बिजली चोरी का खुलासा: शहर की घनी आबादी वाले क्षेत्रों में ड्रोन कैमरे पकड़ेंगे बिजली की चोरी, अधिकारियों को अवैध कनेक्शन नहीं मिल पाते


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धनबाद15 घंटे पहले

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फाइल फोटो

  • बिलिंग एजेंसी के सर्वे में शहर के कई इलाकों में बिजली चोरी का हुआ खुलासा
  • बिजली चाेरी धनबाद सहित पूरे राज्य की गंभीर समस्या

शहर की घनी आबादी वाले इलाकाें में ड्रोन कैमरों से बिजली चाेरी की निगरानी की तैयारी चल रही है। घनी आबादी वाले क्षेत्र, जहां बिजली चाेरी राेकना अब तक संभव नहीं हुआ, वहां ड्रोन कैमरों से बिजली चाेरी पर नजर रखी जाएगी। प्राय: देखा गया है कि घनी आबादी वाले क्षेत्र में लाेग बिजली के खंभे पर टाेंका फंसाकर बिजली चाेरी करते है। घनी आबादी हाेने की वजह से अधिकारियाें के पहुंचने से पहले लाेग चाेरी के लिए लगाया गया टाेंका खाेल लेते है। ऐसे में अधिकारियों को अवैध कनेक्शन नहीं मिल पाते।

ऐसे में एरिया बाेर्ड अंतर्गत कई इलाकाें में धड़ल्ले से बिजली चोरी हाे रही है। इसे देखते हुए रांची में याेजना की शुरुआत कर दी गई है। जल्द ही धनबाद और जमशेदपुर में भी याेजना काे लागू कर जेबीवीएनएल बिजली चाेरी पर नकेल कसने की तैयारी में है। दरअसल, बिलिंग का कार्य कर रही एजेंसी की रिपाेर्ट में बिजली चाेरी का खुलासा हुआ है। कुछ दिनाें के अंदर नई बिलिंग एजेंसी चार्ज लेने वाली है। शुरुआत दाैर के सर्वे के दाैरान नई बिलिंंग एजेंसी काे सबसे ज्यादा बिजली चाेरी हाेने वाली की जानकारी मिली है। इस पर अधिकारियाें ने बिजली चाेरी राेकने के लिए नई याेजना बनाई है, जिसमें ड्रोन कैमरे की मदद से बिजली चाेरी का पता लगाया जा सके।

बिजली चाेरी रुकी ताे बढ़ेगा जेबीवीएनएल का राजस्व

बिजली चाेरी धनबाद सहित पूरे राज्य की गंभीर समस्या है। करोड़ों रुपए का नुकसान जेबीवीएनएल काे विभिन्न माध्यमाें से हाे रहा है। ऐसे में बिजली चाेरी राेकने के लिए नई याेजना काम कर गई ताे आने वाले समय में बिजली चाेरी ताे रुकेगी, वहीं अवैध कनेक्शनधारियों पर कार्रवाई से वे वैध कनेक्शन लेने को मजबूर होंगे। इससे जेबीवीएनएल काे हर महीने करोड़ों रुपए का राजस्व प्राप्त हाेगा।

सहायक और कनीय अभियंताओं काे अपार्टमेंटों में जांच की साैंपी जिम्मेवारी

शहर के अपार्टमेंट के फ्लैटाें में हाे रही बिजली चाेरी राेकने के लिए जेबीवीएनएल की ओर से टीम का गठन किया गया है। टीम में सभी सबडिवीजन के सहायक और कनीय अभियंताओं काे शामिल किया गया है। अपने-अपने में सबडिवीजन के अफसर अभियान चलाकर अपार्टमेंट में हाे रही बिजली चाेरी पर कार्रवाई करेंगे। टीम में शामिल अधिकारी अपार्टमेंट में जाकर फ्लैटाें की संख्या के अनुसार मीटर की भी जांच करेंगे। इस दाैरान अपार्टमेंट में फ्लैटाें की संख्या और उसके अनुसार लगे मीटर की जांच के समय ही बिजली चाेरी का पता लगाया जा सकेगा।

बता दें कि शहर के 300 अपार्टमेंटों के करीब साढ़े सात हजार फ्लैटों में से लगभग 2500 में बिजली के मीटर नहीं लगे हैं। वे फ्लैट चोरी की बिजली से रोशन हो रहे हैं। दैनिक भास्कर में खबर छपने के बाद जेबीवीएनएल की ओर से बिजली चाेरी राेकने के लिए टीम का गठन किया गया है। ऑन स्पॉट बिजली बिल योजना का कार्य कर रही एजेंसी सार टेक्नाेलाॅजी के ऊर्जा मित्राें काे अपार्टमेंटों में बिल निकालने के दाैरान गड़बड़ी का पता चला।

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