बिहार के दरभंगा में मचान पर अंतिम संस्कार: बाढ़ से घिरे महिसौत गांव में चिता जलाने के लिए नहीं मिली सूखी जमीन; अनाज रखने की कोठी में करना पड़ा शवदाह


दरभंगा8 मिनट पहलेलेखक: शिवजी राय

  • कॉपी लिंक

फोटो में श्मशान घाट में मचान बनाकर मिट्टी की कोठी में अंतिम संस्कार करने की है। बाढ़ के चलते गांव का श्मशान पानी में डूब गया था।

बिहार में बाढ़ ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। दरभंगा में बाढ़ और बारिश के हालात का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि चिता चलाने के लिए भी सूखी जमीन नहीं बची है। कुशेश्वरस्थान के महिसाैत गांव में एक व्यक्ति की मौत के बाद शवदाह के लिए श्मशान घाट में मचान बनाना पड़ा। इस पर उसकी चिता सजाई गई। अंतिम परिक्रमा के लिए भी महिला के बेटों ने नाव का सहारा लिया।

जानकारी के मुताबिक, गांव में शिवनी यादव की लंबी बीमारी के बाद मौत हो गई थी। श्मशान घाट में पानी भरा हुआ था। ऐसे में पहले तो शव जलाने के लिए किसी दूसरी जगह की खोज की गई, लेकिन गांव बाढ़ के पानी से घिरा हुआ था। इसके बाद गांव के लोगों ने श्मशान घाट में ही अंतिम संस्कार करने का फैसला किया।

अंतिम संस्कार के लिए बांस का मचान, मिट्टी की कोठी
पानी में डूबे श्मशान में बांस का मचान बनाया गया। मचान के ऊपर आग जलाने के लिए घर में अनाज रखने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली मिट्टी की बड़ी कोठी रखी गई। मिट्टी से बनी इस कोठी में शिवनी का शव रखकर उसकी चिता सजाई गई। गांव के लोगों की मदद से नाव के जरिए ही शव की अंतिम परिक्रमा की गई। इसके बाद शिवनी के बेटे रामप्रताप ने पिता को मुखाग्नि दी।

सीओ ने कहा- हम क्या कर सकते हैं
गांव में शव जलाने तक के लिए जमीन न मिलने की इस घटना को सरकारी अफसर सामान्य मानते हैं। कुशेश्वरस्थान पूर्व के सीओ त्रिवेणी प्रसाद इस घटना की जानकारी न होने की बात कहते हैं, लेकिन बेहद गैर जिम्मेदारी से यह जोड़ना नहीं भूलते कि बाढ़ की परिस्थिति में हम कर भी क्या सकते हैं?

बिहार में बाढ़ से भारी तबाही, सैकड़ों घर डूबे
मुजफ्फरपुर में बूढ़ी गंडक खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। यहां बड़गांव में 500 से ज्यादा घर बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। दरअसल, गांव को बाढ़ से बचाने के लिए सरकार ने बांध बनवाया था, लेकिन पिछले साल पानी के दबाव में बांध टूट गया और भारी तबाही मची थी। इस साल बांध की ठीक से मरम्मत न होने की वजह से टूटे हुए बांध से पानी पूरे गांव में फैल गया और अब तबाही मच रही है।

बड़गांव में 500 से ज्यादा घर बूढ़ी गंडक नदी के पानी में डूब गए हैं।

बड़गांव में 500 से ज्यादा घर बूढ़ी गंडक नदी के पानी में डूब गए हैं।

खबरें और भी हैं…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *