दूसरी लहर के मामलों की जीनोम सीक्वेंसिंग: कर्नाटक में डेल्टा वैरिएंट बच्चों में भी संक्रमण की प्रमुख वजह, कुल संक्रमितों में 10% बच्चे, राज्य में 77% नए संक्रमण डेल्टा वैरिएंट के कारण हुए


  • Hindi News
  • National
  • Delta Variant Is Also The Main Cause Of Infection Among Children In Karnataka, 10% Of The Total Infected Children, 77% Of New Infections In The State Were Due To Delta Variant

बेंगलुरू7 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

कर्नाटक में अब तक 29.05 लाख से ज्यादा कोरोना मरीज मिले हैं।

कोरोना की दूसरी लहर के दौरान कर्नाटक में बच्चों में भी संक्रमण का प्रमुख कारण डेल्टा वैरिएंट रहा है। राज्य में जीनोम सीक्वेंसिंग के नोडल अधिकारी प्रोफेसर वी रवि ने यह दावा किया है। प्रोफेसर रवि कोरोना संक्रमित बच्चों के सैंपल में जीन सीक्वेंसिंग का अध्ययन कर रहे हैं।

प्रोफेसर रवि ने कहा कि वयस्कों की तरह बच्चों को भी प्रमुख रूप से डेल्टा वैरिएंट प्रभावित कर रहा है। अन्य किसी वैरिएंट का उन पर ज्यादा प्रभाव नहीं है। जीनोम सीक्वेंसिंग के आंकड़ों के मुताबिक कर्नाटक में 77% नए संक्रमण डेल्टा वैरिएंट के कारण हुए हैं। दूसरी लहर में जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए 1,413 मरीजों पर अध्ययन किया गया। इनमें से 1089 में डेल्टा वैरिएंट था।

कर्नाटक में अब तक 29.05 लाख से ज्यादा कोरोना मरीज मिले हैं। इनमें से 10% बच्चे हैं। इनकी उम्र 0 से 19 साल तक है। इनमें मृत्यु दर 0.1% रही है। बता दें कि दूसरी लहर में संक्रमित बच्चों की जीनोम सीक्वेंसिंग का अध्ययन इसलिए किया जा रहा है, ताकि संभावित तीसरी लहर में उनकी सुरक्षा की बेहतर तैयारी की जा सके। कुछ चिंताएं हैं कि तीसरी लहर में बच्चे संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकते हैं।

अमेरिका : टीके न लेने वाले युवा ज्यादा संक्रमित हो रहे हैं
अमेरिका में कोराना के नए मरीजों में 80% मामले डेल्टा वैरिएंट के हैं। इस वैरिएंट का असर युवाओं पर ज्यादा पड़ रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों में कई की उम्र 20 से 30 साल है। कुछ विशेषज्ञ यह भी मान रहे हैं कि टीके नहीं लगाने के कारण युवा डेल्टा वैरिएंट से ज्यादा संक्रमित हो रहे हैं। सीडीसी के मुताबिक अमेरिका में 65 से 74 साल की उम्र के 80% लोगों को कोरोना के दोनों टीके लगाए जा चुके हैं। जबकि 18 से 39 साल की उम्र के 50% से भी कम लोगों को टीका लगा है।

खबरें और भी हैं…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *