बयान: गांधी मैदान विस्फोट मामले की जांच कर पर हो कार्रवाई : प्रमोद चंद्रवंशी


Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

औरंगाबाद23 दिन पहले

  • कॉपी लिंक

बिहार अति पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व सदस्य प्रमोद सिंह चंद्रवंशी ने अक्टूबर 2013 में पटना के गांधी मैदान में हुए बम ब्लास्ट मामले की उच्चस्तरीय जांच करा कर गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के सुरक्षा प्रबंध में चूकने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।

श्री चंद्रवंशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस आशय के लिखे पत्र को मीडिया में साझा किया। पत्र में 27 अक्टूबर 2013 को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में हुए बम ब्लास्ट मामले की उच्चस्तरीय जांच करवा कर श्री मोदी (गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री) के सुरक्षा प्रबंध में चूक करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।

आयोग के पूर्व सदस्य ने पत्र में कहा है कि इस बम ब्लास्ट के समय केंद्र में राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस एवं अन्य दल समर्थित संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) तथा बिहार में भी राजद एवं कांग्रेस समर्थित जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की सरकार थी। उन्हें लगता है कि केंद्र सरकार के दबाव में बिहार सरकार एवं उसके गृह विभाग द्वारा इतनी बड़ी घटना की जांच नहीं कराना एक गंभीर साजिश की ओर इशारा करता है।

रैली से पूर्व बिहार सरकार के सूचना विभाग की विशेष शाखा के तत्कालीन अपर महानिदेशक कुमार राजेश चंद्र ने बिहार के गृह विभाग को सूचना दी थी कि नरेंद्र मोदी की रैली में आतंकवादी हमला संभावित है। लेकिन, इन आसूचनाओं एवं परामर्शों के बावजूद बिहार के गृह विभाग द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए।

घटना के बाद केंद्र की एक टीम ने जांच की महज औपचारिकता पूरी की। यह पहली ऐसी घटना है, जिसकी जांच बिहार के गृह विभाग के स्तर से नहीं कराई गई और सुरक्षा में ढील देने वाले किसी भी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यदि पंद्रह दिन के अंदर इस मामले की जांच करवा कर संबंधित अधिकारियों पर कार्रावाई नहीं की गई तो वह न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए बाध्य होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *