जेल में भूख हड़ताल पर पप्पू यादव: किडनैपिंग केस में पूर्व सांसद को वीरपुर जेल भेजा गया, पानी और वॉशरूम न मिलने पर धरना शुरू किया


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वीरपुर/ सुपौल28 मिनट पहले

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पप्पू यादव को सुपौल की वीरपुर जेल में रखा गया है।

32 साल पुराने अपहरण केस में मंगलवार शाम को पटना से गिरफ्तार जन अधिकार पार्टी के सुप्रीमो और पूर्व सांसद पप्पू यादव ने अब वीरपुर जेल की बदइंतजामी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सुपौल के वीरपुर जेल में मंगलवार रात से बंद पप्पू यादव ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है।

बुधवार को उनके सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा गया- मैं वीरपुर जेल में भूख हड़ताल पर हूं। यहां न पानी है न वॉशरूम है। मेरे पैर का ऑपरेशन हुआ था, इसलिए नीचे बैठ नहीं सकता। यहां कमोड भी नहीं है। कोरोना मरीज की सेवा करना, उनकी जान बचाना, दवा माफिया, हॉस्पिटल माफिया, ऑक्सीजन माफिया, एम्बुलेंस माफिया को बेनकाब करना ही मेरा अपराध है। मेरी लड़ाई जारी है।

हालांकि, मंगलवार रात उन्होंने वीरपुर जेल गेट पर SDM और दूसरे अधिकारियों से बातचीत में कहा था कि अभी उनका इलाज चल रहा है और 24 घंटे उन्हें डॉक्टर की निगरानी में रहने की जरूरत है। इसलिए उन्हें जेल न भेजकर अस्पताल की सुविधा मुहैया कराई जाए। इस पर SDM कुमार सत्येंद्र यादव ने कहा था कि जो भी सुविधा होगी, जेल प्रशासन मुहैया कराएगा।

32 साल पुराने अपहरण के केस में पप्पू यादव अरेस्ट

वीरपुर जेल में पहले भी अव्यवस्थाओं का विरोध हुआ
वीरपुर जेल से बाहर आने के बाद मुक्त हुए बंदियों ने भी पिछले साल जेल गेट के बाहर हंगामा किया था। उनका कहना था कि जेल के अंदर 3 चापाकल हैं, टॉइलेट भी है, लेकिन एक भी टॉइलेट में गेट नहीं है। बंदियों को दरवाजे जैसे टूटे फाटक के सहारे शौच के लिए बैठना पड़ता है।

खाने के नाम पर भी जेल प्रशासन शुरू से ही कटौती कर रहा है। दाल और सब्जी में पानी ही रहता है। शिकायत करने पर जेल प्रशासन बंदियों को टॉर्चर करता है। हालांकि, बाद में इन समस्याओं के समाधान का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन पूर्व सांसद पप्पू यादव के जेल में शिफ्ट होते ही एक बार फिर जेल में की खराब व्यवस्था सामने आ रही है।

पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर सरकार बंटी

सार्थक रंजन बोले- मेरे पिता के साथ मुजरिमों जैसा बर्ताव क्यों
पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद उनके बेटे सार्थक रंजन ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया है कि मंगलवार 9 बजे से तड़के 3 बजे तक मेरे पिता के साथ किसी मुजरिम की तरह बर्ताव किया गया है। मैं जानना चाहता हूं कि जुर्म है क्या? हॉस्पिटल की सच्चाई दिखलाना जुर्म है क्या? या जरूरतमंद लोगों की मदद करना जुर्म है? जो एंबुलेंस लोगों के काम आ सकते थे, उन्हें एक कैंपस में खड़ा करके रखा गया। पापा ने बिहार के हर एक घर के लिए अपना घर छोड़ा है। इस वक्त हम उन्हें अकेला नहीं छोड़ सकते।

मंगलवार को हुई थी गिरफ्तारी
बिहार में पूर्व सांसद पप्पू यादव को पटना स्थित मंदिरी आवास से मंगलवार सुबह कोरोना गाइडलाइन तोड़ने के आरोप में पटना पुलिस ने गिरफ्तार किया। देर शाम मधेपुरा पुलिस ने 32 साल पुराने अपहरण के एक मामले में अपनी हिरासत में ले लिया और रात में ही पटना से मधेपुरा ले आई।

इस दौरान जगह-जगह पप्पू समर्थकों ने प्रदर्शन किया। देर रात करीब 11 बजे पप्पू यादव को मधेपुरा कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। प्रभारी न्यायिक दंडाधिकारी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई की। उन्होंने पूर्व सांसद को रिमांड टू जेल का आदेश देते हुए न्यायिक हिरासत में वीरपुर (सुपौल) जेल भेजने को कहा।

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