दो टूक: स्थानीय नीति पर झामुमो की दो टूक, स्थानीयता पर रघुवर सरकार का कट ऑफ 1985 नहीं मानेंगे


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बाेकाराे13 घंटे पहले

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  • अंतिम सर्वे सेटलमेंट पर लागू होगी स्थानीय नीति
  • पार्टी के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि हमारी पहचान खतियान

झामुमाे ने स्पष्ट किया है कि भाजपा की रघुवर सरकार के कार्यकाल में पारित स्थानीय नीति का कट ऑफ डेट 1985 किसी हाल में नहीं माना जाएगा। अंतिम सर्वे सेटलमेंट को आधार मानकर ही झारखंड में स्थानीय नीति लागू की जाएगी। पार्टी के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि हमारी पहचान खतियान है। स्थानीय नीति के लिए खतियान ही आधार है।

इसलिए पूर्ववर्ती भाजपानीत सरकार द्वारा परिभाषित की गई स्थानीय नीति को मानने के लिए झामुमो तैयार नहीं है। सुप्रियो सोमवार को रांची से प. बंगाल जाने के क्रम में चंदनकियारी में मीडिया से बात कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार के एक साल के कामकाज को अभूतपूर्व बताया। प. बंगाल की राजनीति पर चर्चा करते हुए तृणमूल कांग्रेस और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा जिस तेजी से बंगाल में पांव पसार रही है, उसे रोकने के लिए झामुमो का चुनाव लड़ना बेहद जरूरी है।

क्या है सर्वे सेटलमेंट

सर्वे सेटलमेंट में किसी जमीन को अंतिम रूप से खरीदने वाले व्यक्ति का नाम खतियान और रजिस्टर-टू में दर्ज किया जाता है। उदाहरण के रूप में वर्ष 2000 में अमरू मुंडा ने गंदरू मुंडा से जमीन खरीदी। 2010 में अंतिम सर्वे सेटलमेंट हुआ तो खतियान में उक्त प्लॉट गंदरू मुंडा की जगह अमरू मुंडा के नाम दर्ज हो जाएगा।

जनता को अधिकार नहीं दे सकी तृणमूल कांग्रेस

प. बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव पर सुप्रियो ने कहा कि झामुमो वहां पहले चरण में 25-30 सीटों पर चुनाव लड़ेगा। बंगाल में डैम, कोयला खदान समेत संसाधन से भरा-पूरा रहने के बावजूद तृणमूल कांग्रेस सरकार अपने शासनकाल में बंगाल का सर्वांगीण विकास एवं जनता को अधिकार सम्मान नहीं दे पाई। आवश्यकतानुसार रोजगार सृजन नहीं करा पाई, जिससे बड़ी तादाद में मजदूर रोजी रोटी कमाने झारखंड आते हैं।

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