पुणे बना देश का कोरोना हॉटस्पॉट: रहने के हिसाब से देश के दूसरे सबसे बेहतरीन शहर में क्यों मिल रहे सबसे ज्यादा कोरोना मरीज, एक्सपर्ट्स ने बताई ये 8 वजह


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पुणेएक मिनट पहलेलेखक: आशीष राय

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ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स यानी रहने के हिसाब से पुणे देश का दूसरा सबसे अच्छा शहर है। बड़ी संख्या में आईटी प्रोफेशनल और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्रीज से जुड़े लोग यहां रहते हैं। शहर की साक्षरता दर 89.45 % है। लोग यहां न सिर्फ अपने अधिकारों के प्रति सजग है, बल्कि नियमों का कड़ाई से पालन करने के लिए भी जाने जाते हैं। इन सब के बावजूद पुणे में पिछले 10 दिनों के दौरान औसतन 3 हजार के करीब केस रोज सामने आ रहे हैं।

पिछले 24 घंटे के दौरान यहां 5098 नए केस सामने आए हैं। इसी दौरान 6 लोगों की मौत भी हुई है। नए संक्रमित मरीज मिलने के मामले में यह देश में सबसे आगे है। पुणे के बाद नागपुर और मुंबई का नंबर आता है। ऐसे में संक्रमण के बढ़ने के कारणों को लेकर राज्य सरकार से लेकर स्थानीय प्रशासन भी चिंतित है।

देश के टॉप पांच शहर जहां सबसे ज्यादा केस

शहर मरीज मौत
पुणे 5098 06
नागपुर 3298 05
मुंबई 3063 10
अकोला 2194 08
नासिक 1453 04

शहर में ऐसे बढ़ी कोरोना की रफ्तार

दैनिक भास्कर ने ग्राउंड पर जाकर इन कारणों को जानने का प्रयास किया और एक्सपर्ट्स से बात कर समझा कि आखिर पुणे में कोरोना क्यों बढ़ रहा है। PCMC के मेडिकल ऑफिसर पवन साल्वे ने बताया, ‘शहर के न्यूनतम और अधिकतम तापमान में भारी अंतर की वजह से लोगों का इम्यून प्रभावित हो जाता है और फ्लू की संभावना बढ़ रही है। पिछले कुछ दिनों की जांच में सामने आया है कि इन कॉमन फ्लू से पीड़ित ज्यादातर लोग कोविड-19 पॉजिटिव मिल रहे हैं। शुक्रवार को पुणे के शिवाजी नगर में अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दोनों के बीच तकरीबन 20 डिग्री सेल्सियस का अंतर था।

अधिकतम और न्यूनतम तापमान में ज्यादा अंतर एक बड़ा कारण

डॉ. साल्वे ने यह भी बताया कि पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ में सबसे ज्यादा टेस्टिंग भी हो रही है। इस वजह से भी लोग ज्यादा संख्या में पॉजिटिव मिल रहे हैं। देश के अन्य हिस्सों में कोविड की सिर्फ कांटेक्ट ट्रेसिंग का काम हो रहा है। साल्वे ने यह भी कहा कि पुणे में बढ़ता शहरीकरण, भारी ट्रैफिक और लोगों की कोरोना को लेकर बढ़ती लापरवाही भी एक बड़ी वजह हो सकती है। वायरोलॉजिस्ट डॉ. बिपिन विभूते ने बताया कि गर्म दिन और सर्द रातों में फ्लू की संभावना काफी ज्यादा रहती है। मौसम में बदलाव और दिन में ठंडा पानी और एयर कंडीशनर (एसी) का उपयोग करने की वजह से गले में खराश, खांसी और सर्दी के लक्षण सामान्य तौर पर देखने को मिल रहे हैं।

वैक्सीन आने के बाद लोगों में कोरोना का डर कम हुआ
पुणे महानगर पालिका के डिस्ट्रिक्ट हेल्थ ऑफिसर आशीष भारती ने बताया, ‘सितंबर में आयशर और टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि कोरोना का पीक एक बार फिर बढ़ने वाला है। हमारा मानना है कि वह समय अब आ गया है। धीरे-धीरे पुणे और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में कोरोना के केस में वृद्धि होगी।’

आशीष भारती ने यह भी बताया कि लोगों में वैक्सीन आने के बाद से लापरवाही काफी ज्यादा बढ़ी है। उनके अंदर का डर कम हुआ है। सोशल गैदरिंग, शादी, घूमने-फिरने और एक दूसरे से मेलजोल फिर से बढ़ गया है। बार-बार हाथ धोने और मास्क को सही ढंग से पहनने की प्रवृत्ति कम हुई है। यह एक बड़ी वजह हो सकती है कोविड केस में वृद्धि की।

तीन इलाकों की पड़ताल

हमने भी पुणे के तीन इलाकों यानी हड़पसर, तुलसीबाग और सदाशिव पेठ इलाके में जाकर कोरोना फैलने की पड़ताल की। इन तीनों इलाकों में साधारण दिनों में भारी भीड़ रहती है।

दोपहर 2 बजे: शहर के हड़पसर इलाके में सड़कों पर गाड़ियां नजर आईं, लेकिन लोग पैदल घूमते हुए नजर नहीं आए। यहां की सब्जी मंडी में भी भीड़ बहुत कम नजर आई। आम दिनों में यहां सड़कों पर दिन के समय में भारी भीड़ नजर आती है, लेकिन आज सिर्फ सड़क किनारे खड़े ऑटो रिक्शा नजर आए।

हड़पसर इलाके में आम दिनों में भारी भीड़ नजर आती है।

हड़पसर इलाके में आम दिनों में भारी भीड़ नजर आती है।

शाम 5 बजे: शहर के तुलसीबाग इलाके में पहुंचे। यहां लगभग सभी दुकानें खुली हुई थीं और दुकानों पर अच्छी भीड़ नजर आ रही थी। हालांकि ज्यादातर लोगों ने या तो चेहरा मास्क से या फिर रुमाल से ढंका हुआ था। यहां के रहने वाले हरपाल सिंह ने कहा-सरकार के समझाने के बावजूद लोग मान नहीं रहे हैं। अगर लोग नहीं माने तो लॉकडाउन के अलावा कोई चारा नहीं बचेगा।

पुणे के तुलसीबाग इलाके में अपेक्षा के मुताबिक ही भीड़ नजर आई।

पुणे के तुलसीबाग इलाके में अपेक्षा के मुताबिक ही भीड़ नजर आई।

शाम को 7 बजे: पुणे के सदाशिव पेठ इलाके में एक फूड जॉइंट के बाहर लोग एक दूसरे से चिपक कर खड़े देखे गए। हालांकि भीड़ वाला इलाका होने के बावजूद इलाके की दुकानें खाली नजर आईं।

पुणे और पिंपरी में 1 हजार से ज्यादा माइक्रो कंटेनमेंट जोन
वर्तमान में पुणे (PMC + PCMC) में 1000 से ज्यादा माइक्रो कंटेनमेंट जोन तैयार किए गए हैं। पुणे में जिस इमारत में 5 से ज्यादा और पिंपरी में 2 से ज्यादा मरीज मिल रहे हैं, उसे माइक्रो कंटेनमेंट जोन बना दिया जा रहा है। महानगर पालिका ने बानेर, औंध, कोथरुड, बावदान, सहकारनगर और धनकवड़ी को हाई रिस्क जोन घोषित किया है। नगर निगम के लोग पूरे एरिया को सील करने की जगह उस सोसाइटी को सील कर रहे हैं, जहां केस ज्यादा आ रहे हैं।

पुणे के औंध इलाके में दिन के समय सड़कें खाली नजर आईं।

पुणे के औंध इलाके में दिन के समय सड़कें खाली नजर आईं।

ज्यादा मरीजों के होम क्वारैंटाइन होने की वजह से भी बढ़ा कोरोना
पुणे महानगर क्षेत्र (पीएमआर) में शुक्रवार सुबह तक सक्रिय कोविड-19 मरीजों की संख्या बढ़कर 30,129 तक पहुंच गई, जिसमें से 70% से अधिक मरीज होम क्वारैंटाइन हैं। हेल्थ एक्सपर्ट की माने तो ज्यादा संख्या में होम क्वारैंटाइन मरीज अपने आसपास के लोगों को संक्रमित कर रहे हैं। इन पर लगातार नजर रखना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है।

लक्ष्मीनगर इलाके में कुछ भीड़ जरूर देखने को मिली।

लक्ष्मीनगर इलाके में कुछ भीड़ जरूर देखने को मिली।

इन 8 वजहों से पुणे में बढ़े कोरोना के मामले

  1. दिन और रात के तापमान में भारी अंतर की वजह से फ्लू की संभावना बढ़ी।
  2. 70% होम क्वारेंटाइन मरीजों की लापरवाही से बढ़े केस।
  3. वैक्सीन आने के बाद लोग में कोरोना को लेकर डर कम हुआ है।
  4. पुणे में बढ़ता शहरीकरण और सड़कों पर बढ़ता ट्रैफिक।
  5. ज्यादा टेस्टिंग और सही ढंग से होने वाली कांटेक्ट ट्रेसिंग।
  6. सोशल गैदरिंग, शादी, घूमना-फिरना और एक दूसरे से मेलजोल फिर से बढ़ा।
  7. शहर में काम करने वाले ग्रामीण इलाके के रहने वालों ने गांव तक कोरोना को पहुंचाया।
  8. कोरोना के नए स्ट्रेन के ज्यादा संक्रामक होने की संभावना। हालांकि यह अभी शोध का विषय है।
हड़पसर इलाके के गाड़ीतल ब्रिज के नीचे आम दिनों में लंबा जाम देखने को मिलता है, लेकिन आज यहां सिर्फ सड़क किनारे खड़े ऑटो रिक्शा दिखे।

हड़पसर इलाके के गाड़ीतल ब्रिज के नीचे आम दिनों में लंबा जाम देखने को मिलता है, लेकिन आज यहां सिर्फ सड़क किनारे खड़े ऑटो रिक्शा दिखे।

193 देशों से ज्यादा मरीज पुणे में मिले

कोरोना के मरीजों की संख्या बताने वाली वाली वेबसाइट Worldometer के मुताबिक पिछले 24 घंटों में पुणे में जितने पॉजिटिव मरीज मिले हैं, उतने मरीज इसी दौरान दुनिया के 193 देशों में भी नहीं मिले हैं। इन देशों में ग्रीस, इजराइल, दक्षिण कोरिया, हंगरी, कनाडा, ऑस्ट्रिया, पाकिस्तान, यूएई, बांग्लादेश, स्विट्जरलैंड, साउथ अफ्रीका, कुवैत, मैक्सिको, मलेशिया, नॉर्वे और जापान जैसे बड़े देश भी शामिल हैं।

पुणे में कोरोना रोकने के लिए पाबंदियां बढ़ाई गईं

  • पुणे महानगर पालिका इलाके में सभी सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और धार्मिक गतिविधियों पर अगले आदेश तक पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
  • शादी में 50 लोगों के ही शामिल होने की परमिशन है।
  • अंतिम संस्कार जैसे कार्यक्रमों में 20 लोग शामिल हो सकते हैं।
  • पुणे पालिका क्षेत्र के (स्वास्थ्य और आवश्यक सेवाओं को छोड़कर) सभी ऑफिसों में 50% वर्कफोर्स के साथ काम करने के आदेश।
  • प्राइवेट ऑफिसेज को ज्यादातर वर्क फ्रॉम होम देने को कहा गया।
  • 31 मार्च तक पुणे में रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू रहेगा।
पुणे के तुलसी बाग इलाके में एक फूड जॉइंट के बाहर कुछ इस कदर भीड़ नजर आई।

पुणे के तुलसी बाग इलाके में एक फूड जॉइंट के बाहर कुछ इस कदर भीड़ नजर आई।

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