परमबीर का लेटर बम: गृह मंत्री देशमुख ने उद्धव को लिखा पत्र, कहा-परमबीर के आरोपी की जांच करा ‘दूध का दूध, पानी का पानी’ करें


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मुंबई6 मिनट पहले

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यह पहली बार है जब अनिल देशमुख ने परमबीर के आरोप पर जांच करवाने की बात कही है।

महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने मुंबई के पूर्व कमिश्नर और DG होमगार्ड परमबीर सिंह के आरोप पर जांच कराने की मांग की है। सिंह ने देशमुख पर एंटीलिया मामले में गिरफ्तार सचिन वझे से हर महीने 100 करोड़ रुपए वसूलने के आरोप लगाया था। इस बाबत अनिल देशमुख ने सीएम उद्धव ठाकरे को एक चिट्ठी लिखी है।

उन्होंने अपनी इस चिट्ठी को देर रात सोशल मीडिया में साझा की है। मराठी में ट्वीट करते हुए देशमुख ने लिखा है…

  • ‘परमबीर सिंह द्वारा मुझपर लगाए गए आरापों की जांच करवाकर “दूध का दूध, पानी का पानी” करने कि मांग मैंने माननीय मुख्यमंत्री महोदय से करी थी। अगर वे जांच के आदेश देते हैं तो मै उसका स्वागत करूंगा।
  • ‘राज्य शासन पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह द्वारा 17 मार्च 2021 को पुलिस कमिश्नर पद से हटाने के बाद मुझ पर लगाए गए आरोपों की जांच कराएं ताकि सत्य बाहर आ सके।’

भारतीय जनता पार्टी लगातार हमलावर है

परमबीर के इन आरोपों के बाद से महाराष्ट्र की राजनीति में उथल-पुथल मची हुई है। विपक्ष(बीजेपी) लगातार हमलावर है। बुधवार को एक डेलिगेशन राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिला और उन्हें 100 सवालों की एक लिस्ट सौंपी। भाजपा लगातार अनिल देशमुख के इस्तीफे की मांग कर रहा है। उन्होंने राज्य में पैदा हालात की रिपोर्ट राष्ट्रपति को भेजने की मांग की थी। बुधवार को देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि इस सरकार को सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं है। वहीं बीजेपी नेता सुधीर मुनगंटीवार ने गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात के बाद कहा, ‘हमने भ्रष्टाचार के मामलों में भी उनसे दखल देने की अपील की है और राष्ट्रपति को पूरी स्थिति से अवगत कराने का आग्रह किया है।’ इससे पहले मंगलवार को देवेंद्र फडणवीस ने दिल्ली जाकर गृह सचिव से मुलाकात की थी और राज्य में आईपीएस अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग से जुड़े रैकेट के बारे में जानकारी दी थी।

परमबीर सिंह ने अपनी चिट्ठी में लगाए थे ये आरोप

  • मेरा स्थानांतरण महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 की धारा 22 एन (2) के तहत किया गया था। जिसमें कारण बताया गया है कि मेरे स्थानांतरण की आवश्यकता प्रशासनिक अनिवार्यता थी। मेरा मानना है कि स्थानांतरण का कारण जो सरकार द्वार नोट किया गया है उसमें एंटीलिया की घटना की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना है।
  • परमबीर सिंह ने अपनी चिट्ठी में कहा है कि गृह मंत्री अनिल देशमुख ने ‘एक मराठी अखबार’ को दिए इंटरव्यू, जिसे 18 मार्च 2021 को बड़े पैमाने पर रिपोर्ट की गई, जिसमें कहा था:- ‘ मुंबई पुलिस और मेरे द्वारा एंटीलिया घटना की जांच में गंभीर खामियां थीं। मेरी गलतियां क्षमा के लायक नहीं थी; और मेरा स्थानांतरण प्रशासनिक आधार पर नहीं हुआ है।’
  • परमबीर सिंह ने कहा कि अनिल देशमुख ने सचिन वाजे को कई बार घर पर मिलने के लिए बुलाया था। गृह मंत्री ने वाजे को फंड का जुगाड़ करने के लिए भी कहा था। इतना ही नहीं वाजे को हर महीने 100 करोड़ रुपये की वसूली का भी लक्ष्य दिया था। गृह मंत्री ने वाजे को बताया था कि मुंबई में लगभग 1,750 बार, रेस्तरां और अन्य प्रतिष्ठान हैं। प्रत्येक से हर महीने 2-3 लाख अगर लिए जाएं तो 40-50 करोड़ का जुगाड़ हो जाएगा। गृह मंत्री ने कहा था कि बाकी बची रकम अन्य स्रोतों से बनाया जा सकता है।
  • परमबीर सिंह ने अपने इस पत्र में वसूली को लेकर एसपी पाटील नाम के एक पुलिस अधिकारी के साथ हुए उनके बातचीत का जिक्र भी किया है। परमबीर सिंह और एसपी पाटील के बीच 16 और 19 मार्च के बीच बातचीत हुई थी।

आज महाविकास अघाड़ी के नेता करेंगे राज्यपाल से मुलाकात

आज यानी गुरुवार को महा विकास अघाड़ी के नेता राज्यपाल से मुलाकात करेंगे। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने बताया कि गुरुवार को महाविकास अघाडी (MVA) सरकार के नेता सीएम उद्धव ठाकरे की अगुवाई में राज्यपाल से मिलेंगे और सरकार का पक्ष राज्यपाल के सामने रखेंगे।

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