ब्रोकरेज फर्म का अनुमान: दो-तीन महीने तक सब्जियों पर खर्च करने होंगे कम पैसे, जनवरी में भी महंगाई दर कम होकर 4.5% रहने की उम्मीद


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नई दिल्ली18 मिनट पहले

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दिसंबर 2020 में महंगाई दर घटकर 4.59% रह गई थी। इस महीने खाने-पीने के सामान के दाम में बढ़ोतरी की दर घटकर 16 महीनों के निचले लेवल 3.87% पर आ गई थी।

  • फूड एंड बेवरेज सेगमेंट में महंगाई दर में बदलाव की उम्मीद नहीं
  • थोक महंगाई दर दिसंबर के मुकाबले घटकर 1% पर आ सकती है

आने वाले एक-दो महीनों तक आपको सब्जियों समेत खाने-पीने की अन्य वस्तुओं पर ज्यादा पैसा खर्च नहीं करना होगा। इसका कारण यह है कि इन वस्तुओं की कीमत में अभी मंदी जारी रहने का उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्म निर्मल बंग ने अनुमान जताया है कि जनवरी 2021 में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) या महंगाई दर 4.50% से 4.59% रह सकती है। सब्जियों की कीमतों में कमी रहने के कारण महंगाई दर कम रह सकती है।

फूड एंड बेवरेज महंगाई में बदलाव की उम्मीद नहीं

निर्मल बंग की रिपोर्ट के मुताबिक, फूड एंड बेवरेज महंगाई में ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है। इस सेगमेंट में जनवरी में महंगाई दर 3.82% रह सकती है। दिसंबर 2020 में फूड एंड बेवरेज सेगमेंट में महंगाई दर 3.87% थी। आपको बता दें कि दिसंबर 2020 में महंगाई दर घटकर 4.59% रह गई थी। इस महीने खाने-पीने के सामान के दाम में बढ़ोतरी की दर घटकर 16 महीनों के निचले लेवल 3.87% पर आ गई थी। दिसंबर में सब्जियों के दाम में सालाना आधार पर 10.41% की तेज गिरावट आई थी। यह पहला मौका था जब महंगाई मार्च 2020 के बाद RBI की तरफ से तय 4% और उसके 2% ऊपर और नीचे की टारगेट रेंज में आ गई है।

इक्रा ने भी जताया है महंगाई दर घटने का अनुमान

रेटिंग एजेंसी इक्रा ने भी जनवरी 2020 में महंगाई दर घटने का अनुमान जताया है। एजेंसी की प्रिंसिपल इकनॉमिस्ट अदिति नायर के मुताबिक, महंगाई जनवरी 2021 में भी घट सकती है। जनवरी के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, सब्जियों के दाम में गिरावट जारी रह सकती है। लेकिन इस दौरान खासतौर पर रसोई में इस्तेमाल होने वाले तेलों का दाम बढ़ सकता है। क्रूड ऑयल के दाम में आ रही तेजी का थोड़ा बहुत असर घरेलू बाजार में फ्यूल की कीमत पर पड़ेगा। इससे महंगाई में बढ़ोतरी की चिंता बढ़ेगी।

इनपुट कॉस्ट बढ़ने से CPI पर दबाव बनेगा

कोर CPI महंगाई दिसंबर 2020 की 5.69% से घटकर जनवरी 2021 में 5.40% पर आ सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जनवरी 2021 में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी रही है। जबकि सोने की कीमतों में मामूली गिरावट रही है। हालांकि, इकोनॉमी के खुलने के बावजूद मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज सेक्टर में इनपुट कॉस्ट बढ़ने से कोर CPI पर दबाव बन सकता है।

1% रह सकता है होलसेल प्राइस इंडेक्स

रिपोर्ट के मुताबिक, होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) यानी थोक महंगाई दर दिसंबर की 1.22% के मुकाबले जनवरी 2021 में 1% रह सकती है। खाद्य पदार्थों की कीमतों में कमी से इसमें गिरावट आ सकती है। दिसंबर 2020 की 3.31% के मुकाबले कोर WPI जनवरी 2021 में बढ़कर 3.57% पर जा सकती है।

औद्योगिक उत्पादन में आ सकती है गिरावट

औद्योगिक उत्पादन के मोर्चे पर थोड़ी निराशा हो सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर 2020 में इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) 0% रह सकता है। नवंबर 2020 में यह 1.9% था। दिसंबर में IHS मार्किट का मैन्युफैक्चरिंग PMI 56.4 पॉइंट रह सकता है। नवंबर 2020 में यह 56.3% था। कोर इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री का आउटपुट दिसंबर में 1.4% गिर सकता है। नवंबर में इसमें 1.3% की गिरावट रही थी।

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