर्ट : डॉ. नलवा

आईएमए के प्रधान डॉ. जेपीएस नलवा का कहना है कि मेडिकल बोर्ड की जांच गोपनीय है जिस पर फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता है। मेरी भावना गलत नहीं है। मेडिकल बोर्ड में निष्पक्ष जांच हो रही है। कोई गलत धारणा न बनाए। मैंने मीटिंग में यही कहा है कि रिपोर्ट्स की टैक्निकल भाषा की बजाए आसान शब्दों में बताया जाए ताकि वे परिजनों, समिति व अन्य लोगों को समझ आ सके। बच्चे की मौत के बाद रुपए लेने की बात पर उन्होंने दोहराया कि मेरी बात का गलत मतलब निकाला जा रहा है।

एसआईटी ने बोर्ड को सौंपी हार्ट की रिपोर्ट

एसआईटी सदस्य एसआई संजय ने बोर्ड के समक्ष पार्थ के हार्ट की रिपोर्ट को सौंप दिया है। इसके अलावा मेडिकल बोर्ड बच्चे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल डोक्यूमेंट के अलावा फोरेंसिक साइंस लैब से अन्य विसरा रिपोर्ट आनी है। तीनों रिपोर्ट्स के आधार पर मेडिकल बोर्ड अपना निष्कर्ष निकालकर मौत के कारण स्पष्ट करेगा।

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