पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में राजस्थान की छाप: जिस सेंट्रल विस्टा का कांग्रेस ने विरोध किया, उसमें लगेगा जालोर का ग्रेनाइट-धौलपुर का स्टोन


जयपुरएक घंटा पहलेलेखक: हर्ष खटाना

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राजस्थान से इस प्रोजेक्ट में जालोर का ग्रेनाइट तथा सरमथुरा और धौलपुर के पत्थर लगेगा। ग्रेनाइट की सप्लाई तो शुरू भी हो चुकी है।

  • ताजमहल, पुरानी संसद और राममंदिर के बाद नई संसद पर भी लगेंगे हमारे यहां के पत्थर

पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट सेंट्रल विस्टा (नई संसद) का कांग्रेस देशभर में विरोध कर रही है। लेकिन अब इसी प्रोजेक्ट पर राजस्थान की छाप होगी। विरोध के बावजूद राजस्थान से इस प्रोजेक्ट में जालोर का ग्रेनाइट तथा सरमथुरा और धौलपुर के पत्थर लगेगा। ग्रेनाइट की सप्लाई तो शुरू भी हो चुकी है।

वहीं धौलपुर स्टोन का ऑर्डर मिलने की पूरी संभावना है। सेंट्रल विस्टा निर्माण से संबंधित एक दल व इंजीनियराें ने पिछले दिनाें इस प्राेजेक्ट के स्टाेन काे लेकर राजस्थान का दाैरा किया था। उन्हाेंने भरतपुर के सबसे चर्चित बंसी पहाड़पुर, बूंदी, बिजाेलिया और काेटा स्टाेन को भी परखा था, लेकिन इन्हें रिजेक्ट कर दिया गया। इन पर कर्विंग नहीं हाे सकती है। इसकी पुष्टि खान विभाग के इंजीनियराें ने की है।

केंद्र ने राज्य सरकार के लिए बंसी पहाड़पुर में खनन का रास्ता खोला था… लेकिन सेंट्रल विस्टा के लिए यहां का पत्थर रिजेक्ट हो गया

कोरोनाकाल के दौरान कांग्रेस ने सेंट्रल विस्टा के खिलाफ मोर्चा खोला था। हालांकि, अब राजस्थान से पत्थरों की सप्लाई पर खान विभाग, पुलिस-प्रशासन ने कोई एतराज नहीं जताया है। वहीं केंद्रीय पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने भी भरतपुर के बंसी पहाड़पुर में सैंड स्टोन के खनन के लिए वन भूमि के डायवर्जन की स्वीकृति जारी की थी। साथ ही इससे जुड़े अन्य मामले भी खत्म कर राज्य सरकार के लिए खनन की राह खोली थी।

इसी के बाद पत्थराें काे अयाेध्या भेजे जाने के रास्ते खुले थे। इससे पहले माना जा रहा था कि सेंट्रल विस्टा के लिए भी बंसी पहाड़पुर के पत्थरों का इस्तेमाल हुआ, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बता दें कि पुरानी संसद के भवन में भी राजस्थान के ही पत्थरों का इस्तेमाल हुआ था।

{यहां-यहां लगेंगे पत्थर: सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक 3 किमी लंबे राजपथ का सुधार होगा। अंडरपास, अंडरग्राउंड ब्लॉक आदि शामिल है। कृत्रिम तालाबों पर 12 पुल बन रहे हैं।

राजपथ पर जाने वाले लोगों को एक अद्भुत अनुभव होगा।

यह गर्व की बात कि दुनिया के हर कोने तक हमारा पत्थर पहुंच रहा है : खान मंत्री

राजस्थान खनिज संपदा का एक भंडार है। हम चाहते हैं कि इसका उपयाेग देश-दुनिया में हाे और राजस्थान का नाम हाे। खान चलाने वालाें से लेकर इससे जुड़े कारीगरों को भी प्राेत्साहन मिलता रहे। यह गर्व की बात है कि हमारा पत्थर दिल्ली से लेकर दुनिया के हर काैन तक पहुंच रहा है।
-प्रमाेद जैन भाया, खान मंत्री

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