दिल्ली में फिर केंद्र VS केजरीवाल: दिल्ली सरकार की घर-घर राशन योजना पर केंद्र की रोक, CM केजरीवाल 25 मार्च को करने वाले थे शुरुआत


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नई दिल्ली20 मिनट पहले

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केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच अधिकारों को लेकर लंबे समय से लड़ाई चल रही है। केजरीवाल कई बार दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग कर चुके हैं।

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार के बीच घमासान थमता नजर नहीं आ रहा है। उपराज्यपाल की शक्तियों को लेकर चल रही बहस के बीच मोदी सरकार ने केजरीवाल सरकार को एक और झटका दिया है। केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार की ‘मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना’ पर रोक लगा दी है। इस योजना की शुरुआत CM अरविंद केजरीवाल 25 मार्च को करने वाले थे।

स्कीम लॉन्च करते समय सीमापुरी इलाके के 100 परिवारों को राशन बांटने का प्लान तय था। केंद्र सरकार की तरफ से दिल्ली सरकार के खाद्य आपूर्ति सचिव को चिट्‌ठी लिखी गई है। चिट्‌ठी में कहा गया है कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राज्यों को राशन देती है। इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया जा सकता। इसलिए योजना को शुरू न किया जाए।

केजरीवाल सरकार ने जारी कर दिए थे टेंडर
घर-घर राशन योजना को लेकर दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार काफी उत्साहित थी। केजरीवाल सरकार ने इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिए थे। केंद्र के इस कदम के बाद आम आदमी पार्टी ने BJP पर राशन माफिया को शह देने का आरोप लगाया है। आप ने कहा कि केंद्र सरकार ने राशन माफिया के कहने पर ही ऐसा किया है।

NCT बिल पर भी चल रहा है विवाद
NCT (नेशनल कैपिटल टेरिटरी) ऑफ दिल्ली (अमेंडमेंट) बिल, 2021 को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार और दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार आमने-सामने हैं। सोमवार को लोकसभा में ये बिल लाया गया था। इसके बाद सीएम अरविंद केजरीवाल ने बिल का विरोध किया था। बुधवार को इस बिल के खिलाफ लखनऊ में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान लखनऊ के 1090 चौराहे पर कार्यकर्ताओं के द्वारा सड़क जाम करने पर पुलिस से झड़प हो गई। पुलिस ने लाठीचार्ज करते हुए कार्यकर्ताओं वहां से खदेड़ा। इस 12 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था।

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