पड़ोसी राज्यों से महंगा है पेट्रोल-डीजल: मध्यप्रदेश की सीमा वाले पेट्रोल पंपों पर सन्नाटा; नजदीकी राज्यों से लाकर दुकानों पर बिक्री बढ़ी


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भोपाल2 घंटे पहले

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उप्र की सीमा से सटे मप्र के जिलों के पेट्रोल पंप पर ताले लग चुके हैं।

पेट्रोल-डीजल के दाम शतक के बाद भी रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। भोपाल में मंगलवार को पेट्रोल के दाम 104.65 रुपए और डीजल 95.96 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गए हैं। खास बात यह है कि उत्तरप्रदेश की तुलना में पेट्रोल के दाम मध्यप्रदेश में 12.15 रुपए ज्यादा है। हालात यह है कि उप्र की सीमा से सटे मप्र के जिलों के पेट्रोल पंप पर ताले लग चुके हैं।

लोग कुछ किलोमीटर का फासला तय कर उप्र से अपनी गाड़ी का टैंक फुल करवा लाते हैं। यही नहीं सीमा से नजदीक वाले इलाकों में पेट्रोल-डीजल की दुकानें खुल गई है। यह स्थिति मप्र में टैक्स ज्यादा होने के कारण बनी है। इसे लेकर राज्य के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा का अजीब तर्क है- ये टैक्स जनता के ही काम आएगा। पड़ोसी राज्यों से लगे जिलों में पेट्रोल पंप से ये खास रिपोर्ट

सीमाओं पर पेट्रोल के हाल… मप्र के सरकारी अफसरों की गाड़ियों में सीमा पार का पेट्रोल

मप्र-उप्र : मध्यप्रदेश की सीमा वाले पेट्रोल पंप पर सन्नाटा
दतिया की सीमा से 100 मीटर दूर उप्र में हाईवे पर पहला पेट्रोल पंप है। उप्र में मौजूद एसएम पेट्रोल पंप पर भीड़ है, जबकि मप्र की सीमा वाले पंप पर सन्नाटा। इसकी वजह है 12 रुपए का अंतर। उप्र वाले पंप पर जितने भी वाहन मिले, सभी मप्र के नंबर वाले थे। इनमें सरकारी अफसरों की गाड़ियां भी थी। दतिया के पेट्रोल पंपों की खपत दस गुना तक घट गई। कुछ पंप पर तो ताले लटक गए हैं।

मप्र-राजस्थान : वहां टैक्स कम इसलिए राजस्थान से भरवाते हैं
आगर से 7 किमी दूर राजस्थान सीमा लगती है। महज एक किमी पर राजस्थान के झालावाड़ के पंप पर भीड़ रहती है। मप्र में वैट के साथ बाकी टैक्स भी हैं, जबकि राजस्थान में टैक्स कम है। इसलिए लोग राजस्थान से ही पेट्रोल भरवाते हैं।

मप्र-छत्तीसगढ़ 10 किमी दूर से पेट्रोल भरवाने में ही फायदा
बालाघाट से सटे छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में पेट्रोल 12 और डीजल दो रु. सस्ता है। बालाघाट से राजनांदगांव का सालेवाड़ा पंप 10 किमी दूर है, इसलिए लोग वहां जाकर पेट्रोल भरवाते हैं। मप्र के पेट्रोल पंप बंद होने की कगार पर हैं।

मप्र-गुजरात : सड़क किनारे गुजरात से लाकर बेच रहे हैं पेट्रोल
झाबुआ का आखिरी पेट्रोल पंप पिटोल में है। 15 किमी दूर गुजरात के कतवारा में पहला पंप है। गुजरात में ये 11 रुपए सस्ता है। झाबुआ और आलीराजपुर में सड़क किनारे दुकानों पर कैन से पेट्रोल-डीजल बेचने वालों की संख्या भी बढ़ रही है।

मप्र-महाराष्ट्र : वहां खपत एक पंप की, यहां 6 पंप की भी नहीं
बड़वानी से आधा किमी महाराष्ट्र के खेडदिगर में भाव कम हैं। सेंधवा से महाराष्ट्र तक छह पंप हैं। इन सभी की खपत 6-8 हजार लीटर ही है, जबकि महाराष्ट्र के एक पंप पर ही 12 हजार लीटर तक खपत हो जाती है। पंप पर मप्र से सस्ते पेट्रोल के बोर्ड भी लगे हैं।

रिपोर्ट : रामू प्रजापति- दतिया, सोहन वैद्य – बालाघाट, तरुण चौहान – बड़वानी, नितिन राजावत-आगर, अहद खान-झाबुआ।

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