दीवारों पर बंगाल की संस्कृति: 100 फुट के वॉल आर्ट में दिखेगा विक्टोरिया मेमोरियल और बंगाली कल्चर


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चंडीगढ़43 मिनट पहले

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सेक्टर-35 के बंग भवन के एंट्रेस एरिया को शहर के छह आर्टिस्ट द्वारा तैयार किया जा रहा है। यहां 85 से 100 फुट का वॉल आर्ट तैयार किया जा रहा है। इसमें बंगाल का हैरिटेज और आर्ट नजर आएगा।

हर राज्य के जायके में एक अलग स्वाद और खुशबू हाेती है। भाषा और पहनावे के साथ खाना बनाने का तरीका भी अलग हो जाता है। जल्द ही वेस्ट बंगाल की आबोहवा काे दिखाती शहर में एक लंबी दीवार होगी। सेक्टर-35 के बंग भवन के एंट्रेस एरिया को शहर के छह आर्टिस्ट द्वारा तैयार किया जा रहा है। यहां 85 से 100 फुट का वॉल आर्ट तैयार किया जा रहा है।

यहां 85 से 100 फुट का वॉल आर्ट तैयार किया जा रहा है।

यहां 85 से 100 फुट का वॉल आर्ट तैयार किया जा रहा है।

इसमें बंगाल का हैरिटेज और आर्ट नजर आएगा। अपने कल्चर को दिखाने की यह पहल बंगीय समिति द्वारा की गई है। इस वॉल आर्ट में बंगाल राज्य के इतिहास, पहनावा, कल्चर, त्याेहार, परंपरा और कला की झलक मिलेगी। शुरुआत 5 फरवरी से ड्राइंग के साथ हुई है। तीन दिन में सोमवार शाम तक वॉल के दो हिस्से तैयार हो गए हैं।

आर्टिस्ट पबित्रा ने बताया कि इस वॉल से हम अपनी ट्रेडिशनल आर्ट फॉर्म काे रंग रहे हैं। समिति ने अप्रोच किया कला के जरिए हैरिटेज और परंपरा के रंगों को दिखाने के लिए, जिसकी वजह से आज भी बंगाल को जाना जाता है। इसीलिए चैरिटी के मकसद से अपने स्टूडेंट्स के साथ मिलकर इस कार्य काे पूरा कर रहा हूं।

धीरे-धीरे जब पूरी वॉल तैयार हो जाएगी तो आखिरी में इसकी फिनिशिंग होगी।

धीरे-धीरे जब पूरी वॉल तैयार हो जाएगी तो आखिरी में इसकी फिनिशिंग होगी।

मकसद यही है कि जो भी यहां आए वो कैंपस तक पहुंचने वाले इस वॉल आर्ट को देखे और कल्चर को जान सकें। तीन दिन पहले वॉल आर्ट शुरू किया। कुछ हिस्से को स्केचिंग कर रंगों से भरा है, ताकि एक ओवरव्यू मिल जाए। धीरे-धीरे जब पूरी वॉल तैयार हो जाएगी तो आखिरी में इसकी फिनिशिंग होगी।

एंट्रेंस से आखिर तक यह चीजें होंगी

शुरुआत में एक महिला बंगाली लिबास में स्वागत करती दिखेगी। फिर वहां के मोटिव से बांकुड़ा की घोड़ी, गाना गाता फकीर और लंबा हावड़ा ब्रिज होगा। फिर आर्किटेक्चर खूबसूरती वाला विक्टोरिया मेमोरियल और सवारी कराते हुए ट्रायम व पुलिंग वाला रिक्शा होगा। उसके बाद दक्षिणेश्वर काली माता मंदिर और बंगाली कपड़ों में शादी के रीति-रिवाज काे दिखाया जाएगा। अागे बढ़ने पर गाना व नाटक के बाद फिर पोट्रा शिल्प आर्ट होगा। इसके बाद बंगाली आर्टिस्ट यामी राय के आर्ट को रिप्रजेंट किया जाएगा। रामायण और गांव की महिलाओं को दिखाया जाएगा। उसके बाद दुर्गा पूजा का मेन फेस्टिवल हाेगा। कैसे बंगाली वेशभूषा में धूप धूनी और ढाक बजाते हुए दिखाया है।

सभी कलाकार एक साथ।

सभी कलाकार एक साथ।

छह कलाकार बना रहे हैं

इस वॉल आर्ट को छह आर्टिस्ट बना रहे हैं। इसमें पबित्रा मजूमदार, विलिक कुमार वर्मा, सन्नी, मोहम्मद सूफियान, अजय आर्ट बना रहे हैं। जिन्हें सरिता सहयोग कर रही हैं। अगले दस दिनों में, यानी बसंत पंचमी तक इसे पूरी करने की कोशिश हैं। रोजाना दो घंटे शाम में कलाकार मिलकर वॉल आर्ट करते हैं।

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