ब्लड डोनेशन के लिए फ्री वैक्सीनेशन: लॉकडाउन में ब्लड की कमी हुई तो जयपुर के जनाना अस्पताल ने निकाली स्कीम; 6 दिन में 60 प्रसूताओं की जान बची


जयपुरएक घंटा पहलेलेखक: अर्पित शर्मा

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कोरोना संक्रमण और वैक्सीनेशन के बीच ब्लड डोनेशन कैंप नहीं लगने से अस्पतालों में खून की कमी हो गई है। इसके चलते सबसे ज्यादा दिक्कत प्रसूताओं (प्रेगनेंट महिलाएं) और थैलेसीमिया के मरीजों को हो रही है। जयपुर के ब्लड बैंकों में भी खून की कमी हुई तो यहां के जनाना अस्पताल ने एक अनोखी स्कीम निकाली। अस्पताल ने वैक्सीनेशन को ब्लड डोनेशन से जोड़ दिया।

जनाना अस्पताल में 45+ वालों का ही वैक्सीनेशन होता है, लेकिन मैनेजमेंट ने मरीजों की जान बचाने के लिए 18+ वालों के लिए भी स्कीम निकाली। अस्पताल प्रबंधन ने 6 दिन का कैंप लगाकर 18+ के 60 लोगों को फ्री टीका लगाया, लेकिन इससे पहले इन लोगों से रक्तदान कराया गया। इससे करीब 60 प्रसूताओं की जान बच गई।

लॉकडाउन के चलते ब्लड की कमी थी
जनाना अस्पताल की अधीक्षक, डॉ. पुष्पा नागर ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से ब्लड की काफी कमी आ गई थी। ऐसे में 18+ के लोगों के लिए वैक्सीनेशन की विशेष परमिशन लेकर उनसे पहले ब्लड डोनेट करवाया गया और फिर उन्हें वैक्सीन लगाई गई।

ब्लड बैंक के टेक्निकल सुपरवाइजर महेश शर्मा ने बताया कि एक यूनिट ब्लड से प्लेटलेट्स, प्लाज्मा और पीआरबीसी मिलते हैं। ऐसे में ब्लड डोनेशन कैंप के जरिए अस्पताल में जो ब्लड जमा हुआ उसमें से जनाना अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं को ब्लड चढ़ाने के साथ ही SMS अस्पताल में थैलेसीमिया और कैंसर से पीड़ित गंभीर मरीजों के लिए भी ब्लड भेजा गया। जनाना अस्पताल में रोज करीब 20 यूनिट ब्लड की खपत है, लेकिन कोरोनाकाल में रोज 10-12 यूनिट ही मिल रहा था। ऐसे में 6 दिन के अभियान में 60 यूनिट ब्लड ज्यादा मिला है।

स्टूडेंट्स ने जुटाया 2200 यूनिट ब्लड
अस्पतालों के अलावा सामाजिक और छात्र संगठन भी ब्लड के इंतजामों में लगे हुए हैं। पिछले 2 महीने में एबीवीपी ने प्रदेशभर में कैंप लगाकर करीब 2200 यूनिट ब्लड इकट्ठा किया है। इस बीच लॉकडाउन के दौरान भी छात्रों ने कैंपों में जाकर ब्लड डोनेट किया है।​​​​​​

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