बीपी और घटती याद्दाश्त में कनेक्शन: रात में ब्लड प्रेशर बढ़ता है तो मेमोरी घटने का खतरा 1.6 गुना ज्यादा, ये 5 तरीके याद्दाश्त को सुधार सकते हैं


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10 मिनट पहले

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  • स्वीडन की उपसाला यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने रिसर्च में किया दावा
  • कहा, रात में बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर दिमाग की एक्टिविटी रोक सकता है

वैज्ञानिकों ने ब्लड प्रेशर और घटती याद्दाश्त के बीच एक कनेक्शन बताया है। रिसर्च रिपोर्ट कहती है, जिन पुरुषों में दिन के मुकाबले रात में ब्लड प्रेशर अधिक रहता है उनमें डिमेंशिया होने का खतरा 1.6 गुना ज्यादा है। डिमेंशिया यानी याद्दाश्त का लगातार कम होना और निर्णय न ले पाना।

70 साल की उम्र वाले लोगों पर हुई रिसर्च

उपसाला यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने स्वीडन के 70 साल के लोगों को स्टडी में शामिल किया। दिन और रात में इनका ब्लड प्रेशर नापा गया। रिसर्च में सामने आया कि जिनका ब्लड प्रेशर रात में बढ़ा हुआ था, उनमें डिमेंशिया का असर दिख रहा था।

इसकी वजह नहीं पता लगाई जा सकी है, लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है रात में बढ़ने वाला ब्लड प्रेशर ब्रेन की एक्टिविटी को रोक सकता है। हाई ब्लड प्रेशर के मामले ज्यादातर 50 साल की उम्र से लोगों में दिखने शुरू हो जाते हैं, जो डिमेंशिया का एक बड़ा रिस्क फैक्टर है।

दुनिया में करीब 5 करोड़ अल्जाइमर्स के मरीज हैं, इनमें से 50 से 70 फीसदी डिमेंशिया से परेशान हैं।

समझें अल्जाइमर और डिमेंशिया के बीच का फर्क
अक्सर लोग अल्जाइमर्स और डिमेंशिया के बीच फर्क नहीं कर पाते। डिमेंशिया का मतलब है मेमोरी लॉस। अल्जाइमर्स डिमेंशिया का एक प्रकार है। डिमेंशिया दो तरह का होता है। पहला, वह जिसका इलाज संभव है। दूसरा, वो जिसका कोई इलाज नहीं है यानी डीजेनरेटिव डिमेंशिया, अल्जाइमर्स भी इसी कैटेगरी की बीमारी है।

ब्रेन की ऐसी कोशिकाएं जो मेमोरी को कंट्रोल करती हैं, वे सूखने लगती हैं। जिसका असर गिरती याददाश्त के रूप में दिखता है और रिकवर करना नामुमकिन हो जाता है।

यह रोग होता कैसे है?
यह रोग मस्तिष्क में एक विशेष प्रकार के टाऊ टैंगल्स प्रोटीन के बनने से होता है। यह तंत्रिका कोशिकाओं को आपस में जोड़ने और उनके बीच होने वाली क्रियाओं में रुकावट पैदा करता है, जिससे व्यक्ति सही से संतुलन नहीं बना पाता। कुछ लोगों में यह आनुवांशिक भी होता है। शारीरिक रूप से एक्टिव न रहना, मोटापा, डायबिटीज, सिर पर चोट लगना, सुनने की क्षमता का कमजोर होना, इस रोग की कुछ वजह हैं।

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