दोहरा मापदंड: प्रियंका ने यूपी में संविदा भर्ती को युवाओं का अपमान बताया था, अब राजस्थान में कंप्यूटर शिक्षकों को संविदा पर लेने का फैसला


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जयपुर2 घंटे पहले

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बेरोजगारों ने संविदा आधारित भर्ती के मामले में कांग्रेस पर दोहरा रवैया अपनाने का भी आरोप लगाया है।

  • कांग्रेस ने यूपी-गुजरात में संविदा भर्ती का किया था विरोध, प्रदेश में अपनी सरकार फिर यह फैसला क्यों?
  • अब युवा #प्रियंका_जी_संविदा_भर्ती_के_विरोध_में हैशटेग को करा रहे हैं ट्रेंड

राजस्थान में कंप्यूटर शिक्षक भर्ती संविदा पर निकाले जाने के लेकर बवाल मच गया है। नियमित भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं ने सरकार के इस निर्णय के खिलाफ आंदोलन की तैयारी कर ली है। बेरोजगारों ने संविदा आधारित भर्ती के मामले में कांग्रेस पर दोहरा रवैया अपनाने का भी आरोप लगाया है।

एक तरफ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश में संविदा आधारित भर्ती को युवाओं का शोषण करार देती है, दूसरी तरफ राजस्थान की कांग्रेस सरकार कंप्यूटर शिक्षकों की भर्ती संविदा पर करने का निर्णय करती है। राज्य सरकार ने एक दिन पहले ही प्रदेश में संविदा आधारित कंप्यूटर शिक्षक भर्ती का ऐलान किया है।

इस ऐलान के साथ ही प्रदेश के युवाओं में उबाल आ गया। रविवार को उन्होंने बैठक कर सरकार के इस निर्णय के खिलाफ आंदोलन की रणनीति तैयार की। उनका कहना था कि पिछले साल बजट में कैडर बनाकर भर्ती की घोषणा की गई थी। लेकिन यहां सरकार ने उनके सपनों को चूर चूर कर दिया है।

यूपी में यह थे प्रियंका के बयान

  • पहला ट्वीट : 13 सितंबर 2020 को प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया था कि युवा नौकरी की मांग करते हैं और यूपी सरकार भर्तियों को 5 साल के लिए संविदा पर रखने का प्रस्ताव ला देती है। ये जले पर नमक छिड़कर युवाओं को चुनौती दी जा रही है। गुजरात में यही फिक्स पे सिस्टम है। वर्षों सैलरी नहीं बढती, परमानेंट नहीं करते। युवाओं का आत्मसम्मान नहीं छीनने देंगे।
  • दूसरा ट्वीट : 16 सितंबर 2020 को प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया था कि पहले तो नौकरी ही नहीं देंगे। जिसको मिलेगी, उसको 30-35 से पहले नहीं मिलेगी। फिर उस पर 5 साल अपमान वाली संविदा की बंधुआ मजदूरी। युवा सब समझ चुका है।

बोर्ड परीक्षा पर प्रियंका गांधी का पत्र पड़ा था भारी

बोर्ड परीक्षा को लेकर प्रियंका गांधी का खत सरकार पर भारी पड़ा था। यहां शिक्षामंत्री गोविंद सिंह डोटासरा दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करने की बार बार घोषणा करते थे। लेकिन जब सीबीएसई की परीक्षा रद्द करने को लेकर प्रियंका गांधी ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री को पत्र लिखा तो आनन फानन में बैठक बुलाकर प्रदेश में दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं रद्द कर दी गई। युवाओं ने सवाल उठाया कि भर्ती के मामले में प्रियंका गांधी की राय तो क्यों तवज्जो नहीं दी गई।

संविदाकर्मियों को स्थायी करने का वादा पूरा नहीं

  • कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले संविदाकर्मियों को स्थायी करने का वादा किया था। सरकार बनते ही इस मामले पर कमेटी का गठन कर दिया गया, लेकिन 8 बैठकों के बाद भी मामला अटका है। न तो संविदाकर्मियों को नियमित किया गया और न ही समस्याओं का निराकरण किया गया।
  • प्रदेश में करीब 11 हजार स्कूलों में कंप्यूटर लैब हैं। साथ ही माध्यमिक शिक्षा में कंप्यूटर विषय की पढ़ाई भी होती है। इसलिए नियमित कंप्यूटर शिक्षक भर्ती की मांग कर रहे हैं।
  • कांग्रेस के नेता यूपी में संविदा भर्ती का विरोध करते हैं और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार संविदा पर भर्ती करके युवाओं के साथ अन्याय कर रही है। हमने प्रियंका गांधी तक अपनी बात पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया पर अभियान चलाया है। संविदा आधारित भर्ती हमारे भविष्य के साथ धोखा है। नियमित भर्ती के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा। – दीपेश चौधरी, मीडिया प्रभारी, राज. कंप्यूटर शिक्षक भर्ती संघर्ष समिति

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