बिहार में फंदे से लटका मिला परिवार: बाहर का गेट अंदर से और आंगन वाला दरवाजा बाहर से बंद मिला, सुसाइड से ज्यादा मर्डर का शक


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सुपौलएक घंटा पहले

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  • बिहार में सुपौल के राघोपुर की घटना, भागलपुर से पहुंची FSL की टीम ने सबूत जुटाए

बिहार के सुपौल में शुक्रवार देर रात एक ही परिवार के 5 लोगों के शव फंदे से लटके मिले। माना गया कि सभी ने खुदकुशी की है। इसकी वजह आर्थिक तंगी बताई गई। भास्कर ने मामले की पड़ताल की तो सामने आया कि सबूत और मौके की स्थितियां आत्महत्या से ज्यादा मर्डर की ओर इशारा कर रही हैं।

राघोपुर में रहने वाले 52 साल के मिश्री लाल साह, उनकी पत्नी 44 साल की रेणु देवी, 15 साल की बेटी रौशन कुमारी, 8 साल की फूल कुमारी और 14 साल के बेटे ललन कुमार के शव उनके घर में मिले थे। सभी शव नायलॉन की पतली रस्सी से लटके थे।

मिश्री लाल का वजन करीब 80 किलो और उनकी पत्नी का वजन 60 किलो था। पतली रस्सी का इतना वजन संभाल पाना सवाल खड़े कर रहा है। मरने वालों में सिर्फ 8 साल की बच्ची का शव लटकता मिला, बाकी 4 शव जमीन से टिके थे। घर का बाहर वाला गेट अंदर से बंद मिला है, लेकिन आंगन की ओर खुलने वाला गेट बाहर से बंद था।

बताया जाता है कि मिश्री लाल नशे के आदी थे। वे कोई काम भी नहीं करते थे। इसी आधार पर मामला पहले आर्थिक तंगी की वजह से खुदकुशी का समझा गया। हालांकि, सुसाइड का कोई भी आधार भास्कर की पड़ताल में सही नजर नहीं आ रहा। क्यों और कैसे? यह पढ़िए और समझिए-

आर्थिक तंगी की बात सही नहीं लगती
गद्दी वार्ड नंबर-12 में मिश्री लाल के घर के बाहर मौजूद मुखिया मो. तस्लीम समेत कई लोगों ने इस घटना की वजह आर्थिक तंगी को बताया। उनका कहना था कि मिश्री लाल 2 साल से कोई काम नहीं कर रहे थे। उन्हें शराब की लत थी। इसी चक्कर में उनकी 10 कट्‌ठा जमीन बिक चुकी थी। बची हुई 5 कट्‌ठा जमीन न बिक पाने से पैसों की किल्लत हो गई। खाने के पैसे नहीं थे, इसलिए पूरा परिवार फंदे से झूल गया।

भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि मिश्री लाल को आखिरी बार जब देखा गया तो वह सरकारी राशन की दुकान से 70 किलो अनाज लेकर आए थे। इसके लिए उन्होंने 210 रुपए दिए थे। मतलब घर में खाने का सामान न होने पर सुसाइड की बात संभव नहीं है। अगर मिश्री लाल को शराब की लत थी तो वह 70 किलो अनाज से ज्यादा शराब की फिक्र करते। इसलिए, आर्थिक तंगी का आधार सही नजर आ रहा है।

शवों की स्थिति मर्डर की ओर इशारा करती है
पांचों लोगों की मौत हुए करीब 5-6 दिन हुए होंगे। इस वजह से शवों की हालत खराब हो चुकी थी। हालांकि, शवों की स्थिति इस मामले में अहम कड़ी हो सकती है। सिर्फ 8 साल की लड़की का शव नायलॉन की रस्सी से लटक रहा था। बाकी सभी शव जमीन से टिके थे। 14 साल के ललन और 15 साल की रौशन का वजन ही यह रस्सी नहीं संभाल पा रही थी। नायलॉन होने के कारण रस्सी टूटी नहीं, लेकिन यह मुमकिन नहीं लगता कि मिश्री लाल और उनकी पत्नी रेणु के भारी शरीर का वजन यह रस्सी उठा सकती है।

4 शवों का जमीन से टिके होना भी सवाल उठाता है। इसके अलावा, एक और बड़ी बात यह है कि अगर यह सुसाइड का केस होता तो बाहर के दरवाजे को अंदर से बंद करने वाले लोग मरने से पहले आंगन की ओर खुलने वाला गेट भी अंदर से बंद करते। यह आंगन की तरफ से बंद था।

सभी ने नए कपड़े पहने थे
पुलिस ने सभी के शवों को बाहर निकाला तो सभी नए कपड़ों में थे। एक साथ 5 शव देखकर गांव के लोग गमजदा थे, लेकिन सभी ने नोटिस किया कि मिश्री लाल के दोनों बड़े भाइयों के परिवार पर इतनी बड़ी घटना का कोई असर नहीं हुआ। दोनों ही परिवार दूसरे गांव वालों की तरह यह सब देख रहे थे। परिवार में बंटवारे में मिश्री लाल को 15 कट्‌ठा जमीन मिली थी। 5 कट्‌ठे का कागज नहीं मिलने के कारण वह उसे बेच नहीं पा रहा था।

बड़ी बेटी ने लव मैरिज की थी, वही कुछ बता सकेगी
मिश्री लाल की बड़ी बेटी नीतू कुमारी ने परिवार की सहमति के बिना लव मैरिज की थी। गांव वालों ने बताया कि वह फिलहाल उत्तर प्रदेश में रह रही है। इकलौती बची बेटी का कोई पता नहीं है। मिश्री लाल का परिवार किन हालात से गुजर रहा था और सुसाइड की वजह थी भी या नहीं, यह सिर्फ उसी को पता हो सकता है।

पुलिस ने FSL टीम का इंतजार किया
सुपौल पुलिस को पता था कि ऐसे केस में फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL)टीम के आए बगैर कुछ छूना सबूतों से छेड़छाड़ हो सकता है। शनिवार को भागलपुर से FSL टीम आई और मिश्री लाल के घर का बाहरी दरवाजा खोलकर सबूत जुटाए। जांच के बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। SP मनोज कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम और बिसरा रिपोर्ट के आधार पर ही कुछ कहा जा सकेगा।

(कंटेंट सहयोग: अभयनन्द कुमार)

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