ताऊ ते के बाद समुद्र में रेस्क्यू का 5वां दिन: 51 शव मिले, 22 की तलाश अब भी जारी; 338 लोगों की जान खतरे में डालने वाले बार्ज कैप्टन के खिलाफ FIR


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मुंबई3 मिनट पहलेलेखक: विनोद यादव

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17 मई की शाम से बार्ज P-305 पर सवार 22 लोगों की तलाश अब भी जारी है।

ताऊ ते तूफान के कारण समुद्र में डूबे बार्ज को 4 दिन बीत चुके हैं। पांचवे दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। 51 कर्मचारियों के शव शुक्रवार तक बरामद किए जा चुके हैं। 22 की तलाश अब भी जारी है।

समुद्र में डूबे बार्ज पी-305 के कैप्टन राकेश बल्लव समेत कई लोगों के खिलाफ मुंबई के येलो गेट पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है। सभी पर कर्मचारियों की जिंदगी खतरे में डालने का आरोप है। केस दर्ज होने के बाद से राकेश गायब है। दावा किया जा रहा है कि 17 मई को जब ‘ताऊ ते’ आया तो लाइफ जैकेट पहन राकेश बल्लब ने समुद्र में छलांग लगा दी थी।

चेतावनी को नजरअंदाज किया
बार्ज के इंजीनियर मुस्तफीजूर रहमना शेख की शिकायत पर धारा पुलिस स्टेशन में IPC की धारा 304(2) (गैर इरादतन हत्या), 338 (जान जोखिम में डालने) और धारा 34 के तहत FIR दर्ज की गई है। रहमान का आरोप है कि मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी के बाद भी राकेश बल्लव ने बार्ज कर्मचारियों की जान खतरे में डाली। 17 मई की देर शाम को बॉम्बे हाई के हीरा ऑयल फील्ड की पी-305 बार्ज डूब गई थी। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही तूफानी रात में करीब 10 बजे INS कोच्चि और INS कोलकाता घटनास्थल पर पहुंचे थे।

रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे 5 INS जहाज
लगातार 5वें दिन भी नौसेना और कोस्टल गार्ड का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। वेस्टर्न नेवल कमांड के प्रवक्ता कमांडर मेहुल कार्निक ने बताया कि 5 INS शिप अभी भी समुद्र में फंसे लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं। 31 शव मुंबई पुलिस को सौंप दिए गए हैं। अन्य शवों को पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया जारी है।

अभी तक 188 लोगों को रेस्क्यू कर सही सलामत लाया गया है।

अभी तक 188 लोगों को रेस्क्यू कर सही सलामत लाया गया है।

तलाश का दायरा बढ़ा
शुक्रवार को नेवी ने तलाश का दायरा बढ़ा दिया है। अब समुद्र के अंदर तकरीबन 650 नॉटीकल माइल (करीब 1200 किलोमीटर) के दायरे में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। हवा की वजह से कर्मचारियों के बहकर कई किलोमीटर दूर चले जाने की आशंका भी जताई जा रही है। ऐसे लोगों को तलाशने में उनके शरीर पर लगी लाइट काफी मददगार साबित हुई है। यह पानी के संपर्क में आने के बाद जल उठती है। इससे निकलने वाली रौशनी करीब 5 किलोमीटर तक प्रकाश फैलाती है, जिससे खोजी दस्ते को मदद मिल रही है।

कंपनी की लापरवाही से गई 50 से ज्यादा की जान
FIR दर्ज करवाने वाले चीफ इंजीनियर रहमान ने आरोप लगाया है कि बार्ज पर मौजूद लोगों ने कई बार राकेश और कंपनी के बड़े अधिकारियों से तट पर चलने के लिए कहा, लेकिन वे बार-बार सब ठीक है कहते रहे। उनकी लापरवाही से 50 से ज्यादा लोगों की जान गई है। उन्होंने कहा है कि IMD की चेतावनी के बाद 14 से 15 मई के बीच जहाज पी 305 को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया होता तो 261 लोगों की जान मुसीबत में नहीं फंसती।

इंजीनियर को भी आई चोट
रहमान बार्ज के डूबने के दौरान आखिरी समय तक वहां मौजूद थे। बार्ज के डूबने के कारण उन्हें काफी चोट आई है और वो ताड़देव के अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं।

रेस्क्यू किये गए लोगों के साथ नेवी के लोग।

रेस्क्यू किये गए लोगों के साथ नेवी के लोग।

दूर बहे लोगों को ढूंढना चुनौती
वेस्टर्न नेवल कमांड के प्रवक्ता कमांडर मेहुल कार्निक ने बताया कि दुर्घटना के दिन ताउते के चलते कुछ मीटर की दूरी पर भी रेस्क्यू टीम को कुछ भी नजर नहीं आ रहा था। इसी दौरान चक्रवाती तेज हवाओं और घनघोर बारिश के चलते अलग-अलग दिशा में समंदर में बहे लोगों को बचाना बेहद चुनौतीपूर्ण था। ऐसे में, लाइफ जैकेट में लगी बैटरी उनके लिए सहायक बनी, जिसकी रोशनी से वह तेजी से नाविकों तक पहुंच पाए। तेज हवा और ऊंची लहरों के बीच नौसैनिकों ने 17 मई की रात 60 और सुबह तक कुल 188 लोगों का रेस्क्यू कर लिया गया है।

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