तस्करी के खेल में पुलिस लिप्त: शादी में उत्पात के बाद ग्रामीणों ने चोरी की फॉरच्यूनर व अफीम समेत 2 तस्करों को पुलिस को सौंपा, धारा लगाई सिर्फ शांतिभंग की, एएसआई समेत 2 सस्पेंड


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बाड़मेर/ सेड़वा3 घंटे पहले

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मौके से बरामद की गई फॉरच्यूनर चोरी की है।

पुलिस और तस्करों के बीच सांठगांठ का बाड़मेर में सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक शादी समारोह में सरेआम धमकी देकर फॉरच्यूनर गाड़ी से उत्पात मचाने और फिर मारपीट करने की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंचती है लेकिन तस्करों के साथ मिलकर मामले को खुर्दबुर्द कर दिया।

तस्करों के खिलाफ सेड़वा पुलिस ने मामला दर्ज किया न उनके चोरी के वाहन को जब्त किया। ग्रामीणों ने तस्करों को पकड़वाया तो शांतिभंग की धाराओं में पकड़ा। चोरी की फॉरच्यूनर को बचाने के लिए एमवी एक्ट में चालान कर इतिश्री कर दी।

इस मामले को लेकर एसपी आनंद शर्मा के पास शिकायत पहुंची तो मामले की गंभीरता को देखते हुए एक एएसआई और एक कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया है। मामले की जांच बाड़मेर एएसपी नरपतसिंह को दी गई है। कुछ दिन पूर्व ही पीड़ित पक्ष ने एसपी को मामले की जानकारी दी थी।

इसके बाद एसपी ने चौहटन डीएसपी से मामले का सत्यापन करवाया तो एएसआई अचलाराम और कांस्टेबल जोगेंद्र कुमार की तस्करों से मिलीभगत सामने आने पर सस्पेंड कर दिया है। गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व मुकदमे में कार्रवाई के लिए आरजीटी थानाधिकारी 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा गया था, वहीं अब सेड़वा थाने के दो पुलिसकर्मियों पर तस्करों से सांठगांठ करने के गंभीर आरोप लगे है। चोरी की फॉरच्यूनर बरामद होने पर अब पुलिस खुद ने एफआईआर दर्ज की है।

तस्करों व पुलिस सांठगांठ का यह है पूरा मामला

सेड़वा क्षेत्र के सम्मो की ढाणी में एक परिवार में 2 फरवरी को बारात आई थी। इस दौरान धोरीमन्ना निवासी हनुमानराम पुत्र भगवानाराम विश्नोई व सुरजाराम पुत्र गिरधारीराम विश्नोई निवासी चितलवाना सांचोर फॉरच्यूनर गाड़ी से आए और हंगामा किया। इसके बाद ग्रामीणों ने इन्हें वहां से भगा दिया था। शादी समारोह के दूसरे दिन यानि 3 फरवरी को बदला लेने की नियत से ये तस्कर फॉरच्यूनर गाड़ी लेकर फिर से वहां आए।वहां गाड़ी से तीन-चार बार राउंड निकालते हुए दहशत फैलाई।

इसके बाद गाली-गलौच करते हुए मारपीट करने लगे। वहां लोगों की भीड़ थी। इसके बाद ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ लिया और सेड़वा थाना पुलिस को सूचना दी। सेड़वा थाने से एएसआई अचलाराम व कांस्टेबल जोगेंद्र मौके पर आए। ग्रामीणों ने फॉरच्यूनर गाड़ी में अफीम होना पाया था। पुलिस को दोनों बदमाशों को सुपुर्द किया और गाड़ी बरामद करवाई। शादी में मारपीट और माहौल खराब करने की रिपोर्ट भी दी गई।

भास्कर पड़ताल: आरोपियों को एसडीएम के समक्ष सिर्फ शांति भंग के आरोप में पेश किया,जमानत मिल गई

मारपीट और हंगामे की एफआईआर दर्ज नहीं क्यों नहीं?

सेड़वा थानाधिकारी अचलदान घटना के दिन अवकाश पर थे। सम्मो की ढाणी में तस्करों की ओर दहशत फैलाने के बाद ग्रामीणों ने ही उन्हें पकड़ पुलिस को सुपुर्द किया था। चोरी की फॉरच्यूनर गाड़ी भी मौके से बरामद करवाई थी जिसमें अफीम भी था। ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ पुलिस को सुपुर्द किया था। इसके बावजूद पुलिस ने इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की।

सिर्फ शांतिभंग की धारा में ही क्यों पकड़ा?

तस्कर हनुमानराम व सुरजाराम पर आबकारी एक्ट के कई मामले दर्ज है। दोनों तस्करों को 3 फरवरी की शाम 6 बजे पुलिस ने सिर्फ शांतिभंग में गिरफ्तार किया, इसके अगले दिन 4 फरवरी को दोपहर 1 बजे एसडीएम के समक्ष पेश किया। यहां से आरोपियों को जमानत मिली। गाड़ी में अफीम भी था, ऐसे में बरामद अफीम को भी खुर्दबुर्द कर दिया। पुलिस ने सिर्फ शांतिभंग की धाराएं लगाकर पेश किया।

लूट, तस्करी, हमले के 8 मामले, तो पुलिस मेहरबान क्यों?

तस्कर हनुमानराम पर शराब तस्करी, चोरी और जानलेवा हमले के 5 मुकदमे दर्ज है। जबकि सुरजाराम पर 2 आबकारी एक्ट और 1 मारपीट का मामला दर्ज है। इसके बावजूद सेड़वा पुलिस ने इन्हें बचाने का प्रयास किया। शराब तस्करी में लंबे समय से लिप्त रहे हैं। चोरी की फॉरच्यूनर को बचाने के लिए सिर्फ एमवी एक्ट का ही चालान काटा गया। गाड़ी में अफीम भी था तो पुलिस ने उसका केस क्यों नहीं बनाया।

चोरी की फॉरच्यूनर का सिर्फ एमवी एक्ट में चालान क्यों?

मौके से बरामद की गई फॉरच्यूनर चोरी की है। इस पर लगी नंबर प्लेट आरजे 04 यूए 6677 है। ये नंबर 2010 मॉडल की फॉरच्यूनर के है। जबकि यह फॉरच्यूनर 2015 के मॉडल की है। ऐसे में पुलिस ने चोरी की फॉरच्यूनर को बचाने के लिए एमवी एक्ट का ही चालान काटा है। जबकि बरामद फॉरच्यूनर के चेसिस व इंजन नंबर घिसे हुए थे।

चोरी की फॉरच्यूनर को बचाने के लिए 2010 के मॉडल की गाड़ी की नंबर के नंबर प्लेट के आधार पर कागज पेश कर बचाने की कोशिश की। जबकि चोरी के वाहन के ऑरिजनल नंबर निकालने का प्रयास नहीं किया। अब पुलिस चोरी के वाहन का पता लगा रही है।

एएसआई और कांस्टेबल को सस्पेंड किया है: एसपी

  • सेड़वा थाने के एएसआई अचलाराम और कांस्टेबल जोगेंद्र की तस्करों से सांठगांठ को लेकर शिकायत मिली थी, जिसके बाद सस्पेंड कर दिया है। किसी शादी समारोह में चोरी की फॉरच्यूनर गाड़ी घूमाने, हंगामा और मारपीट करने के बाद उन्हें शांतिभंग में ही पेश कर जमानत पर छोड़ दिया। जबकि उनके कब्जे से चोरी की गाड़ी थी, उसकी एफआईआर दर्ज नहीं हुई। मौके से अफीम बरामद होने के भी आरोप है, हालांकि अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो रही है। मामले की जांच एएसपी नरपतसिंह को दी गई है। – आनंद शर्मा, एसपी, बाड़मेर

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