जानिए किसानों की मांगें मानने के पीछे की पूरी कहानी: वकीलों की राय से पक्ष रखा; ACS ने सरकार से बात करके फैसले तक पहुंचाया और दो मांगे मानने की घोषणा की, किसान बोले- सभी बातों पर सहमति


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  • Farmers Protest In Karnal : Story Behind The Success Of Meeting And ACS Reached The Decision After Talking To The Government

करनाल4 मिनट पहले

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हरियाणा के जिले करनाल के सचिवालय पर पांच दिन से चल रहा किसानों का धरना प्रशासन से सहमति बनने के बाद समाप्त हो गया। समझौता वार्ता में किसानों ने वकीलों की राय लेकर अपना पक्ष मजबूती से रखा। यही कारण है कि किसानों की मांग पर प्रशासन को झुकना पड़ा और पहले पांच दौर की वार्ता में एक भी मांग न मानने वाली सरकार ने दो महत्वपूर्ण शर्तों पर अपनी सहमति दे दी। दो दिन में किसानों के साथ पांच दौर की वार्ता विफल होने के बाद सरकार ने ACS देवेंद्र सिंह को बातचीत करने की जिम्मेदारी सौंपी।

किसान भी वार्ता के दौरान अपने पक्ष को मजबूती से रखने के लिए लगातार कानूनी सलाह ले रहे थे। ACS की अगुवाई वाली प्रशासनिक टीम के साथ 13 किसान नेताओं की शुक्रवार को करीब 4 घंटे तक बातचीत हुई। हालांकि इस बैठक में दोनों पक्षों पर मांगों पर सहमति बन चुकी थी लेकिन संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस शनिवार सुबह हुई। प्रेसवार्ता बहुत ही नियमों में बांधकर की। अधिकारियों ने अपनी बात रखी। किसानों का पक्ष दिलवाया और बाकी बातचीत के लिए बाहर भेज दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ACS देवेंद्र सिंह ने बताया, शुक्रवार शाम किसानों के साथ बहुत ही सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत हुई। इसमें किसानों ने पूरा सहयोग दिया। प्रदेश सरकार की सहमति के बाद किसानों की मांगों को माना गया।

मुआवजा भी मिलेगा, जांच का रिजल्ट भी आएगा

वहीं किसानों ने प्रेसवार्ता के बाद सभागार से बाहर आकर बताया कि उनकी सभी मांगें मानी गई। उन्होंने अपने वकीलों से साथ-साथ बात करने के बाद ही सहमति जताई। हम जो चाह रहे थे उससे भी ज्यादा मिला है। प्रशासन के अधिकारी को सस्पेंड करने की मांग बदलने पर गुरनाम चढूनी ने कहा कि सस्पेंड को वो फिर बहाल कर देते, केस दर्ज के बाद जांच में निकाल देते।

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