निवेशकों में हड़कंप: मोतियों की माला बनवाने के नाम पर 1500 लोगों से 70 लाख से ज्यादा ठगे, कंपनी पदाधिकारी फरार


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हिसार4 घंटे पहले

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अर्बन एस्टेट काॅम्प्लेक्स में एलेक्स इंटरप्राइजिज कंपनी के बाहर पीड़ित रोष प्रदर्शन करते हुए।

  • कंपनी पदाधिकारियों के फोन बंद, दफ्तर पहुंचे तो काेई नहीं मिला, लोगों ने एसपी को दी शिकायत

अर्बन एस्टेट टू स्थित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के एससीओ-100 नंबर में संचालित एलेक्स इंटरप्राइजिज कंपनी के पदाधिकारियों पर करीब 1500 निवेशकों से करीब 70 लाख से अधिक राशि हड़पने कर फरार होने का आरोप लगा है। ब्रांच खोलने के नाम पर भी एक-एक लाख रुपये ठगी का लोगों ने आरोप लगाया है। यह कंपनी लोगों को घर बैठे रुपये कमाने का झांसा देकर मोती थमाती थी। जिसे धागे में पिरोकर वापस माला लेकर लेबर इन्सेंटिव दिया करती थी।

आरोप है कि रातों-रात कंपनी बंद करके पदाधिकारी लाखों रुपये बटोरकर भूमिगत हो गए। जैसे-जैसे निवेशकों को इसकी भन लगी तो वे सोमवार को कॉॅम्प्लेक्स में जुटने लगे। लोगों ने यहां हंगामा करते हुए नारेबाजी की। कंपनी के पदाधिकारियों के फोन नंबर पर संपर्क किया तो बंद मिला।

गुस्साए निवेशकों ने कंपनी के नाम का फ्लैक्स फाड़कर विरोध जताया। इसके बाद संबंधित थानों में जाकर गुहार लगाई। निवेशक एकत्रित होकर लघु सचिवालय भी पहुंचे। वहां एसपी बलवान सिंह राणा से मिले। जिन्हें आपबीती सुनाई। एसपी ने तुरंत शिकायत लेकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

डिलीवरी ब्वॉय बोला, कई का वेतन भी नहीं दिया

कंपनी में डिलीवरी ब्वॉय रहे नीरज ने बताया कि पदाधिकारी कई का वेतन भी नहीं देकर गए। मेरा तो 15-20 दिन का वेतन है लेकिन कई ऐसे हैं जिनका दो या तीन से वेतन नहीं मिला है। मैं रोज करीब 70 पैकेट डिलीवरी करता था।

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शनिवार रात को सामान लोड कर ले गए

इसी कॉम्प्लेक्स में काम करने वाले एक कारिंदे ने बताया कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद दूसरे फ्लोर पर एलेक्स इंटरप्राइजिज कंपनी नाम से ऑफिस खुला था। काफी लोग यहां आते-जाते थे। शनिवार रात करीब 10 बजे कंपनी में काम करने वाला व्यक्ति नीचे सामान उतार रहा था। मैंने पूछा कि क्या बात। बोले कि यह माल सप्लाई के लिए भेजना है। एक गाड़ी में माल लोड कर रहे थे। सोमवार सुबह लोग इकट्‌ठे हुए तो हल्ला मचा कि लाखों रुपये ठगकर कंपनी पदाधिकारी फरार हो गए। ऑफिस का किराया और चाय विक्रेता का भुगतान नहीं किया।

आधार में पदाधिकारी का नाम व पता मिला

एक निवेशक के हाथ कंपनी के पदाधिकारी अजीत कुमार का आधार कार्ड हाथ लगा है। यह और राहुल नामक व्यक्ति डील करता था। अजीत कुमार दिल्ली के भागीरथी विहार नॉर्थ ईस्ट का रहने वाला है। निवेशकों ने कई बार पदाधिकारियों से संपर्क का प्रयास किया लेकिन शनिवार से फोन बंद आ रहे हैं।

जानिए… कैसे कंपनी ने लोगों को फंसाया

1. एलेक्स कंपनी ने विज्ञापन के माध्यम से लोगों को घर बैठे पैसा कमाने का लालच दिया। इनके झांसे में आकर लोगों ने पैसा निवेश करना शुरू कर दिया। माेती, रुद्राक्ष, तुलसी, चंदन, एंब्रोडरी बीट्स, ऑल टाइप ऑफ हैंड मैकिंग ज्वेलरी, एफएमसीजी आइटम और ऑल टाइप ऑफ इंटीरियर वर्क में पैसा निवेश करवाकर इन्सेंटिव देती थी।

2. कंपनी पदाधिकारी मोती या अन्य आइटम देकर बदले में माला लेते थे। मोती का एक पैकेट देते समय 1500 रुपये सिक्योरिटी राशि जमा करवाते थे। इस तरह जितने ज्यादा पैकेट उतनी ज्यादा सिक्योरिटी राशि जमा करवाते थे। माला बनने पर उन्हें लेकर दिल्ली में बेचने के लिए भेजा करते थे। निवेशकों को प्रति माला के हिसाब से इन्सेंटिव देते थे।

3. कंपनी के अधीन करीब 15 से 20 डिलीवरी ब्वॉय कार्यरत थे। ये रोज 800 से 1000 पैकेट डिलीवर करते थे। संपर्क में आने वाले लोगों को कंपनी की स्कीम बताकर जुड़ने के लिए भी कहते थे।

कैसे ठगा… हिसार-फतेहाबाद के लोगों ने लगाए थे पैसे

1. ब्रांच खोलने के नाम पर 1.50 लाख, लेबर के 1.80 लाख हड़पे

निवेशक भारत ने बताया कि लॉकडाउन के बाद कंपनी ने ऑफिस खोला था लेकिन नवंबर में काम शुरू किया था। करीब 1500 अकाउंट खोले थे। 750 ग्राम मोतियों का एक पैकेट होता था, जिसके लिए 1500 रुपए लेते थे। मेरे ब्रांच खोलने के नाम पर 1.50 लाख, अकाउंट स्लीप के 2.75 लाख और जिनसे माला बनवाई उनकी लेबर के 1.80 लाख रुपये हड़प लिए।

कंपनी को सोमवार को करीब 20 लाख लेबर के बांटने थे। एरिया में ब्रांच खोलने के नाम पर करीब 15 लाेगों से एक-एक लाख रुपये ले लिए। हिसार सहित फतेहाबाद तक के लोगों ने कंपनी में पैसा लगाया था। करीब 1500 से ज्यादा लोगाें के 70 लाख से ज्यादा की राशि ठग ले गए।

2. ब्याज पर रुपए लेकर किए थे निवेश

योग नगर वासी मीनू ने बताया कि मेरे 60 हजार रुपये, बहन मंजू के 25000 रुपये, मां तारावती के नाम पर साढ़े 13 हजार रुपये निवेश किए थे। हमें रॉ मैटेरियल देते थे। बदले में माला लेकर लेबर इनसेंटिव दिया करते थे। हम सोचते थे कि घर बैठे दो रुपये आए तो क्या बुराई है। इसलिए पैसा निवेश किया था। मैंने तो 60 हजार में से 45 हजार रुपये ब्याज पर उठाए थे। हमने तो पुलिस से कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है।

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