जांच अधिकारी ने कहा-नियमों की धज्जियां उड़ाईं: 23 लाख का काम किया, निकाले 74.40 लाख रुपये, बेगूसराय में 70 योजनाओं के लिए की गई राशि की निकासी


बेगूसरायएक मिनट पहलेलेखक: संदीप कुमार

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मनरेगा के तहत लगाए गए पौधे को दिखाती ग्रामीण महिला।

बेगूसराय में मनरेगा में घोटाला हुआ है। काम हुआ 23 लाख का और निकाल लिए गए 74 लाख से अधिक रुपए। पूरा मामला मंसूरचक प्रखंड के गोविंदपुर-1, समसा-1 और समसा-2 पंचायत का है जहां मनरेगा योजना के तहत कुछ पौधे और गैबियन लगाकर योजना की पूरी राशि निकाल ली गई है। मंसूरचक की तीन पंचायतों में कुल 70 योजनाओं में 74 लाख 40 की निकासी कर ली गई है।

हालांकि जब योजनाओं की जांच की गई तो कुल मिलाकर 23 लाख का ही काम किया गया हुआ मिला। सबसे बड़ी बात है कि जांच पदाधिकारी के एकमुश्त भुगतान नहीं करने और जांच होने तक भुगतान पर रोक लगाने की बात कहीं गई। लेकिन फिर विकास कार्य प्रभावित होने का हवाला देते हुए सारा भुगतान कर दिया गया है।

लगातार मिल रही थी गड़बड़ी की शिकायत
मालूम हो कि लगातार योजना में गड़बड़ी की शिकायत पर मनरेगा के कार्यपाल अभियंता सुरेश प्रसाद सिंह और जिला वित्त प्रबंधक बेगूसराय राकेश कुमार ने जब मनरेगा की योजनाओं की जांच शुरू की तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। दोनों जांच अधिकारी ने 27 जनवरी 2021 को डीडीसी को पत्र भी लिखा था। लेकिन आजतक किसी पर भी कार्रवाई नहीं हो सकी है। दोनों जांच पदाधिकारी द्वारा मंसूरचक प्रखंड के तीन पंचायतों में कुल 70 योजनाओं की जांच की गई। सभी योजनाएं की जांच प्रपत्र में कुल सात पेज में विभिन्न परामीटर पर डीडीसी को रिपोर्ट सौपी गई है।

50 योजनाओं की जांच की गई
गोविंदपुर-1 पंचायत में कुल 50 योजनाओं की जांच की गई। जिसमें जांच पदाधिकारी ने अपने जांच प्रतिवेदन में लिखा है कि निरीक्षण से पता चलता है कि कुल 50 योजनाओं के सामाग्री मद में कुल 49 लाख 40 हजार रुपए की निकासी की गई। इसके अतिरिक्त 46 योजनाओं में कुल चार लाख 65 हजार 907 रुपए की मजदूरी का भुगतान किया गया है। जबकि वास्तविक स्थल पर काम लगभग 49 हजार का पाया गया।

जिलाधिकारी को पता ही नहीं- मनरेगा में आयुक्त भी होते हैं
इस पूरे मामले पर जब डीएम अरविंद कुमार वर्मा से पूछ गया तो पहले उन्होंने अनभिज्ञता में कहा कि मनरेगा में आयुक्त भी होते हैं। बाद में बोले कि जांच डीडीसी को ही करनी है। जब उन्हें बताया गया कि डीडीसी हर बार अनभिज्ञता जाहिर करते हैं और कार्रवाई की बात कर बात टाल देते हैं, इसपर डीएम ने संवाददाता से कहा कि आप मुझे आयुक्त की जांच रिपोर्ट भेजिए, दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

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